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फ्लाईदुबई विमान अपहरण साजिश के पीछे ईरान की भूमिका मानते हैं डोनाल्ड ट्रंपअमेरिका
6 अक्तू॰ 2026, 7:27 am (24 दिन पहले)· 1

फ्लाईदुबई विमान अपहरण साजिश के पीछे ईरान की भूमिका मानते हैं डोनाल्ड ट्रंप

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका निजी तौर पर मानना है कि फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने के प्रयास के पीछे ईरान का हाथ है।

दुबई से तेल अवीव की उड़ान पर निकले फ्लाईदुबई के विमान में कॉकपिट के भीतर हुई हिंसक वारदात को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने साफ किया कि उनकी निजी राय में इस पूरी साजिश के पीछे ईरान का हाथ है। जब उनसे सीधा सवाल किया गया कि क्या वे इस घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार मानते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में हामी भरी कि वे व्यक्तिगत रूप से ऐसा ही मानते हैं। इस पूरे मामले की आधिकारिक जांच अभी जारी है।

कॉकपिट में खूनी संघर्ष और विमान पर कब्जे की साजिश

यह सनसनीखेज घटना 30 सितंबर को घटी, जब फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 दुबई से इजरायल के तेल अवीव शहर के लिए रवाना हुई थी। विमान को बाहर से किसी आतंकी तत्व ने नहीं, बल्कि विमान के भीतर मौजूद ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने ही बंधक बनाने का प्रयास किया। को-पायलट ने एक खौफनाक मंसूबे के तहत भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर अचानक पीछे से वार कर दिया। हमले के लिए उसने कॉकपिट में आपातकालीन सुरक्षा के लिए रखे गए छोटे हथौड़े का इस्तेमाल किया और कैप्टन के सिर पर जोरदार प्रहार करके उन्हें बुरी तरह लहूलुहान कर दिया।

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भारतीय कैप्टन की दिलेरी और यात्रियों का मोर्चा

गंभीर चोटों और खून से लथपथ होने के बाद भी कैप्टन स्मित मच्छार ने अपना होश नहीं खोया। अत्यधिक संकट की घड़ी में उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट का सुरक्षित दरवाजा अंदर से खोल दिया। दरवाजा खुलते ही केबिन में मौजूद यात्रियों और यात्रा कर रहे ऑफ ड्यूटी केबिन क्रू ने तुरंत मोर्चा संभाला और हमलावर को-पायलट हमाम अल-हमामी पर टूट पड़े तथा उसे पूरी तरह काबू में कर लिया। संघर्ष के उस भयावह दौर में विमान अचानक तेजी से गोता लगाते हुए लगभग 16 हजार फीट नीचे आ गिरा था।

सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित आपात लैंडिंग

विमान जब आसमान में बेकाबू स्थिति की तरफ बढ़ रहा था, तभी उसी फ्लाइट में सफर कर रहे एक अन्य ऑफ ड्यूटी पायलट ने कमान अपने हाथों में ली। उन्होंने स्थिति को संभालते हुए विमान को स्थिर किया और नजदीकी हवाई अड्डे की तरफ मोड़ दिया। इसके बाद सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर विमान की सकुशल इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सूझबूझ और सामूहिक बहादुरी की बदौलत विमान में सवार सभी 174 यात्री पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए और एक भीषण त्रासदी टल गई।

गगनचुंबी इमारत से टकराने का था भयानक इरादा

पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के अनुसार आरोपी को-पायलट ने अपने बेहद खतरनाक मंसूबों का खुलासा किया। उसकी प्रारंभिक योजना विमान को सामान्य ढंग से उड़ाते हुए कैप्टन स्मित मच्छार को पूरी तरह निष्क्रिय करने की थी ताकि पूरा नियंत्रण उसके हाथ में आ जाए। इसके बाद वह इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति मांगकर वहां खड़े विमानों अथवा किसी प्रमुख इमारत से पूरे विमान को सीधे टकराना चाहता था।

मामले की तफ्तीश से जुड़े विवरणों के अनुसार आरोपी ने तेल अवीव की किसी गगनचुंबी इमारत से विमान को भिड़ाने का षड्यंत्र रचा था। जब कॉकपिट में संघर्ष के दौरान उसकी यह योजना नाकाम होने लगी, तो उसने विमान को सीधे रेगिस्तान में क्रैश कराने की कोशिश की। जांच अधिकारियों को इस बात का भी गहरा संदेह है कि को-पायलट ने विमान के दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति करने वाले मुख्य स्विच को जानबूझकर बंद कर दिया था। हालांकि कैप्टन स्मित मच्छार के शौर्य और यात्रियों की फुर्ती ने इस पूरी तबाही को नाकाम कर दिया।

सवाल-जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई घटना के बारे में क्या बयान दिया?
व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे व्यक्तिगत तौर पर मानते हैं कि फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने की कोशिश के पीछे ईरान का हाथ है।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 पर हमला कब और कहां हुआ था?
यह घटना 30 सितंबर को घटी, जब विमान दुबई से तेल अवीव की यात्रा पर था।
विमान के पायलट पर किसने हमला किया था?
विमान के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर सुरक्षा के लिए रखे छोटे हथौड़े से हमला किया था।
कैप्टन स्मित मच्छार ने संकट के समय क्या कदम उठाया?
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और ऑफ ड्यूटी क्रू ने हमलावर को काबू कर लिया।
विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कहां कराई गई?
विमान में सवार एक ऑफ ड्यूटी पायलट ने कमान संभालकर सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सभी 174 यात्रियों को सुरक्षित लैंड कराया।
आरोपी को-पायलट का क्या इरादा था?
वह विमान को पूरी तरह नियंत्रित कर इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट या तेल अवीव की किसी इमारत से टकराना चाहता था।
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