रूसी डीजल आयात पर लगे प्रतिबंधों को वापस लेने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कदम ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप के इस रुख के खिलाफ अब उनकी अपनी ही पार्टी के भीतर से असंतोष के सुर मुखर होने लगे हैं। रिपब्लिकन सांसद ब्रायन फिट्जपैट्रिक ने प्रशासन के इस फैसले को पलटने के मकसद से एक द्विदलीय विधेयक संसद में पेश करने का ऐलान किया है। इस विधायी मुहिम को अपनी ही पार्टी के एक अन्य प्रभावशाली सांसद डॉन बेकन का भी सीधा समर्थन हासिल हो चुका है, जो इस प्रस्तावित मसौदे के शुरुआती सह-प्रस्तावक बनने के लिए सहमत हो गए हैं।
विधेयक का नामकरण और विधायी रणनीति
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ‘कांग्रेसनल यूक्रेन कॉकस’ के सह-अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे ब्रायन फिट्जपैट्रिक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी कार्ययोजना साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विधायी प्रस्ताव का मुख्य लक्ष्य रूस से किसी भी स्वरूप में होने वाली तेल खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करना है। फिट्जपैट्रिक ने इस प्रस्तावित कानून को ‘रोनाल्ड रीगन पीस थ्रू स्ट्रेंथ एक्ट’ नाम देने की जानकारी दी है। इसके साथ ही उन्होंने सदन में इस प्रस्ताव पर तुरंत मतदान सुनिश्चित कराने के लिए एक विशेष संसदीय प्रक्रिया अपनाने की बात भी कही। सांसद का मानना है कि सदन के पटल पर इस विधेयक को दोनों दलों के सदस्यों का व्यापक समर्थन प्राप्त होगा।
पार्टी सांसदों का समर्थन और तकनीकी चुनौतियां
नेब्रास्का का प्रतिनिधित्व करने वाले रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन ने भी इस विधायी कदम का खुलकर साथ दिया है। बेकन ने एक्स पर लिखा कि वे इस विधेयक के प्रारंभिक सह-प्रस्तावक बनने के लिए पहले ही अपनी रजामंदी दे चुके हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी कांग्रेस को राष्ट्रपति के इस कदम के खिलाफ अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट और दो-टूक रखनी चाहिए। हालांकि, जानकारों के अनुसार इस कानून को पारित कराना आसान नहीं होगा। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का मौजूदा कार्यकाल आगामी जनवरी में समाप्त हो रहा है। ऐसे में सांसदों के समक्ष समय की भारी कमी है, जिससे सदन में बहस और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के रास्ते में बाधाएं आ सकती हैं। नतीजतन, इस विधायी पहल के एक कड़े राजनीतिक संदेश तक सीमित रह जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
पुतिन से वार्ता के बाद हुआ था आपूर्ति का ऐलान
विवाद की जड़ में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुक्रवार को की गई एक अहम घोषणा है, जो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी फोन पर हुई बातचीत के बाद सामने आई थी। ट्रंप के अनुसार, इस द्विपक्षीय बातचीत के दौरान एक समझौता हुआ था, जिसके तहत अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बाजार में त्वरित रूप से तीन लाख टन रूसी डीजल की आपूर्ति की जानी है। रूस से भारी मात्रा में डीजल मंगाने के इसी निर्णय ने अब अमेरिकी सांसदों के बीच नीतिगत मतभेदों को सतह पर ला दिया है।



















