घर पर पार्टी के लिए बनाएं कुरकुरा सोया चंक्स, आसान तरीके से तैयार होगा चटपटा स्टार्टरगूगल के नए प्लेग्राउंड टूल से बिना कोडिंग मिनटों में गेम तैयार, लेकिन एआई का दोहराव बना सिरदर्दबगहा में कलश यात्रा के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत, दर्जन भर से ज्यादा झुलसेदिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट में गैजेट से उठा धुआं, हैदराबाद में हुई सुरक्षित लैंडिंगचेन्नई में 13 हजार करोड़ की सौगात के बीच सीएम विजय ने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने रखीं 6 बड़ी मांगेंशादी की खरीदारी से लेकर स्ट्रीट फूड तक, रांची का यह बहुमंजिला बाजार बना परिवारों की पहली पसंदबस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत: कांटों के झूले पर देवी स्वरूप कन्या से राजपरिवार ने मांगी अनुमतित्योहारी सीजन की शुरुआत में ऑनलाइन शॉपिंग का नया रिकॉर्ड, पहले 48 घंटों में हुई 24,000 करोड़ रुपये की धमाकेदार बिक्रीराजस्थान के बूंदी जिला अस्पताल में सफाईकर्मियों का कार्य बहिष्कार, बकाया मानदेय को लेकर मुख्य द्वार पर प्रदर्शनरेड बॉल क्रिकेट में स्लिप के महारथी, इन पांच दिग्गजों ने लपके हैं सबसे ज्यादा कैच
गुवाहाटी में ट्रकों के ईंधन टैंकों से 43 करोड़ रुपये की नशीली गोलियां जब्त, दो तस्कर गिरफ्तारअसम
11 अक्तू॰ 2026, 5:50 pm (1 घंटे पहले)· 0

गुवाहाटी में ट्रकों के ईंधन टैंकों से 43 करोड़ रुपये की नशीली गोलियां जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गुवाहाटी में दो ट्रकों के ईंधन टैंकों में छिपाकर ले जाई जा रही 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद कर दो लोगों को हिरासत में लिया है।

असम के गुवाहाटी में मादक पदार्थों की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय तस्करी की साजिश को नाकाम किया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की गुवाहाटी इकाई ने खुफिया सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रकों के ईंधन टैंकों में विशेष गुप्त कैविटी बनाकर छिपाकर लाई जा रही 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और डब्ल्यूवाई गोलियां बरामद की हैं। अवैध बाजार में इस नशीली खेप की अनुमानित कीमत करीब 43 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह मादक पदार्थ म्यांमार से तस्करी कर लाए जाने का संदेह है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।

ईंधन टैंकों में बनाई गई थीं विशेष गुप्त जगहें

खुफिया जानकारी के आधार पर केंद्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसी के दल ने 6 अक्टूबर को संदिग्ध मार्ग पर निगरानी बढ़ाते हुए दो ट्रकों को रोका। दोनों भारी वाहनों की बेहद गहन और व्यवस्थित तरीके से तलाशी ली गई। जांच अधिकारियों ने पाया कि ट्रकों के सामान्य ईंधन टैंकों में आंतरिक बदलाव किए गए थे और उनके भीतर बेहद शातिराना तरीके से गुप्त खाने बनाए गए थे। इन कैविटीज को केवल इसलिए तैयार किया गया था ताकि सुरक्षा और जांच एजेंसियों की नजरों से बचकर नशीले पदार्थों को गुप्त रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचाया जा सके। इन टैंकों से पूरी खेप सुरक्षित बाहर निकाल ली गई और वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया गया।

ये भी पढ़ें

मणिपुर के दो आरोपी हिरासत में, पूरे सिंडिकेट पर जांच तेज

मौके से पकड़े गए दोनों तस्कर मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के रहने वाले हैं। अधिकारियों ने प्रतिबंधित खेप की बरामदगी के तुरंत बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी का मानना है कि इस बड़ी बरामदगी से मादक पदार्थों के एक प्रमुख नेटवर्क की कमर टूटी है। अब जांचकर्ता इस पूरे गिरोह के अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स, देश के भीतर खेप प्राप्त करने वाले खरीदारों, नेटवर्क को फंड करने वाले फाइनेंसरों, माल ढोने वाले ट्रांसपोर्टरों, हैंडलर्स और अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटे हैं। इस पूरी आपूर्ति श्रृंखला का सिरा तलाश कर पूरे रैकेट को जड़ से खत्म करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।

फरार आरोपियों के खिलाफ विशेष पखवाड़ा अभियान

एनडीपीएस मामलों में लंबे समय से कानून से बच रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत भी बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस विशेष पखवाड़े के दौरान एजेंसी ने छह प्रमुख वांछित आरोपियों को दबोचा है। पकड़े गए इन आरोपियों में से दो असम के निवासी हैं, जबकि एक-एक आरोपी बिहार, मध्य प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा का रहने वाला है। एजेंसी ने इन गिरफ्तारियों को कानूनी प्रक्रिया से बचने वालों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने की दिशा में एक ठोस कदम बताया है, जिससे यह साफ होता है कि भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर लंबित मामलों में आरोपियों का पीछा किया जा रहा है।

पूर्वोत्तर में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा मोर्चा

असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रवर्तन अभियान केवल किसी एक जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य पूरे तस्करी तंत्र को नेस्तनाबूद करना है। इसमें सीमा पार के स्रोत, ट्रांजिट मार्ग, फाइनेंसर, लॉजिस्टिक्स मुहैया कराने वाले लोग, वितरक और प्रमुख संचालक शामिल हैं। चूंकि यह अवैध कारोबार संगठित और सीमा पार प्रकृति का है, इसलिए एजेंसी राज्य पुलिस, एएनटीएफएस, असम राइफल्स, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, सीमा शुल्क, डीआरआई, एनआईए और ईडी जैसी संस्थाओं के साथ वास्तविक समय पर खुफिया जानकारी साझा कर रही है ताकि इन तस्कर नेटवर्कों के वित्तीय और लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचे पर सीधा प्रहार किया जा सके।

सवाल-जवाब

गुवाहाटी में कितनी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया गया?
जांच अधिकारियों ने ट्रकों से 53.937 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और डब्ल्यूवाई गोलियां बरामद की हैं।
जब्त की गई इस नशीली खेप की बाजार में कीमत कितनी है?
अवैध बाजार में इस नशीली सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 43 करोड़ रुपये आंका गया है।
ट्रकों में नशीला पदार्थ किस तरह छिपाया गया था?
तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए दोनों ट्रकों के ईंधन टैंकों में विशेष रूप से गुप्त कैविटी तैयार की थीं।
इस मामले में किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के रहने वाले दो तस्करों को इस जब्ती के सिलसिले में मौके से गिरफ्तार किया गया है।
नशीली गोलियों के कहां से लाए जाने का संदेह है?
अधिकारियों को संदेह है कि बरामद की गई यह नशीली खेप म्यांमार से तस्करी करके लाई गई थी।
फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में कितने लोग पकड़े गए?
एनडीपीएस मामलों में वांछित छह प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो असम, बिहार, मध्य प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा के हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·8 मिनट पहले

ट्रक के टैंक में ड्रग्स छिपाने का यह तरीका देखकर तो किसी थ्रिलर फिल्म की याद आ गई। जब मैं पिछली बार गुवाहाटी गई थी, तब वहां के शांत रास्ते देखकर कभी नहीं लगा था कि ऐसा कुछ हो रहा होगा। दो लोगों का पकड़ा जाना बताता है कि नेटवर्क कितना बड़ा है।

Ravikash Gupta@ravikash·28 मिनट पहले

ट्रकों के ईंधन टैंकों में ऐसे नशीले पदार्थ छिपाकर ले जाना वाकई हैरान करने वाला है। म्यांमार सीमा से चल रहे इस बड़े ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश होना अच्छा हुआ, वरना ये खेप जाने कहाँ-कहाँ पहुँच जाती।

Ananya Iyer@ananya-iyer·28 मिनट पहले

रवि जी, बिल्कुल सही कहा आपने। ट्रक के टैंक में ड्रग्स छुपाने का यह तरीका देखकर तो दिमाग सुन्न हो गया, शुक्र है एनसीबी ने समय पर पकड़ लिया।

Karan Malhotra@karan-malhotra·57 मिनट पहले

ट्रक के टैंक में ड्रग्स छुपाने का तरीका गजब है, पर एनसीबी की नजरों से बच नहीं पाए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·57 मिनट पहले

करण भाई, तरीका तो शातिर था ही, तभी तो म्यांमार से यहां तक ले आए। सिर्फ छुपने की बात नहीं, पूरा सिंडिकेट हिला है.

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp