अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपने नाम पर विचार न किए जाने को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज में शुक्रवार को आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान कई वैश्विक युद्धों को टालने और करोड़ों जिंदगियां बचाने के आधार पर उन्हें कम से कम आठ बार नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। इस दौरान उन्होंने पुरस्कार चयन समिति और नॉर्वे पर तीखा हमला बोला।
भारत, पाकिस्तान और वैश्विक शांति प्रयासों का किया जिक्र
जनसभा में अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों परमाणु संपन्न देशों को एक भीषण सैन्य टकराव में उलझने से रोककर उन्होंने करोड़ों लोगों के जीवन की रक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि उनके कूटनीतिक कदमों की वजह से दुनिया भर में कुल आठ युद्धों को रोका गया।
ट्रंप ने अपने भाषण में आगे कहा कि वह दो अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संघर्षों, जिनमें ईरान का मुद्दा और रूस-यूक्रेन युद्ध शामिल हैं, को भी पूरी तरह समाप्त कराने की दिशा में लगातार सक्रियता से काम कर रहे हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोका, जिससे पूरे पश्चिम एशिया और आसपास के विशाल क्षेत्रों को भारी तबाही से बचाया जा सका। राष्ट्रपति के अनुसार, उन्होंने इतिहास के किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में सबसे अधिक लोगों की जान बचाई है।
पुरस्कार चयन प्रक्रिया और नॉर्वे पर गंभीर आरोप
पुरस्कार समिति के निर्णय पर असंतोष व्यक्त करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके नेतृत्व वाले अमेरिका को यह वैश्विक सम्मान दिया जाना चाहिए था। उन्होंने इसे एक अत्यंत अपमानजनक फैसला करार दिया और कहा कि यह फैसला लेने वालों के साथ-साथ नॉर्वे के माथे पर हमेशा एक कलंक की तरह बना रहेगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि एक खास विचारधारा से जुड़े लोगों के समूह ने नोबेल शांति पुरस्कार की साख को स्थायी नुकसान पहुंचाया है।
दक्षिण अफ्रीकी मूल की संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख नवनेथम 'नवी' पिल्लई को इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने पर भी ट्रंप ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एक ऐसी हस्ती को यह सम्मान दे दिया गया जिसके बारे में पहले कभी किसी ने सुना तक नहीं था। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह इसके बावजूद उन्हें बधाई देते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपतियों का नोबेल इतिहास और ट्रंप का रुख
ऐतिहासिक रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के चार राष्ट्रपतियों को अब तक नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। इनमें थियोडोर रूजवेल्ट, वुडरो विल्सन, जिमी कार्टर और बराक ओबामा के नाम शामिल हैं। बराक ओबामा को वर्ष 2009 में राष्ट्रपति पद संभालने के पहले ही साल इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया था।
ट्रंप पूर्व में भी बराक ओबामा को नोबेल पुरस्कार दिए जाने के निर्णय की आलोचना करते रहे हैं। उनका मानना रहा है कि ओबामा को बिना कोई ठोस उपलब्धि हासिल किए ही यह पुरस्कार दे दिया गया था, जबकि उनके अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड और आठ संघर्षों को रुकवाने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया।



















