अमेरिकी राज्य फ्लोरिडा की राजधानी तल्लाहासी में शनिवार रात वीकेंड की चहल-पहल अचानक चीख-पुकार में बदल गई, जब फ्लोरिडा ए एंड एम यूनिवर्सिटी परिसर के ब्रैग स्टेडियम से कुछ ही दूरी पर अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। स्थानीय समयानुसार रात आठ बजे से ठीक पहले पेरी स्ट्रीट और मैनाटी एवेन्यू के चौराहे पर हुए इस हमले में कुल 12 लोग घायल हुए हैं। अफरातफरी भरे इस माहौल में गोलियों की चपेट में आकर 11 लोग जख्मी हुए, जिनमें छह नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं, जबकि एक पीड़ित की बुजुर्ग दादी जान बचाने के लिए भागते समय गिरकर चोटिल हो गईं।
पेरी और मैनाटी चौराहे पर विवाद के बाद खूनी टकराव
जांच अधिकारियों के शुरुआती विवरण के अनुसार, यह वारदात अचानक नहीं भड़की बल्कि हथियारों के इस्तेमाल से पहले मौके पर दो पक्षों के बीच तीखी हाथापाई हुई थी। सड़क पर शुरू हुआ यह झगड़ा कुछ ही पलों में हिंसक मोड़ ले बैठा और बंदूकों से गोलियां चलने लगीं। चौराहे के आसपास मौजूद लोगों को जब तक संभलने का मौका मिलता, तब तक कई राहगीर और बच्चे गोलियों की चपेट में आ चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही तल्लाहासी पुलिस विभाग की वायलेंट क्राइम्स यूनिट ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली और जांच की कमान अपने हाथों में ले ली।
अस्पतालों में भर्ती घायलों की स्थिति
वारदात के बाद राहत और बचाव दलों ने सभी पीड़ितों को तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया। स्थानीय पुलिस प्रशासन के अनुसार, शनिवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तक तीन घायलों की हालत नाजुक बनी हुई थी और वे सघन चिकित्सा कक्ष में जिंदगी की जंग लड़ रहे थे, जबकि बाकी नौ घायलों की स्थिति स्थिर बताई गई है। चिकित्सकों की देखरेख में छह वयस्क और छह नाबालिगों का इलाज चल रहा है। घटना के दौरान मची भगदड़ में घायल हुई बुजुर्ग महिला को भी तत्काल जरूरी प्राथमिक उपचार दिया गया।
सड़क पर उतरकर जान बचाने वाले जवानों की बहादुरी
तल्लाहासी पुलिस प्रमुख लॉरेंस रेवेल ने इस खूनी हमले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए विशेषकर मासूम बच्चों को निशाना बनने पर भारी चिंता जताई। पुलिस प्रमुख ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह जानकर बहुत दुख होता है कि घायलों में बच्चे भी शामिल हैं।" उन्होंने अपने बयान में उन जांबाज पुलिस अधिकारियों की सराहना की जिन्होंने गोलियों की गूंज शांत होने से पहले ही घटनास्थल पर कदम रख दिया था। अधिकारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को तुरंत सुरक्षित निकाला और अस्पताल पहुंचाया। रेवेल ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
हमलावरों की तलाश और फॉरेंसिक पड़ताल तेज
वायलेंट क्राइम्स यूनिट के जासूस फिलहाल मौके से मिले कारतूसों के खोखे, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों का मिलान कर रहे हैं। पुलिस ने आम जनता और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास भी इस विवाद या संदिग्ध हमलावरों से जुड़ा कोई वीडियो या जानकारी हो, तो वे जांच टीम की मदद के लिए तुरंत आगे आएं। प्रशासन का कहना है कि यह प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया ब्योरा है और साक्ष्य मिलने के साथ-साथ मामले में नई जानकारियां सामने आ सकती हैं।


















