अन्तरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो महत्वपूर्ण वैश्विक नेताओं के साथ उच्च स्तरीय वार्ता आयोजित की है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय चर्चा की और उसके तुरंत बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आगवानी की। अमेरिकी प्रशासन ने पुष्टि की है कि दोनों ही सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो गए हैं और बैठकों का माहौल काफी सकारात्मक रहा। हालांकि, मीडिया की पहुंच से दूर आयोजित इन गुप्त वार्ताओं में दोनों पक्षों के बीच क्या ठोस समझौते हुए, इसका आधिकारिक विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
वाशिंगटन में उच्च स्तरीय बैठकें और प्रशासनिक प्रतिनिधिमंडल
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय द्वारा साझा की गई तस्वीरों और अमेरिकी प्रशासन के बयानों से स्पष्ट होता है कि यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण थी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सहित वाशिंगटन के कई उच्च पदस्थ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद थे। यह महत्वपूर्ण बैठक पूरी तरह से बंद कमरे में आयोजित की गई थी, जिससे प्रेस प्रतिनिधियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
हालांकि दोनों देशों के अधिकारियों ने बातचीत का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया है, लेकिन रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उच्च स्तरीय चर्चा का प्राथमिक एजेंडा काफी विस्तृत था। इसमें अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी व्यापक सैन्य तनाव के साथ-साथ लेबनान तथा गाजा पट्टी में इज़राइली सैन्य अभियानों की वर्तमान स्थिति पर प्रमुखता से विचार-विमर्श किया गया।
पैट्रियट मिसाइल उत्पादन पर ज़ेलेंस्की का प्रस्ताव
इजरायल के प्रधानमंत्री के साथ होने वाली बैठक से ठीक पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक विशेष प्रस्ताव रखा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ उस लाइसेंसिंग समझौते पर गहराई से चर्चा की, जिसके तहत यूक्रेन अपने ही क्षेत्र में पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का निर्माण कर सके।
ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि उनकी बातचीत का मुख्य ध्यान पैट्रियट मिसाइल प्रणाली के स्थानीय उत्पादन पर केंद्रित था, हालांकि उन्होंने यह पुष्टि नहीं की कि इस संबंध में किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं या नहीं। उल्लेखनीय है कि मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिकी सशस्त्र बलों ने अपनी सबसे उन्नत और खर्चीली हथियार प्रणालियों का व्यापक उपयोग किया है। इनमें पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें प्रमुख हैं, जिनका इस्तेमाल तेहरान की ओर से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज़ मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन को बेअसर करने के लिए बड़े पैमाने पर किया गया है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर ईरान का आक्रामक रुख
एक तरफ जहां वाशिंगटन में कूटनीतिक बैठकें चल रही थीं, वहीं दूसरी तरफ मध्य पूर्व में तनाव और गहरा गया है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने एक बेहद सख्त और आक्रामक बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि तेहरान रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपना पूर्ण नियंत्रण बनाए रखने के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है, जिसमें दोबारा युद्ध की शुरुआत करना भी शामिल है।
फ़ार्स समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए ग़रीबाबादी ने कहा कि यदि ईरान ओमान के तट के निकट स्थित किसी दक्षिणी समुद्री मार्ग को खोलने की अनुमति देता है, जहां उसने पूर्व में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया है, तो वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता का प्रभावी ढंग से प्रयोग नहीं कर पाएगा। ईरानी उप-विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के निकट से गुजरने वाला कोई भी यूरोपीय जहाज ईरानी सशस्त्र बलों का वैध सैन्य निशाना माना जाएगा।



















