वॉशिंगटन में अगले सप्ताह होने वाले एक बड़े राजनयिक आयोजन के लिए तैयारियाँ तेज हो गई हैं, जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने बैठेंगे। इस अहम दौरे के केंद्र में गुरुवार की शाम व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में आयोजित होने वाला औपचारिक स्टेट डिनर है। इस प्रतिष्ठित भोज की अतिथि सूची में वैश्विक व्यापार और सूचना प्रौद्योगिकी जगत के सबसे प्रभावशाली चेहरे शामिल किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि यह शाम वॉशिंगटन डीसी के सबसे चर्चित और लोकप्रिय आयोजनों में से एक बनने जा रही है, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष सरकारी प्रतिनिधियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के प्रमुख नीति-निर्माता भी मौजूद रहेंगे।
ईस्ट रूम में सजेगी दिग्गजों की महफिल
व्हाइट हाउस की आधिकारिक अतिथि सूची के मुताबिक, डिनर टेबल पर दुनिया की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रमुख दिखाई देंगे। इनमें गूगल और अल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी सुंदर पिचाई, टेस्ला व स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क, और अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस शामिल हैं। इसके अलावा डेल टेक्नोलॉजीज के माइकल डेल, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, एप्पल के टिम कुक और सिटीग्रुप की जेन फ्रेजर को भी आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप व्यक्तिगत रूप से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, उनकी पत्नी पेंग लियुआन और पूरे चीनी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करेंगे। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत दोनों राष्ट्रपतियों के संबोधन के साथ होगी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मेहमानों के लिए किसी अलग औपचारिक व्यापारिक बैठक की योजना नहीं बनाई गई है और न ही बातचीत में इन उद्योगपतियों की किसी सीधी मध्यस्थता का उल्लेख किया गया है।
व्यापार समझौता, एआई और निर्यात नियमों पर मंथन
इस भव्य स्वागत समारोह के समानांतर दोनों देशों के बीच बेहद गंभीर नीतिगत मुद्दों पर बातचीत की रूपरेखा तैयार की गई है। दोनों नेताओं के आधिकारिक एजेंडे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का विनियमन और मौजूदा व्यापारिक ढांचा शामिल है, जिसे प्रशासनिक ब्रीफिंग में 'बुसान ट्रूस' नाम दिया गया। सप्ताहांत के दौरान न्यूयॉर्क में भी दोनों पक्षों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों के बीच वार्ता संभावित है, जिसका मुख्य केंद्र एआई तकनीक पर सहयोग और नियमन रहेगा। व्यापारिक मोर्चे पर, दोनों पक्ष उन उत्पादों पर आयात शुल्क में सीमित ढील देने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं जो रणनीतिक या सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील नहीं हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उत्पादों की एक निश्चित सूची पर टैरिफ घटाने को लेकर विमर्श हुआ है, हालांकि उन विशिष्ट वस्तुओं का आधिकारिक ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसके साथ ही दोनों नेता संभावित समझौतों के ठोस परिणामों को लेकर अभी सतर्क रुख बनाए हुए हैं।
दुर्लभ खनिज आपूर्ति और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के नियम
आर्थिक बातचीत में सबसे जटिल विषय रेयर अर्थ मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला और उन्नत तकनीक के निर्यात नियंत्रण का बना हुआ है। अमेरिकी पक्ष ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति बहाल रखने के बदले उच्च तकनीक निर्यात प्रतिबंधों में किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि चीन इन आवश्यक खनिजों की निर्बाध आपूर्ति पर पहले ही सहमति जता चुका है, लेकिन अब तक प्राप्त आपूर्ति अमेरिका की तय अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रही है। इस अंतर को पाटने के लिए दोनों नेता इस मुद्दे को वार्ता की मेज पर रखेंगे। वहीं, अमेरिकी ऑटोमोबाइल बाजार में चीनी पूंजी और कंपनियों के निवेश की संभावना पर पूछे जाने पर प्रशासन ने दोहराया कि किसी भी निवेश को देश के मौजूदा सुरक्षा नियमों, विनियामक मानकों और संघीय कानूनों की कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरना होगा।
राजकीय यात्रा का पूरा कार्यक्रम और ऐतिहासिक पड़ाव
शी जिनपिंग की यह राजकीय यात्रा बुधवार को औपचारिक रूप से आरंभ होगी, जब डोनाल्ड ट्रंप खुद जॉइंट बेस एंड्रयूज पर पहुंचकर चीनी राष्ट्रपति और पेंग लियुआन का विमानतल पर स्वागत करेंगे। गुरुवार के मुख्य कार्यक्रम में औपचारिक स्वागत समारोह, सैन्य सलामी का निरीक्षण और दोनों राष्ट्रपतियों के मध्य विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता शामिल होगी। उसी दिन फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और पेंग लियुआन के लिए एक समानांतर अलग कार्यक्रम रखा गया है, जिसकी विस्तृत जानकारी केली के अनुसार फर्स्ट लेडी कार्यालय द्वारा जारी की जाएगी। शुक्रवार को दोनों नेता और उनकी पत्नियां एक अनौपचारिक निजी चाय बैठक के लिए व्हाइट हाउस में पुनः मिलेंगे। इसके पश्चात दोनों प्रतिनिधिमंडल नेशनल आर्काइव्स का दौरा करेंगे, जहाँ अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक संदर्भ में देश की नींव रखने वाले शुरुआती ऐतिहासिक दस्तावेज देखे जाएंगे। इस यात्रा के समापन पर शी जिनपिंग जॉइंट बेस एंड्रयूज से अपने देश के लिए प्रस्थान करेंगे।


















