अमेरिकी राजनीति में अक्सर ऐसे नाम चर्चा में आते हैं जो पारंपरिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक नहीं रखते हैं। ऐसा ही एक नाम अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप के प्रमुख डाना व्हाइट का है, जिन्हें लेकर एक बड़ा राजनीतिक प्रस्ताव सामने आया था। देश के शीर्ष पद पर काबिज नेता ने उन्हें व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभालने का आमंत्रण दिया था। इस फैसले के पीछे दोनों के बीच की गहरी और पुरानी व्यक्तिगत नजदीकी के साथ-साथ उनके काम करने का आक्रामक और सीधा तरीका भी एक बड़ी वजह था। हालांकि इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के बजाय उन्होंने खेल जगत में ही बने रहने का फैसला किया।
क्यों मिला था यह खास प्रस्ताव
इस पेशकश के पीछे मुख्य कारण डाना व्हाइट की वह कार्यशैली है जिसके तहत वे किसी भी सवाल का जवाब देने से कतराते नहीं हैं और मीडिया के सामने बेहद बेबाक नजर आते हैं। इस खेल संगठन को वैश्विक स्तर पर एक बहुत बड़ा ब्रांड बनाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। जब इस खेल को अमेरिका में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा था और कई जगहों पर इस पर प्रतिबंध जैसी स्थिति थी, तब उन्होंने इसे संभाला था। दबाव की स्थिति में शांत रहकर अपनी बात मजबूती से रखने की यही खूबी इस पद के लिए उनकी दावेदारी को मजबूत मानती थी, क्योंकि प्रेस सचिव को हर दिन तीखे सवालों का सामना करना होता है और प्रशासनिक फैसलों का मजबूती से बचाव करना पड़ता है।
दो दशक से अधिक पुरानी है दोनों की दोस्ती
इन दोनों शख्सियतों के बीच संबंधों की शुरुआत वर्ष 2001 में हुई थी जब खेल संगठन अपने अस्तित्व की शुरुआती जंग लड़ रहा था और उसे अपने मुकाबले आयोजित करने के लिए ढंग की जगह नहीं मिल रही थी। उस दौर में तत्कालीन कारोबारी ने अपने अटलांटिक सिटी स्थित कैसीनो परिसर में इस खेल प्रतियोगिता के आयोजन की अनुमति दी थी। इस कदम से इस खेल को न सिर्फ एक मंच मिला बल्कि इसकी विश्वसनीयता भी काफी बढ़ गई। खेल प्रमुख कई सार्वजनिक मौकों पर इस बात को मान चुके हैं कि जब बाकी लोग इस खेल से किनारा कर रहे थे, तब किसने उनका साथ निभाया था। धीरे-धीरे यह व्यावसायिक सहयोग एक मजबूत निजी रिश्ते में बदल गया और दोनों अक्सर एक-दूसरे के सार्वजनिक मंचों पर समर्थन में खड़े नजर आते हैं।
प्रस्ताव ठुकराने की क्या थी असली वजह
इतने बड़े राजनीतिक पद के आमंत्रण के बावजूद डाना व्हाइट ने इसमें कोई भी दिलचस्पी दिखाने से साफ मना कर दिया। उनकी प्राथमिकता पूरी तरह से अपने खेल संगठन और उसकी मूल कंपनी के व्यावसायिक साम्राज्य को विस्तार देना है। उन्होंने लगभग ढाई दशकों तक कड़ी मेहनत करके इस खेल को दुनिया भर में एक मुकाम दिलाया है और वे इस मुकाम को छोड़कर सरकारी राजनीति के गलियारों में नहीं जाना चाहते। उनके लिए यह केवल एक पद नहीं बल्कि उनका खुद का खड़ा किया हुआ सफर है, जिसे वे आगे भी जारी रखना चाहते हैं।



















