आज के समय में मानसिक तनाव, बेचैनी और अधिक सोचने की आदत आम बात बन गई है। काम का भारी दबाव, स्क्रीन का लगातार इस्तेमाल और अनियमित दिनचर्या ने लोगों की नींद को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में योग की प्राचीन विधा त्राटक मन को शांत करने और एक जगह ध्यान केंद्रित करने का एक बेहतरीन जरिया साबित हो सकती है।
इस प्राचीन अभ्यास में किसी एक बिंदु, प्रतीक या दीपक की लौ को बिना पलकें झपकाए लगातार देखा जाता है। हठयोग परंपरा के अनुसार त्राटक को एक विशेष शुद्धिकरण क्रिया माना गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मन को इधर-उधर भटकने से रोकना और एकाग्रता को मजबूत करना है। बहुत से लोग इस अभ्यास से मानसिक शांति महसूस करते हैं।
त्राटक क्रिया क्या है और इसे करने का सही तरीका क्या है?
त्राटक हठयोग का एक पारंपरिक हिस्सा है जिसमें किसी खास वस्तु या दीपक की लौ पर पूरा ध्यान टिकाया जाता है। इसका लक्ष्य विचारों की भागदौड़ को शांत करना है। इस अभ्यास को करने के लिए सबसे पहले एक शांत और आरामदायक जगह का चुनाव करें। अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखकर बैठें और आंखों के सामने आरामदायक दूरी पर किसी बिंदु या दीपक को रखें। शुरुआत में कुछ ही देर तक बिना जोर डाले इसे देखें। यदि आंखों में किसी तरह का दर्द, जलन या पानी आने लगे, तो अभ्यास तुरंत रोक दें। अपनी पलकों को जबरदस्ती खुला रखने की कोशिश न करें और आंखों पर कोई अतिरिक्त दबाव न डालें।
मानसिक एकाग्रता और शांति में सुधार
किसी एक वस्तु पर लगातार ध्यान टिकाने से मन वर्तमान पल में जीना सीखता है। इस तरह के अभ्यास से पढ़ाई या ऑफिस के काम के दौरान फोकस करने की क्षमता विकसित हो सकती है। एक शांत वातावरण में कुछ देर बैठकर ध्यान लगाने से मानसिक सुकून मिलता है, हालांकि तनाव पर इसका प्रभाव हर इंसान के शरीर और मन के हिसाब से अलग हो सकता है।
अनिद्रा और विचारों की उथल-पुथल से राहत
दिनभर की भागदौड़ और चिंताओं के कारण अक्सर रात को सोते समय लोगों को बेचैनी महसूस होती है। रात को सोने से पहले हल्का ध्यान और धीमी सांसों का अभ्यास मन को आराम दे सकता है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि त्राटक किसी भी प्रकार की अनिद्रा का कोई प्रमाणित चिकित्सीय इलाज नहीं है। नियमित तौर पर ध्यान करने से व्यक्ति अपने भीतर चल रहे विचारों और भावनाओं को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पाता है।
त्राटक अभ्यास के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां
अभ्यास के दौरान यदि आंखों में जरा भी जलन, दर्द या धुंधलापन महसूस हो, तो उसे तुरंत बंद कर दें। जिन लोगों को चश्मा लगा हुआ है, उन्हें अपनी आंखों की स्थिति के अनुसार पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। कभी भी सूरज की तरफ सीधे देखकर त्राटक करने की कोशिश न करें, क्योंकि ऐसा करने से आंखों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। यदि आप दीपक की लौ के साथ अभ्यास कर रहे हैं, तो सुरक्षित दूरी बनाकर रखें और आग से जुड़े सभी जोखिमों का पूरा ध्यान रखें।





















