इंटरनेट ब्राउज़ करते समय काम की चीजें बाद में पढ़ने के लिए सहेजने का चलन काफी पुराना है। मोज़िला की लोकप्रिय रीड इट लेटर सेवा पॉकेट के अगस्त में बंद होने के बाद डिजिटल दुनिया में एक बड़ा खालीपन आ गया था। उस शून्यता को भरने के लिए कई तरह के विकल्प सामने आए हैं, लेकिन इस कतार में एक नया नाम लेटर शामिल हुआ है। यह नया सॉफ्टवेयर केवल पढ़ने वाले लेखों तक सीमित रहने के बजाय वेब पर मिलने वाली लगभग हर उपयोगी डिजिटल सामग्री को सहेजने और व्यवस्थित करने का नया तरीका पेश करता है।
वेब सामग्री को सहेजने का विस्तृत दायरा
पारंपरिक बुकमार्किंग सेवाओं की तुलना में यह नया प्लेटफॉर्म कहीं अधिक लचीलापन देता है। उपयोगकर्ता किसी लेख के साथ-साथ रेसिपी, स्क्रीनशॉट, वीडियो क्लिप, पीडीएफ दस्तावेज़, साधारण बुकमार्क या खुले हुए वेब टैब को भी बाद के लिए सुरक्षित रख सकते हैं। यह प्रणाली अलग-अलग प्रारूपों की फाइलों को अपने आप श्रेणियों में बांट देती है। उपयोगकर्ताओं को अपनी सामग्री व्यवस्थित करने के लिए संग्रह बनाने की सुविधा मिलती है, जिन्हें ऐप में केस नाम दिया गया है। इसके अलावा, इसमें एक विशेष रिमाइंडर सुविधा भी जोड़ी गई है, जिसके जरिए चुनी गई तारीख पर सहेजी गई सामग्री को दोबारा देखने की याद दिलाई जा सकती है। इससे किसी खास दिन होने वाले स्थानीय आयोजनों, घूमने की जगहों या फिर पेंडिंग रीडिंग लिस्ट को समय पर निपटाने में काफी मदद मिलती है।
निजी आर्काइव और सर्वर रहित सुरक्षा मॉडल
इस टूल की सबसे बड़ी खासियत इसका डेटा सुरक्षा ढांचा है। उपयोगकर्ता द्वारा सहेजी गई हर सामग्री एक निजी आर्काइव बन जाती है, जिसे केवल उनके अपने डिवाइस पर ही खोला जा सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि सेवा का इस्तेमाल करने के लिए किसी तरह का अकाउंट बनाने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। यहां तक कि ऐप का डेवलपर भी यह नहीं देख सकता कि उपयोगकर्ता ने अपनी सूची में क्या रखा है। इसके बावजूद उपयोगकर्ता अपने विभिन्न एप्पल डिवाइस जैसे आईफोन, आईपैड और मैक पर अपनी सामग्री का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि सारा डेटा आईक्लाउड के जरिए आपस में सिंक होता रहता है।
स्वतंत्र डेवलपर की सोच और पॉकेट से माइग्रेशन
इस ऐप्लिकेशन को ओंटारियो क्षेत्र के स्वतंत्र डेवलपर मुस्तफा तलत ने अपनी कंपनी वेटरी इंक के तहत तैयार किया है। पॉकेट सेवा बंद होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने एक सर्वर रहित प्लेटफॉर्म बनाने का फैसला किया, जिसमें डेटा गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मुस्तफा तलत के अनुसार, लोग जो कुछ भी सहेजते हैं उससे उनकी पसंद और व्यक्तित्व का पता चलता है, इसलिए वे इस डेटा को अपने सर्वर पर रखने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने बताया, "सब कुछ आपके डिवाइस और आपके अपने आईक्लाउड में रहता है।" इस नए टूल में पुराने पॉकेट डेटा का एक्सपोर्ट इम्पोर्ट करने की सुविधा भी दी गई है, ताकि पुराने उपयोगकर्ताओं को अपनी पूरी लाइब्रेरी नए सिरे से न बनानी पड़े। पूर्ण गोपनीयता बनाए रखने की इस नीति के चलते यह ऐप किसी तरह की पर्सनलाइज्ड फीड नहीं बनाता और न ही लेखों के सारांश या ऑटो-टैगिंग के लिए एआई का इस्तेमाल करता है।
कीमत, सीमाएं और डेटा एक्सपोर्ट की आजादी
यह ऐप आजमाने के लिए पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है, हालांकि मुफ्त योजना में केवल 30 आइटम सहेजने की सीमा तय की गई है। इस सीमा को हटाने और असीमित उपयोग के लिए प्रीमियम सदस्यता लेनी होती है, जिसका शुल्क 1.99 डॉलर प्रति माह, 14.99 डॉलर प्रति वर्ष या फिर 39.99 डॉलर की एकमुश्त लाइफटाइम योजना के रूप में रखा गया है। दिसंबर के अंत तक यह लाइफटाइम विकल्प 24.99 डॉलर की छूट दर पर दिया जा रहा है। यदि किसी उपयोगकर्ता की सदस्यता समाप्त हो जाती है, तो भी पहले से सहेजे गए आइटम नहीं हटते, बस सीमा से अधिक होने पर नया डेटा जोड़ने के लिए योजना का नवीनीकरण करना होगा। इसके अलावा, उपयोगकर्ता किसी भी समय अपना पूरा डेटा एक ज़िप फाइल में एक्सपोर्ट कर सकते हैं, जिसमें प्रत्येक आइटम, नोट, टैग, तारीख और केस का विवरण पढ़ने योग्य मार्कडाउन और एचटीएमएल प्रारूप में सुरक्षित रहता है। भविष्य में इसमें अन्य भाषाओं का समर्थन जोड़ने की भी योजना है।


















