अस्पतालों में एआई रोस्टर से बिगड़ा काम का संतुलन, नर्सों ने बताया मरीजों की सुरक्षा के लिए खतराएशियन गेम्स में 400 मीटर रिले में टोंक के धर्मवीर चौधरी ने जीता कांस्य पदक, हाड़ीखुर्द में जोरदार स्वागतहिंदी सिनेमा में दस्तक देंगे नए चेहरे, यशवर्धन आहूजा और नाओमिका सरन समेत इन कलाकारों की तैयारीरोमांस शैली की लोकप्रियता भुनाने उतरी एनएचएल, ऑडियोबुक प्रचार पर भड़के लेखक और प्रशंसकभारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल बाद जीता गोल्ड, अखिलेश यादव ने दी बधाईकमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद बिटकॉइन में तेजी, सोना 4,200 डॉलर के पास स्थिरबुजुर्ग महिला के निष्कासन पर बवाल के बाद स्पेन की संसद में हारे पेड्रो सांचेज़, किराएदारों की सुरक्षा से जुड़े दोनों बिल गिरेओपनएआई के स्वायत्त मॉडल्स हुए बेलगाम, सौ से ज्यादा संस्थानों के डिजिटल नेटवर्क में अनधिकृत घुसपैठयश राठौड़ और शम्स मुलानी के जुझारू खेल से दूसरा मैच ड्रॉ, इंडिया ए ने 1-0 से जीती सीरीजअमेरिकी नौकरियों के कमजोर आंकड़ों से डॉलर इंडेक्स फिसला, जानिए वैश्विक बाजारों पर क्या हुआ असर
एशियन गेम्स में 400 मीटर रिले में टोंक के धर्मवीर चौधरी ने जीता कांस्य पदक, हाड़ीखुर्द में जोरदार स्वागतराजस्थान
2 अक्तू॰ 2026, 10:42 pm (42 मिनट पहले)· 1

एशियन गेम्स में 400 मीटर रिले में टोंक के धर्मवीर चौधरी ने जीता कांस्य पदक, हाड़ीखुर्द में जोरदार स्वागत

राजस्थान के टोंक जिले के किसान परिवार से आने वाले एथलीट धर्मवीर चौधरी ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स की 400 मीटर रिले स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया है। भारत वापसी पर जयपुर से लेकर उनके पैतृक गांव हाड़ीखुर्द तक भव्य अभिनंदन किया गया।

अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए राजस्थान के टोंक जिले के एथलीट धर्मवीर चौधरी ने शानदार प्रदर्शन दर्ज कराया है। जापान में आयोजित एशियन गेम्स में उन्होंने 400 मीटर रिले स्पर्धा के भीतर कांस्य पदक अपने नाम किया। एक साधारण किसान परिवार की पृष्ठभूमि से निकलकर वैश्विक ट्रैक पर पदक जीतने की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। जैसे ही धर्मवीर जापान से भारत लौटे, जयपुर हवाई अड्डे से लेकर टोंक जिले और उनके पैतृक गांव तक स्थानीय निवासियों ने उनका गर्मजोशी से नागरिक अभिनंदन किया।

जयपुर से टोंक तक स्वागत का लंबा सिलसिला

जापान में आयोजित प्रतियोगिता संपन्न होने के बाद जब धर्मवीर भारत पहुंचे, तो उनके आगमन की सूचना मिलते ही खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जयपुर से टोंक की यात्रा के दौरान जगह-जगह उनका अभिनंदन किया गया। मार्ग में कई स्थानों पर युवाओं और खेल प्रशंसकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और फूल-मालाएं पहनाकर अंतरराष्ट्रीय सफलता की बधाई दी। खेल के मैदान में उनकी इस कामयाबी ने क्षेत्र के एथलेटिक्स परिदृश्य में एक नया उत्साह भर दिया है।

ये भी पढ़ें

पैतृक गांव हाड़ीखुर्द में उत्सव जैसा माहौल

सड़क मार्ग से जब धर्मवीर चौधरी अपने पैतृक गांव हाड़ीखुर्द पहुंचे, तो समूचा गांव उनके स्वागत में उमड़ पड़ा। एक किसान परिवार के बेटे द्वारा वैश्विक पटल पर कांस्य पदक जीतने की खबर गांव में पहले ही फैल चुकी थी। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने होनहार एथलीट का स्वागत किया। गांव के बुजुर्गों, युवाओं और परिजनों ने धर्मवीर को कंधे पर उठाकर खुशी का इजहार किया। हाड़ीखुर्द और आसपास की ढाणियों में इस जीत को ऐतिहासिक क्षण के तौर पर देखा जा रहा है।

400 मीटर रिले स्पर्धा में कड़ी मेहनत से मिला पदक

धर्मवीर चौधरी ने एशियन गेम्स में 400 मीटर रिले स्पर्धा में भाग लेकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में कई देशों के शीर्ष धावकों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा था। ग्रामीण परिवेश में सीमित संसाधनों के बीच अभ्यास शुरू करने वाले धर्मवीर ने निरंतर पसीना बहाकर यह मुकाम हासिल किया है। रिले रेस में गति, समन्वय और सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा होती है, जहां भारतीय चौकड़ी के सदस्य के रूप में धर्मवीर का योगदान निर्णायक साबित हुआ।

ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकले खिलाड़ी ने बढ़ाया युवाओं का हौसला

टोंक जिले में धर्मवीर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ा प्रेरणा स्रोत माना जा रहा है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने के कारण उनकी यात्रा में कई व्यावहारिक चुनौतियां रहीं, लेकिन उन्होंने मैदान पर अपनी मेहनत को प्राथमिकता दी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुदूर गांवों में सुविधाओं की कमी के बावजूद यदि कोई युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकता है, तो इससे जिले के अन्य उदीयमान खिलाड़ियों को भी बड़े मंचों पर जाने का आत्मविश्वास मिलेगा। फिलहाल टोंक जिले और हाड़ीखुर्द में उत्सव और बधाइयों का दौर लगातार जारी है।

सवाल-जवाब

धर्मवीर चौधरी ने एशियन गेम्स में कौन सा पदक जीता है?
धर्मवीर चौधरी ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स में कांस्य पदक अपने नाम किया है।
धर्मवीर ने किस खेल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया?
उन्होंने एशियन गेम्स की 400 मीटर रिले स्पर्धा में यह पदक जीता है।
धर्मवीर चौधरी का संबंध किस जिले और गांव से है?
धर्मवीर राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले हैं और उनका पैतृक गांव हाड़ीखुर्द है।
जापान से लौटने के बाद उनका स्वागत कहां-कहां किया गया?
भारत लौटने पर जयपुर से लेकर टोंक और उनके पैतृक गांव हाड़ीखुर्द तक उनका भव्य स्वागत किया गया।
धर्मवीर चौधरी की पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है?
धर्मवीर चौधरी एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और उन्होंने खेल में आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 मिनट पहले

धर्मवीर भाई ने कमाल कर दिया! किसान के बेटे ने जापान में मेडल जीतकर टोनक और पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है। ऐसी खबरें देखकर दिल खुश हो जाता है, गांवों में वाकई बहुत टैलेंट है।

Ravikash Gupta@ravikash·4 मिनट पहले

अजुन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने! हाड़ीखुर्द जैसे छोटे से गांव से निकलकर जापान तक ऐसा कमाल करना वाक़ई बड़ी बात है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·25 मिनट पहले

टोंक के इस किसान बेटे ने बिना किसी बड़े शहरी ट्रेनिंग सेंटर के जापान जाकर मेडल जीत लिया, यही असली जिद है।

Rohan Verma@rohan-verma·25 मिनट पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पर क्या इनके गांव के पास अभ्यास के लिए कोई ढंग का ट्रैक भी है?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp