माता सीता का किरदार निभा रहीं अंजलि अरोड़ा ने साझा किए सेट के अनुभव, बोलीं आस्था और मानवता किसी मजहब की मोहताज नहींअमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीति निर्माता गुल्सबी का बयान, ब्याज दरों पर सभी विकल्प खुलेअस्पतालों में एआई रोस्टर से बिगड़ा काम का संतुलन, नर्सों ने बताया मरीजों की सुरक्षा के लिए खतराएशियन गेम्स में 400 मीटर रिले में टोंक के धर्मवीर चौधरी ने जीता कांस्य पदक, हाड़ीखुर्द में जोरदार स्वागतअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से सोना 4,200 डॉलर के पार टिकने में नाकाम, कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद भी फिसली कीमतेंअजय देवगन की नई थ्रिलर का ऐतिहासिक धमाका, पहले दिन कमाए 66.75 करोड़कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर को दी मंजूरी, सफर के लिए देना होगा टोल टैक्सहिंदी सिनेमा में दस्तक देंगे नए चेहरे, यशवर्धन आहूजा और नाओमिका सरन समेत इन कलाकारों की तैयारीडॉलर इंडेक्स में मजबूती के बीच वैश्विक बाजारों की नजर अब फेड मिनट्स और नीतिगत फैसलों पररोमांस शैली की लोकप्रियता भुनाने उतरी एनएचएल, ऑडियोबुक प्रचार पर भड़के लेखक और प्रशंसक
अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीति निर्माता गुल्सबी का बयान, ब्याज दरों पर सभी विकल्प खुलेबाज़ार
2 अक्तू॰ 2026, 11:26 pm (28 मिनट पहले)· 1

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीति निर्माता गुल्सबी का बयान, ब्याज दरों पर सभी विकल्प खुले

शिकागो फेड के अध्यक्ष गुल्सबी ने संकेत दिया है कि श्रम बाजार स्थिर रहने के कारण मुद्रास्फीति पर काबू पाना केंद्रीय बैंक की सर्वोच्च प्राथमिकता बना हुआ है। आगामी नीतिगत बैठक में दरों में वृद्धि या ठहराव दोनों विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच फेडरल रिजर्व के अधिकारी गुल्सबी ने स्पष्ट किया है कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना इस समय केंद्रीय बैंक के लिए रोजगार संबंधी चिंताओं से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। रोजगार बाजार की स्थिति स्थिर बनी हुई है, जिससे नीति निर्माताओं को महंगाई पर ध्यान केंद्रित करने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी नीति बैठक में दरों में वृद्धि करने या उन्हें वर्तमान स्तर पर बनाए रखने के संबंध में कोई भी निर्णय लिया जा सकता है और किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता। नीति निर्माता यह देखने के इच्छुक हैं कि क्या नए आंकड़े यह संकेत देते हैं कि कीमतें 2% के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं, हालांकि किसी एक महीने के आंकड़ों के आधार पर अचानक कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाएगा।

मुद्रास्फीति बनाम रोजगार संतुलन

अमेरिकी केंद्रीय बैंक दो प्रमुख जिम्मेदारियों के तहत कार्य करता है, जिसमें कीमतों की स्थिरता सुनिश्चित करना और पूर्ण रोजगार को बढ़ावा देना शामिल है। जब मूल्य वृद्धि दर 2% के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो उधार लागत बढ़ाने के उद्देश्य से ब्याज दरों में इजाफा किया जाता है। इससे अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिलती है क्योंकि वैश्विक निवेशक अमेरिकी परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित होते हैं। इसके विपरीत, जब महंगाई दर 2% से नीचे गिरती है या बेरोजगारी दर में असामान्य उछाल आता है, तो कर्ज लेने को प्रोत्साहित करने के लिए दरों में कटौती की जाती है, जिससे डॉलर पर दबाव बनता है। वर्तमान परिस्थितियों में रोजगार बाजार मजबूत बने रहने के कारण केंद्रीय बैंक का पूरा जोर बढ़ती कीमतों को रोकने पर केंद्रित हो गया है।

ये भी पढ़ें

नीतिगत बैठकें और निर्णय प्रक्रिया

फेडरल रिजर्व हर वर्ष आठ नियमित नीतिगत बैठकें आयोजित करता है, जहां फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी FOMC समग्र आर्थिक स्थिति की समीक्षा करके निर्णय लेती है। इस महत्वपूर्ण समिति में बारह अधिकारी मतदान प्रक्रिया में भाग लेते हैं। इनमें बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सात सदस्य, न्यूयॉर्क के फेडरल रिजर्व बैंक के अध्यक्ष और शेष ग्यारह क्षेत्रीय बैंकों के चार अध्यक्ष शामिल होते हैं जो एक-वर्षीय आवर्ती आधार पर सेवा देते हैं। यही समिति अर्थव्यवस्था में नकदी के प्रवाह और ब्याज दरों की दिशा निर्धारित करती है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों पर सीधा असर पड़ता है।

असामान्य मौद्रिक उपाय और मात्रात्मक नीतियां

संकट के समय जब पारंपरिक उपाय कम प्रभावी साबित होते हैं, तब केंद्रीय बैंक विशेष रणनीतियों का सहारा लेता है। वित्तीय प्रणाली में नकदी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए क्वांटिटेटिव ईजिंग यानी QE की नीति अपनाई जाती है, जैसा कि 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान देखा गया था। इस प्रक्रिया में नए डॉलर सृजित करके वित्तीय संस्थानों से उच्च गुणवत्ता वाले बांड खरीदे जाते हैं, जिससे आमतौर पर डॉलर कमजोर होता है। इसके उलट, क्वांटिटेटिव टाइटनिंग यानी QT की प्रक्रिया में बांड की नई खरीदारी रोक दी जाती है और परिपक्व होने वाले बांड से प्राप्त मूलधन का पुनर्निवेश नहीं किया जाता। यह प्रक्रिया वित्तीय बाजार में मुद्रा आपूर्ति को सीमित करके अमेरिकी डॉलर को सहारा प्रदान करती है।

वैश्विक मुद्राओं और अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर ने कनाडाई डॉलर के मुकाबले सबसे अधिक मजबूती दर्ज की। वहीं अन्य प्रमुख मुद्राओं के संदर्भ में एशियाई सत्र के दौरान विभिन्न रुझान देखे गए। AUD/USD की जोड़ी शुक्रवार को सुधरकर 0.6950 के स्तर की ओर लौटी, क्योंकि व्यापारियों ने महत्वपूर्ण गैर-कृषि पेरोल यानी NFP रिपोर्ट से पूर्व मुनाफावसूली की, जिसके चलते डॉलर 17 महीने के उच्चतम स्तर से पीछे हटा। इसके अलावा वैश्विक बॉन्ड यील्ड और मुद्रास्फीति के जोखिमों के बीच नवंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। दूसरी ओर, टोक्यो में अपेक्षा से अधिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI आंकड़े आने और डॉलर की सामान्य नरमी के बाद USD/JPY 158.00 के करीब संघर्ष करता दिखा और अपने साप्ताहिक उच्च स्तर से नीचे आ गया।

यूरो पर दबाव और ऊर्जा संकट का प्रभाव

यूरोपीय मुद्रा के मोर्चे पर EUR/USD गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर 1.1312 पर पहुंच गया, जो जनवरी के 1.2082 के शिखर से काफी नीचे है। इस गिरावट के पीछे मजबूत अमेरिकी डॉलर, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और ऊर्जा की ऊंची कीमतों के प्रति यूरोप की संवेदनशीलता जैसे कारक जिम्मेदार रहे हैं। आने वाले समय में ऊर्जा संकट और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का प्रभाव बाजार पर बना रहने की उम्मीद है। बाजार प्रतिभागी अक्टूबर बैठक में दर वृद्धि की संभावना घटने के बाद फेडरल रिजर्व की बैठकों के ब्योरे, ISM सेवा PMI, ट्रेजरी नीलामी, कनाडा में रोजगार के आंकड़े, जापान में वेतन वृद्धि और यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ECB की बैठकों के विवरण पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की स्थिति

कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में NFP रिपोर्ट के बाद आई तेजी 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पार टिक नहीं पाई और सप्ताह के अंत में भाव 4,180 डॉलर के दायरे में फिसल गए। डॉलर पर बने ताजा बिकवाली दबाव के बीच निवेशकों ने नए रोजगार आंकड़ों का आकलन किया। डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में शुक्रवार को व्यापक सुधार देखने को मिला, जिसकी अगुवाई बिटकॉइन ने 86,000 डॉलर के पार निकलकर की। इसी क्रम में एथेरियम ने 2,700 डॉलर के ऊपर चढ़कर मजबूती दिखाई, जबकि 2,800 डॉलर का स्तर इसके लिए तात्कालिक रुकावट बना रहा। इसके साथ ही रिपल 1.54 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया।

सवाल-जवाब

गुल्सबी ने ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत दिया है?
उन्होंने स्पष्ट किया है कि आगामी नीति बैठक में ब्याज दरों में वृद्धि या ठहराव का कोई भी निर्णय लिया जा सकता है और किसी भी विकल्प को खारिज नहीं किया गया है।
फेडरल रिजर्व का प्राथमिक लक्ष्य क्या है?
फेडरल रिजर्व का दोहरा दायित्व मूल्य स्थिरता बनाए रखना और अधिकतम रोजगार के स्तर को बढ़ावा देना है, जिसमें 2% की मुद्रास्फीति दर हासिल करना शामिल है।
FOMC में मतदान करने वाले सदस्यों की संख्या कितनी होती है?
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी में कुल बारह सदस्य मतदान करते हैं, जिनमें सात बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष और चार अन्य क्षेत्रीय फेड अध्यक्ष शामिल हैं।
क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग में क्या अंतर है?
क्वांटिटेटिव ईजिंग में केंद्रीय बैंक नकदी बढ़ाने के लिए बांड खरीदता है जिससे डॉलर कमजोर होता है, जबकि क्वांटिटेटिव टाइटनिंग में बांड खरीद बंद कर डॉलर को मजबूती दी जाती है।
सोने और बिटकॉइन की कीमतों में क्या रुझान दर्ज किया गया?
सोने का भाव 4,200 डॉलर से फिसलकर 4,180 डॉलर के करीब आ गया, जबकि बिटकॉइन सुधार के साथ 86,000 डॉलर के पार निकल गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp