दृढ़ संकल्प और सटीक रणनीति के साथ की गई मेहनत किसी भी कठिन लक्ष्य को आसान बना देती है। बिहार से पारिवारिक नाता रखने वाली और पश्चिम बंगाल में पली-बढ़ी उर्मी सिन्हा ने इसी बात को साबित करते हुए महज 21 साल की उम्र में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर ली। उन्हें देश की सबसे कम उम्र की महिला आईपीएस अधिकारियों में गिना जा रहा है, जिन्होंने इतनी कम आयु में यह गौरव हासिल किया है।
हैदराबाद पुलिस अकादमी की पासिंग आउट परेड में सबसे कम उम्र की अधिकारी
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में स्थित प्रतिष्ठित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में 17 अक्टूबर 2026 को 78वें नियमित बैच की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई थी। इस भव्य दीक्षांत समारोह में कुल 135 भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 37 महिला अधिकारी भी शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, नेपाल, भूटान और मालदीव के 16 विदेशी अधिकारी भी इस प्रशिक्षण बैच का हिस्सा रहे।
इस पूरे बैच में 23 वर्षीय उर्मी सिन्हा सबसे युवा अधिकारी के रूप में सामने आईं। सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 170वीं रैंक हासिल करने के बाद उनकी बुनियादी अकादमी ट्रेनिंग अब सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है। वह अब अपने आवंटित आंध्र प्रदेश कैडर में सेवा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मुंगेर से हावड़ा तक का पारिवारिक और शैक्षणिक सफर
उर्मी सिन्हा का पैतृक संबंध बिहार राज्य के मुंगेर जिले में स्थित हवेली खड़गपुर के मारवाड़ी टोला से है। हालांकि, उनका परिवार काफी समय पहले पश्चिम बंगाल के हावड़ा शहर में आकर बस गया था। उनके पिता डॉ. रंजीत सिन्हा हावड़ा शहर के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि उनकी माताजी एक कुशल गृहिणी के तौर पर परिवार की धुरी रही हैं।
उर्मी की प्रारंभिक स्कूली शिक्षा हावड़ा से ही पूरी हुई थी। इसके उपरांत उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए कोलकाता का रुख किया और वहां के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस (राजनीति विज्ञान) विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की। अपनी स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी करते ही उन्होंने बिना समय गंवाए सीधे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुटने का निर्णय लिया।
बिना बड़े शहर गए घर पर रहकर तैयार की सफलता की रणनीति
अक्सर देखा जाता है कि संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी के लिए लाखों युवा दिल्ली या अन्य महानगरों का रुख करते हैं। इसके विपरीत, उर्मी सिन्हा ने साबित किया कि सही दिशा और अनुशासन हो तो घर पर रहकर भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शीर्ष सफलता हासिल की जा सकती है। वर्ष 2023 में अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद उन्होंने हावड़ा स्थित अपने घर पर ही अध्ययन का केंद्र बनाया।
उर्मी ने ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, अनुभवी मेंटर्स के सटीक मार्गदर्शन और खुद के बनाए व्यवस्थित स्टडी प्लान के दम पर प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू, तीनों चरणों को पहले ही झटके में पास कर लिया। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 170वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल कर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।
आंध्र प्रदेश कैडर में फील्ड ट्रेनिंग की शुरुआत
हैदराबाद की राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत उर्मी सिन्हा अब आंध्र प्रदेश में अपनी प्रैक्टिकल फील्ड ट्रेनिंग शुरू करने जा रही हैं। फील्ड पोस्टिंग के दौरान एक ट्रेनी आईपीएस अधिकारी के रूप में वह जमीनी पुलिस प्रशासन, कानून-व्यवस्था के रखरखाव और जिला स्तर पर पुलिसिंग के व्यावहारिक तौर-तरीकों का अनुभव प्राप्त करेंगी।
देश के सबसे युवा आईपीएस अफसरों की खास जमात में नाम दर्ज
उर्मी सिन्हा की इस अभूतपूर्व सफलता ने उनका नाम देश के उन चुनिंदा पुलिस अधिकारियों की सूची में शामिल कर दिया है, जिन्होंने बेहद छोटी उम्र में खाकी वर्दी हासिल की। उनसे पहले गुजरात कैडर के सफीन हसन भी मात्र 22 वर्ष की उम्र में देश के सबसे युवा आईपीएस अधिकारी बने थे। इसके अलावा देश में सचिन अतुलकर, मेरिन जोसेफ और अजय प्रताप सिंह जैसे प्रमुख अधिकारियों ने भी कम उम्र में आईपीएस बनकर अपनी विशेष पहचान स्थापित की है।



















