महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से अंधविश्वास की आड़ में एक बेहद डरावनी और घिनौनी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ित परिवार का मानना था कि घर के मुखिया यानी पति की बार-बार बिगड़ती तबीयत के पीछे कोई गंभीर ग्रहदोष या कालसर्प दोष है। इसी भ्रम और बीमारी से निजात पाने की उम्मीद में उन्होंने एक कथित महाराज से संपर्क साधा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस शख्स को वे संकट टालने वाला मान रहे हैं, वही उनके घर में उजाला छीनने आ रहा है। आरोप है कि पूजा-पाठ के बहाने घर के भीतर दाखिल हुए उस भोंदू महाराज ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर 27 साल की एक विवाहिता को अपनी हवस का शिकार बना डाला। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी समेत कुल 3 लोगों को शिकंजे में ले लिया है।
चिमूर तहसील के भिसी थाना क्षेत्र का पूरा घटनाक्रम
यह पूरी दर्दनाक घटना जिले की चिमूर तहसील के अंतर्गत आने वाले भिसी थाना क्षेत्र में घटी है। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, पीड़िता के पति लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। लगातार बनी हुई इस बीमारी से परेशान होकर परिवार ने किसी अनिष्ट की आशंका जताई और उन्हें लगा कि इस सबका कारण कोई अदृश्य ग्रहदोष हो सकता है। इस पारिवारिक संकट के निवारण की तलाश करते हुए वे जगन्नाथ महाराज भद्रभेष देवस्थान से जुड़े महाराज शुभम लटारी खंगार के संपर्क में आए थे। परिवार को उम्मीद थी कि धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ से घर के हालात सुधर जाएंगे, लेकिन इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने खौफनाक साजिश को अंजाम दे डाला।
सामान लाने के बहाने पति को घर से बाहर भेजा
घटना की कड़ी में सामने आया कि रविवार 30 अगस्त को शुभम लटारी खंगार अपने दो अन्य साथियों के साथ योजना के तहत पीड़िता के घर पहुंचा ताकि कथित रूप से ग्रहशांति की विशेष पूजा कराई जा सके। घर के भीतर पूजा का दौर शुरू हुआ और माहौल को ऐसा बनाया गया कि किसी को किसी अनहोनी का शक न हो। पूजा के बीच में ही आरोपियों ने सोची-समझी रणनीति के तहत पीड़िता के पति को कुछ आवश्यक पूजा सामग्री बाजार से तुरंत लाने के बहाने घर से बाहर भेज दिया। जैसे ही पति घर से बाहर गया और रास्ता साफ हुआ, वैसे ही मुख्य आरोपी ने अकेली पाकर विवाहिता के साथ दुष्कर्म की इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने अपनी हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए आपबीती अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों को विस्तार से बताई, जिसके बाद पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके तुरंत बाद सभी लोग भिसी पुलिस थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मुख्य आरोपी समेत तीनों संदिग्धों की गिरफ्तारी
पीड़िता की ओर से दी गई शिकायत और बयानों के आधार पर हरकत में आई भिसी पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी 26 वर्षीय शुभम लटारी खंगार के साथ-साथ उसके दोनों सहयोगियों सचिन मोडक और तेजस वालकटे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं जैसे 64(1), 351(3) और 3(5) के तहत औपचारिक मामला दर्ज किया है। इस पूरे प्रकरण की आगे की गहन छानबीन और कानूनी प्रक्रिया भिसी के थानेदार मंगेश भोंगाले के कुशल मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
अंधविश्वास और पाखंड का खौफनाक चेहरा
इस भयानक घटना ने एक बार फिर समाज में गहरे तक जड़े जमा चुके अंधविश्वास और उसकी आड़ में फल-फूल रहे पाखंड पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। भोले-भाले और जरूरतमंद लोग जब किसी बीमारी, मानसिक तनाव या पारिवारिक संकट से घिर जाते हैं, तो कई बार वे ठगों और भोंदू महाराजों के जाल में आसानी से फंस जाते हैं। बीमारी का इलाज कराने और घर की परेशानियों को दूर करने की आस में लोग जिन पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं, वही लोग कई मौकों पर इस तरह के जघन्य अपराधों को अंजाम देते हैं। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ चुके हैं, जैसे मुंबई के पवई इलाके में एक व्यक्ति द्वारा किन्नर का वेश धारण कर एयरहोस्टेस से रेप किए जाने की घटना ने लोगों को हैरान कर दिया था, जहां आरोपी ने पानी छिड़कने और सिर पर हाथ फेरने जैसे पाखंडी तौर-तरीकों का सहारा लिया था। ऐसी घटनाएं समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं कि अंधविश्वास की दुनिया से बाहर निकलकर तार्किक और कानूनी रास्तों को अपनाया जाए।



















