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तिब्बत की तरफ से आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा में मचाया तांडव, 105 भारतीयों समेत 384 लोग लापता और चीन पर भड़के पत्रकारएशिया
26 अग॰ 2026, 4:59 pm (52 दिन पहले)· 3

तिब्बत की तरफ से आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा में मचाया तांडव, 105 भारतीयों समेत 384 लोग लापता और चीन पर भड़के पत्रकार

नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा से आई अचानक बाढ़ के कारण 7 लोगों की मौत हो गई और 105 भारतीयों समेत 384 लोग लापता हैं। समय पर अर्ली वार्निंग न देने को लेकर पत्रकार परशुराम काफ्ले ने चीन पर निशाना साधा है।

नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त की सुबह तिब्बत सीमा की ओर से आई अचानक बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है। सुबह के समय भोटे कोसी नदी में आए भयंकर उफान के कारण तटीय रिहाइशी इलाके और बाजार जलमग्न हो गए, जिससे क्षेत्र में जान-माल का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। इस भयानक त्रासदी के बाद अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 105 भारतीय नागरिकों समेत कुल 384 लोग लापता बताए जा रहे हैं। अचानक आई इस तबाही के बाद नेपाल में चीन के रवैये को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि समय पर अर्ली वार्निंग न मिलने की वजह से नेपाल को इतनी बड़ी मानवीय और आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।

रसुवा जिले में तबाही और लापता लोगों का आंकड़ा

प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की दिशा से पानी का बहाव अचानक प्रचंड हो गया, जिसके चलते भोटे कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इस सैलाब ने रसुवा जिले के प्रमुख क्षेत्रों तिमुरे और स्याप्रुबेसी में भारी तबाही मचाई। पानी के तेज बहाव में स्थानीय दुकानें, बाजार और सुरक्षा संबंधी चौकियां जलमग्न हो गईं तथा उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा। टूरिज्म बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कुल 384 ट्रैवलर्स लापता हो चुके हैं। इन लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशियों में 105 लोग भारतीय नागरिक हैं जो इस दौरान क्षेत्र की यात्रा पर थे। इसके अलावा नेपाल और चीन बॉर्डर के पास ड्यूटी पर तैनात आर्म्ड पुलिस फोर्स के 9 जवान भी इस सैलाब की चपेट में आने के बाद से लापता हैं।

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सुरक्षा बलों का रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की अपील

बाढ़ के विकराल रूप को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने राहत और बचाव कार्यों में कोई ढील न देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन की गति बढ़ाने का आदेश दिया है ताकि लापता लोगों की खोज की जा सके। इस राहत अभियान में नेपाली आर्मी और नेपाल पुलिस के जवान दिन-रात जुटे हुए हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाकों और नदी के उफान वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 14 हेलीकॉप्टर्स को काम में लगाया गया है। लगातार जारी कोशिशों के चलते अब तक 25 लोगों को सुरक्षित स्थान पर निकाला जा चुका है। बिगड़ते हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से भोटे कोसी नदी के किनारों से पूरी तरह दूर रहने तथा सतर्कता बरतने की अपील की है।

चीन के रवैये पर भड़के पत्रकार और 'एकतरफा प्यार' का सवाल

बाढ़ के बाद पैदा हुए गंभीर संकट के बीच नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए चीन की नियत और जिम्मेदारी पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि नेपाल ने हमेशा अपने पड़ोसियों की सुरक्षा चिंताओं का पूरी निष्ठा से ध्यान रखा है। इसके बावजूद चीन ने बाढ़ के खतरे का कोई पूर्व अलर्ट या अर्ली वार्निंग न देकर नेपाल के साथ धोखा किया है। बेहद गुस्से में काफ्ले ने सवाल उठाया कि आखिर नेपाल इस एकतरफा प्यार की सजा क्यों भुगते। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि चीन की सीमा की तरफ से अक्सर नेपाल के लिए ऐसे जल और पर्यावरण संबंधी संकट पैदा होते रहते हैं, जिनकी कीमत निर्दोष लोगों को चुकानी पड़ती है।

सवाल-जवाब

नेपाल के रसुवा जिले में यह बाढ़ कब और कैसे आई?
26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे तिब्बत सीमा की ओर से भोटे कोसी नदी में अचानक भारी मात्रा में पानी आने से रसुवा जिले में भीषण बाढ़ आ गई।
इस बाढ़ में कितने भारतीय नागरिक लापता हैं?
टूरिज्म बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार लापता कुल 384 यात्रियों में से 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
पत्रकार परशुराम काफ्ले ने चीन पर क्या आरोप लगाया है?
पत्रकार परशुराम काफ्ले का आरोप है कि चीन ने बाढ़ आने की कोई पूर्व चेतावनी या अर्ली अलर्ट नहीं दिया, जिससे नेपाल को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन की क्या स्थिति है?
प्रधानमंत्री बालेन शाह के आदेश पर नेपाल आर्मी और पुलिस के जवान 14 हेलीकॉप्टर्स की मदद से बचाव कार्य में लगे हैं और अब तक 25 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
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