कोवे एयरमेगा माइटी2 एयर प्यूरीफायर रिव्यू: मध्यम कमरों और पेट्स के लिए बेहतरीन फिल्टरवायोमिंग आर्थिक सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश की विश्वसनीयता की बड़ी परीक्षाफिल्म रागिनी के क्लासिकल गीत पर उलझे ओपी नय्यर के लिए मोहम्मद रफी कैसे बने तारणहारयूजीसी और आरक्षण के मुद्दे पर 'भैयाजी कहिन' में तीखी बहस, कोमलकांत चौधरी और बलदेव सिंह ने उठाए तीखे सवालगुवाहाटी अंतरिक्ष कार्यशाला में पूर्वोत्तर को भारत के न्यू स्पेस सेक्टर का रणनीतिक केंद्र बनाने पर बनी सहमतिअमेरिका में महंगाई के आंकड़ों से सोने की चाल हुई धीमी, जानिए फेड ब्याज दरों पर क्या है मार्केट का संकेतअमेठी में बनी स्वदेशी AK-203 शेर राइफल ने पास किया फायरिंग ट्रायल, रक्षा क्षेत्र में भारत बना आत्मनिर्भरहाथरस में मुस्लिम युवती ने हिंदू धर्म अपनाकर प्रेमी विजय से रचाया विवाह, परिजनों की धमकी के बाद पुलिस से मांगी सुरक्षारायगढ़ में सब्जी के मामूली विवाद पर पति ने की पत्नी की हत्या, आंगन से मिलीं हड्डियां और DNA जांच से खुला सचपुरानी कड़वाहट भूल वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एलन मस्क को दिया ऑर्डर ऑफ फ्रीडम सम्मान, स्टारलिंक की मदद के लिए जताया आभार
शिवसागर में बीर लाचित सेना नेता मानस ज्योति चेतिया की मौत के बाद मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, असम पुलिस ने बढ़ाई तफ्तीशअसम
26 अग॰ 2026, 6:08 pm (1 घंटे पहले)· 3

शिवसागर में बीर लाचित सेना नेता मानस ज्योति चेतिया की मौत के बाद मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, असम पुलिस ने बढ़ाई तफ्तीश

शिवसागर के बीहुबार में बीर लाचित सेना के नेता मानस ज्योति चेतिया की संदिग्ध मौत के बाद असम सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मामले में पुलिस ने धारा 103(1) और 3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया है।

असम के शिवसागर जिले में बीर लाचित सेना के वरिष्ठ नेता मानस ज्योति चेतिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद राज्य सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए हैं। चेतिया 23 अगस्त को बीहुबार (बीरुबोर) इलाके में एक सड़क के किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (AMCH) में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ रही है।

उच्चस्तरीय पुलिस अधिकारियों की तैनाती और फॉरेंसिक जांच

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कड़े निर्देशों के बाद असम पुलिस ने मामले की छानबीन तेज कर दी है। असम के डीजीपी हरमीत सिंह ने बताया कि जांच की निगरानी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। आईजीपी (ईस्टर्न रेंज) केजे सैकिया और डीआईजी (एपी हेडक्वार्टर्स) डॉ रोबिन कुमार गुवाहाटी से फॉरेंसिक टीम के साथ शिवसागर के बीहुबार पहुंचे हैं, ताकि घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

इस पूरे मामले में बीहुबार पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत केस संख्या 10/26 दर्ज किया गया है। शिवसागर की एसएसपी पापोरी चेतिया (APS) खुद जमीन पर उतरकर इस जांच का नेतृत्व कर रही हैं। घटना के संदर्भ में डीजीपी असम पुलिस ने X पर लिखा कि पुलिस प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप मानस ज्योति चेतिया की मृत्यु से जुड़ी हर एक सच्चाई को सामने लाने के लिए गंभीर कदम उठा रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों का खुलासा

मानस ज्योति चेतिया का पोस्टमार्टम कराने के बाद आई शुरुआती रिपोर्ट में उनके शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनके सिर के पिछले हिस्से में बेहद गंभीर चोट लगी थी, जो उनकी मौत का मुख्य कारण बनी। 23 अगस्त को सड़क किनारे अचेत मिलने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें डिब्रूगढ़ स्थित अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद मंगलवार को उनकी जीवन लीला समाप्त हो गई।

बीर लाचित सेना के गंभीर आरोप और आंदोलन की चेतावनी

दूसरी ओर, बीर लाचित सेना ने इस घटना को एक प्रायोजित हमला करार दिया है। संगठन का दावा है कि चेतिया पर जानबूझकर जानलेवा हमला किया गया था। इस सिलसिले में संगठन की ओर से पुलिस को 10 लोगों के नाम सौंपते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। संगठन के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में आई बाढ़ के दौरान बीहुबार इलाके में कई संदिग्ध लोग दाखिल हुए थे, जिनमें बांग्लादेशी मुस्लिम भी शामिल हो सकते हैं। संगठन ने मांग की है कि पुलिस इस कोण से भी जांच करे।

बीर लाचित सेना के प्रमुख नेता शृंखल चालिहा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एफआईआर में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस उन्हें संरक्षण दे रही है। चालिहा ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नामजद लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए गए और उन्हें पकड़ा नहीं गया, तो उनका संगठन राज्यभर में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

मानस ज्योति चेतिया कौन थे?
मानस ज्योति चेतिया असम के शिवसागर जिले में बीर लाचित सेना के एक प्रमुख स्थानीय नेता थे।
शिवसागर में मानस ज्योति चेतिया के साथ क्या घटना हुई?
मानस ज्योति चेतिया 23 अगस्त को बीहुबार इलाके में सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल मिले थे और डिब्रूगढ़ के अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार को उनका निधन हो गया।
असम सरकार और पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
असम सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और पुलिस ने BNS की धारा 103(1)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर फॉरेंसिक जांच शुरू की है।
बीर लाचित सेना ने क्या आरोप लगाए हैं?
बीर लाचित सेना का आरोप है कि चेतिया पर 10 लोगों ने जानलेवा हमला किया था और संगठन ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार न करने पर राज्यव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·47 मिनट पहले

मानस ज्योति चेतिया की संदिग्ध मौत में बीएनएस की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज होना और मजिस्ट्रेट जांच के आदेश यह दिखाते हैं कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले को कितनी गंभीरता से ले रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर के पीछे गंभीर चोटें मिलने और बीर लाचित सेना द्वारा 10-सदस्यीय नामजद प्राथमिकी सौंपने के बाद अब जांच की दिशा पूरी तरह से फॉरेंसिक साक्ष्यों और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है। यदि समय रहते पुलिस ने पारदर्शी कार्रवाई नहीं की, तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है और विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले सकते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·46 मिनट पहले

मानस ज्योति चेतिया की संदिग्ध मौत और बीर लाचित सेना के आरोपों से असम के शिवसागर क्षेत्र में जो सामाजिक और राजनीतिक तनाव पैदा हुआ है, उसका सीधा असर पूर्वोत्तर के व्यापारिक माहौल और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। जब भी इस तरह के क्षेत्रीय संगठनों और कानून के बीच गतिरोध बढ़ता है, तो अनिश्चितता का माहौल निवेशकों और कॉरपोरेट सेंटीमेंट को प्रभावित करता है। अब यह पूरी तरह प्रशासन की तत्परता पर निर्भर करता है कि वह कितनी जल्दी वैज्ञानिक साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर वित्तीय और सामाजिक स्थिरता बहाल करता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR