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राजस्थान में 27 अगस्त को मौसम का यूटर्न, पूर्वी हिस्सों में बारिश के आसार तो पश्चिमी इलाके रहेंगे सूखेराजस्थान
26 अग॰ 2026, 5:59 pm (1 दिन पहले)· 3

राजस्थान में 27 अगस्त को मौसम का यूटर्न, पूर्वी हिस्सों में बारिश के आसार तो पश्चिमी इलाके रहेंगे सूखे

राजस्थान में 27 अगस्त को मानसून के तेवर ढीले पड़ने की संभावना है। पूर्वी संभागों में छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी हिस्से में मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा।

राजस्थान में मानसून की रफ्तार अब सुस्त पड़ती नजर आ रही है और आगामी 27 अगस्त को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलता हुआ दिखाई देगा। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की स्थिति में काफी भिन्नता देखने को मिलेगी। पूर्वी राजस्थान के कुछ चुनिंदा इलाकों में जहां बादलों की आवाजाही के बीच हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं, वहीं पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से में आसमान साफ रहने और मौसम पूरी तरह शुष्क बने रहने की संभावना जताई गई है। राज्य भर में एक साथ व्यापक या भारी बारिश का दौर फिलहाल थमता हुआ नजर आ रहा है।

पूर्वी राजस्थान में कहां बरसेंगे बादल

राज्य के पूर्वी हिस्से की बात करें तो 27 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ खास इलाकों में पानी बरसने की उम्मीद है। हालांकि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि इन सभी संभागों के हर एक जिले में झमाझम बारिश होगी। स्थानीय मौसम की परिस्थितियों और नमी के उतार-चढ़ाव के कारण कुछ जगहों पर ही छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि बाकी इलाकों में मौसम शुष्क बना रह सकता है। जयपुर संभाग के साथ-साथ भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर में छिटपुट बारिश की संभावना जरूर बनी हुई है, लेकिन मानसून की कमजोरी के चलते पूरे क्षेत्र में एक साथ व्यापक वर्षा का अनुमान नहीं लगाया गया है.

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उदयपुर, कोटा और अजमेर में कमजोर रहेगा मानसून

आगामी एक सप्ताह के सामान्य मौसम विश्लेषण पर नजर डालें तो उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के अधिकांश इलाकों में मानसून की गतिविधियां काफी कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। इन क्षेत्रों के ज्यादातर हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम मुख्यतः सूखा ही रहने की प्रबल संभावना है। हालांकि 27 अगस्त के दैनिक पूर्वानुमान के अनुसार इन संभागों में भी छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश की उम्मीद से इनकार नहीं किया गया है। स्थानीय स्तर पर बादलों के निर्माण और नमी के कारण कुछ स्थानों पर पानी बरस सकता है, लेकिन इसे पूरे संभाग में एक समान या व्यापक बारिश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इस समय राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की सक्रियता में असमानता साफ देखी जा रही है.

पश्चिमी राजस्थान का हाल और गर्मी का असर

दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान के लिए 27 अगस्त का दिन पूरी तरह शुष्क रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में आने वाले दिनों में मौसम सूखा ही बना रहेगा। पश्चिमी राजस्थान के एक बड़े भूभाग पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। बारिश की गतिविधियां बेहद कमजोर रहने के कारण दिन के समय लोगों को तेज उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि स्थानीय मौसम में अचानक होने वाले बदलावों के कारण छिटपुट जगहों पर आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं, लेकिन जोधपुर और बीकानेर संभाग में किसी भी व्यापक बारिश की संभावना से इनकार किया गया है। कुल मिलाकर 27 अगस्त को पश्चिमी राजस्थान में मानसून का प्रभाव पूर्वी इलाके की तुलना में काफी क्षीण रहने वाला है.

प्रमुख जिलों और संभागों में मौसम की स्थिति

राज्य के विभिन्न हिस्सों में 27 अगस्त को लेकर मौसम का अलग-अलग मिजाज देखने को मिलेगा। जयपुर में इस दिन छिटपुट बारिश की संभावना है, लेकिन पूरे जिले में एक साथ भारी या व्यापक पानी बरसने का कोई अनुमान नहीं है। भरतपुर संभाग में भी कुछ चुनिंदा स्थानों पर बादलों के बरसने की परिस्थितियां बन सकती हैं। कोटा में हालांकि कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है, लेकिन आने वाले दिनों में यहां मानसून के कमजोर पड़ने के पूरे आसार हैं। अजमेर में भी 27 अगस्त को कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में कमजोर मानसून का असर ही देखने को मिलेगा। वहीं जोधपुर समेत पूरे पश्चिमी राजस्थान में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने और बारिश की गतिविधियां बेहद सीमित रहने की संभावना है.

सवाल-जवाब

क्या 27 अगस्त को राजस्थान में बारिश होगी?
पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
क्या जयपुर में 27 अगस्त को बारिश होगी?
जयपुर संभाग में कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना जताई गई है, हालांकि पूरे क्षेत्र में व्यापक बारिश का अनुमान नहीं है।
पश्चिमी राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा?
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
किन इलाकों में मानसून कमजोर रहेगा?
उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के अधिकांश भागों में कमजोर मानसून परिस्थितियां रहने की संभावना है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

राजस्थान में मानसून का यह कमज़ोर पड़ना कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है, खासकर पश्चिमी इलाकों में जहाँ पहले से ही शुष्क स्थिति बनी हुई है। बारिश की कमी से न केवल तापमान और उमस में बढ़ोतरी होगी, बल्कि किसानों को खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं। यदि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ या स्थानीय नमी में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आया, तो यह स्थिति ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भूजल स्तर दोनों को प्रभावित कर सकती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

रोहन की यह आशंका सही है कि मानसून की यह सुस्ती ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है। पश्चिमी राजस्थान के शुष्क इलाकों में जब बारिश थम जाती है, तो पानी की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर भूजल स्तर पर पड़ता है। ऐसे में खरीफ फसलों को बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाएगा और यदि यह स्थिति लंबी खिंची, तो ग्रामीण इलाकों में आजीविका का संकट गहरा सकता है।

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