असम के चुनावी परिदृश्य में एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है, जहां भारतीय जनता पार्टी ने नगांव लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज करते हुए इसे कांग्रेस से छीन लिया है। मतगणना के दौरान बीजेपी प्रत्याशी देवाशीष शर्मा ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर भारी बढ़त कायम की, जिससे इस क्षेत्र का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गया। इस परिणाम के सामने आने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे एक निर्णायक जीत करार दिया और कहा कि यह जनादेश जनता के अटूट भरोसे को दर्शाता है।
गैर-पारंपरिक गढ़ में बीजेपी की बड़ी छलांग
नगांव संसदीय क्षेत्र को परंपरागत रूप से बीजेपी का मजबूत गढ़ नहीं माना जाता रहा है। इसके बावजूद पार्टी प्रत्याशी देवाशीष शर्मा ने यहां शानदार चुनावी प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने नगांव लोकसभा उपचुनाव में यह निर्णायक सफलता पाई है, जो सीट पहले कांग्रेस के कब्जे में थी।
मुख्यमंत्री ने इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि जिस क्षेत्र में कांग्रेस का दबदबा रहा करता था, वहां इस उपचुनाव में वह सीधे तीसरे नंबर पर खिसक गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह नतीजा दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीकार्यता और लोकप्रियता विभिन्न समुदायों के बीच लगातार मजबूत हो रही है। इसके साथ ही असम की जनता ने उनके विकसित भारत के दृष्टिकोण पर अपना गहरा विश्वास जताया है।
मतगणना के आंकड़े और भारी अंतर
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शाम 6.54 बजे तक बीजेपी प्रत्याशी देवाशीष शर्मा कुल 6,97,177 मत हासिल कर चुके थे। उस समय तक वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 1.5 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से आगे चल रहे थे। मतगणना प्रक्रिया लगातार जारी रही, जिसने शुरुआती दौर से ही बीजेपी की बढ़त को एकतरफा जीत में बदल दिया।
इस शानदार जीत पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नगांव की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकल्प जताया कि राज्य सरकार असम के विकास की यात्रा को दोगुनी ऊर्जा और निष्ठा के साथ आगे बढ़ाएगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन के कुशल मार्गदर्शन में सक्रिय रहे सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और चुनावी प्रयासों की भी जमकर सराहना की।
विपक्षी खेमे पर तीखे राजनीतिक हमले
नगांव उपचुनाव के इस नतीजे ने कांग्रेस के भीतर भी राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। बीजेपी विधायक प्रद्युत बोरदोलोई ने इस चुनावी हार को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से पूरी तरह कट चुका है और इसी अलगाव का परिणाम चुनावी मैदान में देखने को मिल रहा है।
बीजेपी विधायक प्रद्युत बोरदोलोई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस जनादेश ने एक बात पूरी तरह साफ कर दी है कि कांग्रेस का नेतृत्व अंदर से खोखला हो चुका है। नगांव के इस उपचुनाव परिणाम ने राज्य में राजनीतिक शक्ति संतुलन को स्पष्ट कर दिया है, जिससे कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में भी भारी सेंधमारी के संकेत मिले हैं।





















