असम के कामरूप जिले की रहने वाली बी. बरुआ कॉलेज की 20 वर्षीय छात्रा हिमाश्री बोरो की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को पत्र भेजकर इस पूरे प्रकरण की त्वरित, गहन और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। ट्रेन यात्रा के दौरान अचानक गायब हुई इस छात्रा का शव आंध्र प्रदेश के एक वन क्षेत्र से बरामद किया गया था, जिससे पूरे असम में गहरा शोक और गंभीर चिंता का माहौल बना हुआ है।
विशाखापट्टनम से गुवाहाटी वापसी के दौरान हुई घटना
प्राप्त विवरण के अनुसार, हिमाश्री बोरो एक सांस्कृतिक नृत्य दल के हिस्से के रूप में विशाखापट्टनम गई हुई थीं। अपना कार्यक्रम पूरा करने के बाद वह असम लौटने के लिए 5 अक्टूबर को विशाखापट्टनम से डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22503) में सवार हुई थीं। यात्रा के अगले ही दिन 6 अक्टूबर को छात्रा ने अपने परिवार को एक बेहद व्यथित करने वाला संदेश भेजा, जिसमें उसने ट्रेन में अपने इर्द-गिर्द कई संदिग्ध पुरुषों की मौजूदगी और उनसे पैदा हुए गहरे खतरे का जिक्र किया था।
इस संदेश के बाद छात्रा अचानक ट्रेन से लापता हो गई। बाद में ट्रेन के एस2 कोच से उसका बैग लावारिस हालत में बरामद किया गया, जबकि छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला। इसके एक दिन बाद आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित मलयापुरम के पास घने वन क्षेत्र से उसका मृत शरीर मिलने से सनसनी फैल गई। कोच में सामान छूटना और शव का जंगल में मिलना गंभीर साजिश और अनहोनी की ओर साफ इशारा कर रहा है।
गहन पड़ताल और निष्पक्ष हस्तक्षेप की अपील
दोनों वरिष्ठ नेताओं को लिखे अपने आधिकारिक संदेश में असम के मुख्यमंत्री ने इस दुखद क्षति पर अत्यंत पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस तरह के हालात सामने आए हैं, वे किसी गंभीर अनहोनी और साजिश का गहरा संदेह पैदा करते हैं। इस वजह से राज्यभर के लोगों में भारी क्षोभ है। उन्होंने रेल प्रशासन से आग्रह किया कि केवल मौत की वजहों की ही नहीं, बल्कि चलती ट्रेन में घटित हर एक गतिविधि की बारीकी से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मुख्यमंत्री ने मामले में निष्पक्षता पर जोर देते हुए लिखा, "मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि रेल अधिकारियों के माध्यम से न केवल उनकी मौत की परिस्थितियों की, बल्कि ट्रेन यात्रा के दौरान घटी घटनाओं की भी एक निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का आदेश दें।" उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में कोई ढिलाई न बरती जाए और दोषियों की जल्द पहचान कर उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाए।
असम पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी आंध्र प्रदेश रवाना
इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने X पर लिखा कि हिमाश्री बोड़ो के दुखद निधन से वे बेहद आहत हैं और इस कठिन समय में उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि उन्होंने रेल मंत्री और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की तह तक जाने का आग्रह किया है।
मामले में अंतरराज्यीय तालमेल सुनिश्चित करने के लिए असम सरकार ने त्वरित कदम उठाया है। असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी को आंध्र प्रदेश भेजा गया है ताकि वह वहां की स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और पुलिस के साथ मिलकर जांच के हर पहलू पर सीधे समन्वय कर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि देश के किसी भी हिस्से में मौजूद असम के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
























