असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या रेलवे स्टेशन पर गुरुवार शाम एक बड़ी कार्रवाई के दौरान 57 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अपनी हिरासत में लिया। यह पूरी कार्रवाई मालीगांव इलाके में पड़ने वाले स्टेशन पर उस समय हुई जब ब्रह्मपुत्र मेल वहां पहुंची थी। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि ट्रेन में सवार यह पूरा समूह जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर से भागकर यहां पहुंचा था, हालांकि पकड़े गए लोगों की विस्तृत पहचान और उनके यात्रा कारणों की जांच अभी जारी है।
गुवाहाटी में अवैध घुसपैठ के खिलाफ धरपकड़ तेज
कामाख्या स्टेशन पर हुई यह कार्रवाई गुवाहाटी में पिछले दो दिनों से अवैध प्रवेश के संदेह में चलाए जा रहे व्यापक अभियानों की कड़ी का हिस्सा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कुलेंद्र नाथ डेका के अनुसार, अलग-अलग अभियानों के तहत शहर भर से कम से कम 17 बांग्लादेशी नागरिकों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियां पूर्वोत्तर के प्रमुख रेलवे जंक्शनों और संवेदनशील इलाकों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि अनधिकृत प्रवेश और आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
पलटन बाजार और होटल नेटवर्क का खुलासा
इससे पहले मंगलवार को पलटन बाजार रेलवे स्टेशन के पास नियमित जांच के दौरान लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस के जनरल कोच से पांच संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि ये पांचों व्यक्ति मेघालय के डाउकी बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे और 5 अक्टूबर को गुवाहाटी पहुंचे थे। शहर पहुंचने के बाद उन्होंने स्थानीय इलाके के एक होटल में शरण ली थी।
गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक से पूछताछ के बाद पुलिस उस होटल तक पहुंचने में कामयाब रही। इसके बाद जांच अधिकारियों ने होटल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, जिसके आधार पर पान बाजार पुलिस स्टेशन में औपचारिक मामला दर्ज किया गया। जांचकर्ता अब इस बात की गहन पड़ताल कर रहे हैं कि सीमा पार से अवैध प्रवेश का यह नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था और गुवाहाटी पहुंचने के बाद इन लोगों की आगे क्या योजना थी।



















