असम की प्रतिष्ठित नगांव संसदीय सीट पर मंगलवार को उपचुनाव के तहत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। निर्वाचन अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, शाम 5 बजे तक लगभग 76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक मतदान केंद्रों के परिसर में कतारों में खड़े मतदाताओं को वोट डालने की अनुमति दी गई, जिससे अंतिम आंकड़े में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। पूरे संसदीय क्षेत्र में मतदान बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ।
आठों विधानसभा क्षेत्रों में शांतिपूर्ण वोटिंग और तकनीकी समाधान
संसदीय क्षेत्र के सभी आठ विधानसभा इलाकों में सुबह 7 बजे से वोट डालने का सिलसिला शुरू हुआ था। कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में तकनीकी खराबी सामने आई थी, लेकिन चुनाव कर्मियों ने प्रभावित मशीनों को तुरंत बदलकर मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखा। किसी भी क्षेत्र से किसी बड़ी गड़बड़ी या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
विधानसभा वार मतदान के आंकड़े
विधानसभा क्षेत्रों में मतदान के रुझान अलग-अलग रहे, जहां सामगुरी में सबसे ज्यादा 80.22% मतदान दर्ज हुआ। इसके बाद लहरीघाट में 78.88% और धींग में 77.93% वोट पड़े। रूपोहीहाट में 77.67% और जागीरोड में 76.67% मतदाताओं ने अपने मत डाले। मोरीगांव में 72.85% तथा नगांव-बटाद्रोबा में 72.01% मतदान दर्ज किया गया। राहा विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 70.29% वोटिंग दर्ज हुई।
चुनावी मैदान में 15 प्रत्याशी और प्रमुख दावेदार
इस उपचुनाव में कुल 15 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य मुकाबला देवाशीष शर्मा, शिबामोनी बोरा और AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बीच माना जा रहा है। बीजेपी प्रत्याशी और पूर्व IAS अधिकारी देवाशीष शर्मा ने जागीरोड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मायॉन्ग हायर सेकेंडरी स्कूल में जाकर मतदान किया। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व विधायक शिबामोनी बोरा ने नगांव-बटाद्रबा क्षेत्र के मजगांव प्राइमरी स्कूल में अपना वोट डाला।
मतदाताओं की संख्या और राजनीतिक पृष्ठभूमि
इस संसदीय उपचुनाव में कुल 19,02,009 मतदाता अपने मताधिकार के पात्र थे। इन मतदाताओं में 9,58,595 पुरुष, 9,43,364 महिलाएं और 50 थर्ड जेंडर श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। नगांव लोकसभा सीट हमेशा से कड़े मुकाबले वाली मानी जाती रही है, जहां इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच मुख्य भिड़ंत देखने को मिल रही है। पूर्व नगांव सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और उनके बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी इस सीट को कांग्रेस से छीनने की कोशिश में है। वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को तय की गई है।






















