असम और त्रिपुरा की सीमा पर स्थित श्रीभूमि जिले में दो दिन से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता भाजपा के एक स्थानीय नेता का शव मिलने के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया है। 52 वर्षीय बूथ अध्यक्ष विकास रंजन धर की हत्या के बाद स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिससे कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। पुलिस ने इस हत्याकांड के सिलसिले में छह लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
मोटरसाइकिल से निकलने के बाद हुए थे गायब
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छागलमोवा गांव के निवासी विकास रंजन धर 12 अगस्त को अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर से निकले थे। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटे और उनके परिवार वाले उनसे संपर्क करने में असमर्थ रहे, तो परिजनों ने पुलिस में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की और लापता नेता के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड खंगाले। कॉल रिकॉर्ड की जांच से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस आखिरकार शुक्रवार को जोगीछड़ा में एक तालाब के निकट उस स्थान तक पहुंची, जहां से विकास रंजन धर का शव बरामद किया गया।
व्यक्तिगत रंजिश का अंदेशा और आरोपी का पुलिस पर हमला
इस जघन्य हत्याकांड के संबंध में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में ले लिया है, जिनमें 24 वर्ष और 30 वर्ष की आयु के दो मुख्य संदिग्ध भी शामिल हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) त्रिनयन भुयान ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिलते हैं कि यह वारदात व्यक्तिगत रंजिश के कारण अंजाम दी गई है। जांच के दौरान हिरासत में लिया गया एक संदिग्ध पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश करने लगा और उसने एक कांस्टेबल पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने आत्मरक्षार्थ गोली चलाई, जो आरोपी के बाएं पैर में लगी। इसके बाद उसे दोबारा काबू में कर हिरासत में ले लिया गया।
बाजारों में तोड़फोड़, आगजनी और धारा 163 लागू
विकास रंजन धर का शव मिलने की खबर फैलते ही छागलमोवा, बाजारीचेड़ा और आसपास के इलाकों में नागरिक सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ के विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिनमें कुछ दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और हत्या तथा उसके बाद हुई हिंसा दोनों मामलों की गहराई से जांच की जा रही है।



















