ज्योतिष में शनि को न्याय का ग्रह माना जाता है और जब यह किसी राशि से चौथे या आठवें भाव में गोचर करता है, तो उस राशि पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाती है। यह दौर लगभग ढाई साल तक चलता है। इस समय शनि मीन राशि में विराजमान हैं, जिसकी वजह से सिंह और धनु राशि के जातक इस ढैय्या के दायरे में आ चुके हैं। हालांकि ढैय्या का मतलब सिर्फ परेशानी नहीं होता, अगर मेहनत और धैर्य बनाए रखा जाए तो इस दौर में भी अच्छे नतीजे मिल सकते हैं।
सिंह राशि वालों पर कब से और क्या असर
सिंह राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या 29 मार्च 2025 से शुरू हो चुकी है। इस दौर में नौकरी और कारोबार, दोनों में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, यानी काम का दबाव पहले से ज्यादा महसूस हो सकता है। किसी भी फैसले में जल्दबाजी दिखाना नुकसानदायक साबित हो सकता है, इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाना बेहतर रहेगा। पैसों से जुड़े मामलों में भी बिना सोचे-समझे फैसला लेने से बचना चाहिए। इसके अलावा परिवार के साथ तालमेल बनाए रखना और छोटी-छोटी बातों पर विवाद से दूर रहना इस दौर में खास तौर पर जरूरी बताया गया है।
धनु राशि वालों के लिए सावधानी जरूरी
सिंह राशि की तरह ही धनु राशि के जातक भी इस समय शनि की ढैय्या से गुजर रहे हैं। इस दौरान काम में मेहनत का दबाव और बढ़ सकता है, वहीं काम में जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए हर फैसला सोच-समझकर लेने की सलाह दी गई है। खर्चों पर नजर बनाए रखना और किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचना इस दौर में फायदेमंद रहेगा। जो लोग धैर्य के साथ आगे बढ़ते रहेंगे, उनके लिए हालात धीरे-धीरे अनुकूल होते नजर आएंगे।
ढैय्या कब होगी खत्म
सिंह और धनु, दोनों राशियों के जातकों को राहत तभी मिलेगी जब शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मौजूदा ग्रह स्थिति के आधार पर यह बदलाव जून 2027 के आसपास होने की संभावना जताई जा रही है। यानी दोनों राशियों को अभी करीब डेढ़ साल तक इस ढैय्या के प्रभाव में रहना पड़ सकता है।
क्या होती है शनि की ढैय्या
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब शनि जन्म राशि से चौथे या आठवें भाव में आते हैं, तो इसे शनि की ढैय्या कहा जाता है। यह असर लगभग ढाई साल तक बना रहता है और इस पूरे दौर में व्यक्ति को मेहनत, अनुशासन और धैर्य, तीनों मोर्चों पर परीक्षा से गुजरना पड़ सकता है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता, यह हर किसी की अपनी जन्म कुंडली के हिसाब से अलग-अलग तरह से सामने आता है।



















