बिहार के जमुई जिले में तैनात एक दारोगा पर सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती को शादी तक ले जाने और फिर जाति के नाम पर साथ छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। मुंगेर इलाके की एक महिला ने शुक्रवार शाम जमुई एसपी को आवेदन देकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की है।
चंद्रदीप थाने के दारोगा पर आरोप
पीड़िता के मुताबिक जमुई जिले के चंद्रदीप थाने में तैनात दारोगा कुंदन कृष्णा ने पिछले छह महीनों में अलग-अलग होटलों में बुलाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि जब भी साथ रहने की बात आती, दारोगा आश्वासन देकर टाल देते थे। आखिरकार जब उन्होंने साफ इनकार किया, तो वजह अलग जाति बताई गई।
फेसबुक की दोस्ती से मंदिर में शादी तक
महिला ने बताया कि करीब एक साल पहले फेसबुक के जरिए उनकी दारोगा कुंदन कृष्णा से जान-पहचान हुई थी। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हुआ। इसी प्रेम कहानी का नतीजा यह निकला कि 13 फरवरी 2026 को दोनों ने मुंगेर स्थित चंडिका स्थान में शादी कर ली। महिला के मुताबिक शादी के बाद भी सिलसिला यहीं नहीं थमा, दारोगा उन्हें मुंगेर और बेगूसराय के होटलों में बुलाते रहे और शारीरिक संबंध बनाते रहे।
जाति बताकर पांच लाख में सौदा, फिर थाने में धमकी
महिला का आरोप है कि जब उन्होंने दारोगा से साथ रहने और शादी को सार्वजनिक करने की मांग की तो जवाब मिला कि दोनों की जाति अलग है, इसलिए साथ रहना संभव नहीं है। पीड़िता का कहना है कि दारोगा ने उन्हें पांच लाख रुपये देकर चुपचाप चले जाने को कहा। महिला के विरोध जताने पर उन्हें जबरन चंद्रदीप थाने ले जाया गया, जहां उन्हें धमकाया गया। पीड़िता ने यह भी बताया कि थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें वहां से भगा दिया गया। इसी के बाद महिला ने एसपी के पास पहुंचकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
दारोगा ने आरोपों से किया इनकार
आरोपों पर सफाई देते हुए दारोगा कुंदन कृष्णा ने कहा, "मैंने कोई शादी नहीं की है और मुझ पर लगाए गए आरोप गलत हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि वे फिलहाल बीमार हैं और इस मामले में आगे कुछ नहीं बता सकते। जमुई पुलिस की तरफ से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और मामले की जांच का इंतजार है।



















