झारखंड के बोकारो जिले में पेटरवार प्रखंड के किसान तारेश्वर महतो अपनी महज 70 डिसमिल जमीन से अरबी की खेती करके शानदार कमाई कर रहे हैं और इलाके के बाकी किसानों के लिए मिसाल बन गए हैं। कम लागत में उन्होंने इस एक फसल से लाखों रुपये का मुनाफा कमाया है।
पीढ़ियों से खेती से जुड़ा है परिवार
तारेश्वर महतो पेशे से किसान हैं और उनका पूरा परिवार कई पीढ़ियों से खेती-बाड़ी पर ही निर्भर रहा है। पिछले 10 सालों से वह बड़े रकबे में अरबी की खेती करते आ रहे हैं और उन्हें सबसे ज्यादा मुनाफा इसी फसल से मिलता है।
फरवरी में बुवाई, 5 से 6 महीने में तैयार फसल
इस साल तारेश्वर ने फरवरी महीने में अरबी की बुवाई की थी। यह फसल तैयार होने में करीब 5 से 6 महीने का समय लेती है, जो दूसरी कई फसलों के मुकाबले ज्यादा है। इसके बावजूद किसानों को अच्छी कमाई का मौका मिलता है, क्योंकि सिर्फ अरबी के कंद ही नहीं बल्कि इसके पत्ते बेचकर भी पैसा कमाया जा सकता है। अरबी के पत्तों से बनने वाली सब्जी और पकौड़ी लोगों के बीच खूब पसंद की जाती है, इसलिए किसानों को एक ही फसल से दोहरी कमाई का मौका मिल जाता है।
10 हजार की लागत में 1.25 लाख रुपये की आमदनी
तारेश्वर के मुताबिक 70 डिसमिल जमीन में अरबी उगाने पर कुल मिलाकर करीब 10 हजार रुपये का खर्च आता है। बाजार में अरबी 20 से 25 रुपये प्रति किलो के भाव में बिकती है। अगर देखभाल सही तरीके से की जाए तो इतनी जमीन से 50 क्विंटल से ज्यादा उत्पादन मिल सकता है। इस हिसाब से 70 डिसमिल की अरबी की फसल से करीब 1,25,000 रुपये की कमाई हो जाती है। इसमें से 10 हजार रुपये की लागत निकाल दें, तो तारेश्वर के पास करीब 1,15,000 रुपये का शुद्ध मुनाफा बच जाता है। वह अपनी तैयार फसल पेटरवार हाट में बेचते हैं।
मेहनत ज्यादा, लेकिन फायदा भी उतना ही ज्यादा
दूसरी फसलों के मुकाबले अरबी की खेती में समय ज्यादा लगता है, इसलिए नियमित सिंचाई, खरपतवार पर काबू और समय-समय पर देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। तारेश्वर बताते हैं कि थोड़ी ज्यादा मेहनत करने पर किसानों को इससे बेहतर मुनाफा मिलता है। खास बात यह है कि लागत के मुकाबले इस फसल में कमाई कहीं ज्यादा है, क्योंकि पत्ते बिकते ही आमदनी शुरू हो जाती है, यानी मुख्य फसल तैयार होने से पहले ही जेब में पैसे आने लगते हैं। ज्यादातर फसलों में किसान के पास बेचने के लिए सिर्फ एक ही चीज होती है, लेकिन अरबी में पत्ते और कंद दोनों बिकने से मुनाफा दोगुना हो जाता है।



















