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अंबाला में बरसात के साथ बढ़े पेट और त्वचा के मरीज, होम्योपैथिक ओपीडी में उमड़ी भीड़स्वास्थ्य
18 जुल॰ 2026, 1:18 pm (45 दिन पहले)· 1

अंबाला में बरसात के साथ बढ़े पेट और त्वचा के मरीज, होम्योपैथिक ओपीडी में उमड़ी भीड़

अंबाला शहर नागरिक अस्पताल की होम्योपैथिक ओपीडी में बरसात शुरू होते ही उल्टी-दस्त, बुखार, फंगल इंफेक्शन और त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ गई है, डॉक्टरों के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह दूषित पानी और जलभराव है।

हरियाणा के अंबाला में मानसून की दस्तक के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। शहर के नागरिक अस्पताल की होम्योपैथिक ओपीडी में हर दिन उल्टी-दस्त, बुखार, फंगल इंफेक्शन और त्वचा पर दाने जैसी शिकायतें लेकर नए मरीज पहुंच रहे हैं, और डॉक्टरों के मुताबिक इसके पीछे बारिश के बाद जगह-जगह जमा गंदा पानी और दूषित पेयजल सबसे बड़ी वजह है।

तेज गर्मी के बाद बरसात की पहली बूंदें भले ही राहत का एहसास कराती हों, लेकिन यही मौसम कई परिवारों के लिए सेहत की मुसीबत भी बन जाता है। बढ़ती नमी, सड़कों पर जमा पानी और संक्रमित पेयजल मिलकर लोगों को बीमार बना रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो जरा-सी लापरवाही, खासकर दूषित पानी पीना या बाहर का खुला खाना खाना, संक्रमण को सीधा न्योता देने जैसा है। यही वजह है कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में एक बड़ा हिस्सा अब होम्योपैथिक इलाज की ओर भी रुख कर रहा है।

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दूषित पानी और जलभराव बनी बीमारी की जड़

अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में तैनात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रजिता के अनुसार, बरसात के मौसम में पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ती है और इसकी सबसे बड़ी वजह दूषित पानी और जगह-जगह जमा जलभराव है। उन्होंने बताया कि बारिश के बाद कई बार सप्लाई का पेयजल भी संक्रमित हो जाता है, जिससे बैक्टीरियल इंफेक्शन तेजी से फैलने लगता है और मरीजों को उल्टी-दस्त जैसी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।

लक्षण देखकर तय होती है होम्योपैथिक दवा

डॉ. रजिता बताती हैं कि होम्योपैथिक पद्धति में इलाज बीमारी के नाम पर नहीं, बल्कि मरीज में दिख रहे लक्षणों के आधार पर किया जाता है। इसी सिद्धांत के तहत मौजूदा मौसम में पल्सेटिला, कार्बो वेज, कोलोसिंथ और आर्सेनिकम एल्बम जैसी दवाएं दी जा रही हैं, जिनसे मरीजों को काफी राहत मिल रही है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना खुद से लेना ठीक नहीं है, क्योंकि गलत दवा फायदे की जगह नुकसान भी कर सकती है।

फंगल इंफेक्शन और मच्छरों से बढ़ा खतरा

डॉ. रजिता के मुताबिक बरसात में सिर्फ पेट की बीमारियां ही नहीं, त्वचा से जुड़ी दिक्कतें भी तेजी से बढ़ती हैं। जगह-जगह गंदा पानी जमा रहने की वजह से पैरों में फंगल इंफेक्शन, खुजली और त्वचा पर लाल दाने जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। इसके अलावा जमा हुआ पानी मच्छरों के पनपने की सबसे मुफीद जगह बन जाता है, जिससे बुखार समेत दूसरी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।

इन आसान सावधानियों से बच सकते हैं बरसाती बीमारियों से

डॉ. रजिता का कहना है कि अगर लोग कुछ छोटी-छोटी सावधानियां अपना लें तो बरसाती बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है। उन्होंने सलाह दी कि हमेशा घर का बना ताजा खाना ही खाएं और बाहर खुले में बिकने वाली चीजों से दूरी बनाएं। पीने के पानी को उबालकर ही इस्तेमाल करना चाहिए, भले ही घर में आरओ सिस्टम क्यों न लगा हो। बाजार से लाए गए फल और सब्जियों को भी अच्छी तरह धोने के बाद ही खाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि इस मौसम में मांस और मछली जैसे नॉनवेज खाद्य पदार्थों से भी परहेज करना बेहतर रहेगा, क्योंकि बरसात में इनके जल्दी दूषित होने का खतरा ज्यादा रहता है।

सिर्फ 5 रुपये में मिल रहा होम्योपैथिक इलाज

डॉ. रजिता ने बताया कि अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में मरीज सिर्फ 5 रुपये की ओपीडी पर्ची बनवाकर होम्योपैथिक चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं। यहां दवाइयां पूरी तरह मुफ्त दी जाती हैं और जरूरत पड़ने पर जांच की सुविधा भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती है।

उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम अपने साथ खुशियां तो जरूर लेकर आता है, लेकिन थोड़ी-सी लापरवाही इसी मौसम को पूरे परिवार की सेहत के लिए भारी बना सकती है। ऐसे में साफ-सफाई का ध्यान रखना, सुरक्षित खान-पान अपनाना और लक्षण दिखते ही समय पर इलाज कराना ही इस मौसम में स्वस्थ रहने की सबसे बड़ी कुंजी है।

सवाल-जवाब

अंबाला के किस अस्पताल में मरीज बढ़ रहे हैं?
अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल की होम्योपैथिक ओपीडी में उल्टी-दस्त, बुखार, फंगल इंफेक्शन और त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
बरसात में बीमारियां बढ़ने की सबसे बड़ी वजह क्या है?
डॉ. रजिता के मुताबिक दूषित पानी और जगह-जगह जमा जलभराव इसकी सबसे बड़ी वजह है, जिससे बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से फैलता है।
होम्योपैथिक इलाज में कौन-सी दवाएं दी जा रही हैं?
मरीजों को पल्सेटिला, कार्बो वेज, कोलोसिंथ और आर्सेनिकम एल्बम जैसी दवाएं लक्षणों के आधार पर दी जा रही हैं।
अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में होम्योपैथिक ओपीडी की पर्ची कितने रुपये की है?
सिर्फ 5 रुपये की ओपीडी पर्ची बनवाकर मरीज होम्योपैथिक चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं और दवाइयां भी मुफ्त मिलती हैं।
क्या बिना डॉक्टर की सलाह के होम्योपैथिक दवा ली जा सकती है?
नहीं, डॉ. रजिता ने साफ कहा है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए।
बरसात में फंगल इंफेक्शन और मच्छरों का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
जगह-जगह जमा गंदा पानी पैरों में फंगल इंफेक्शन और खुजली की वजह बनता है, और यही जमा पानी मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण भी है।
बरसाती बीमारियों से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
घर का ताजा खाना खाएं, बाहर का खुला खाना न खाएं, पानी उबालकर पिएं, फल-सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं और इस मौसम में नॉनवेज से परहेज करें।
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