सरकारी विभागों में स्थाई और एडहॉक पदों के बीच वेतन अधिकार एवं सुरक्षा का बड़ा अंतर जानिएमानिकपुर के जंगलों में स्थित आनंदी माता मंदिर का 100 साल पुराना कुआं, भीषण सूखे में भी नहीं सूखता इसका पानीदैनिक राशिफल 31 जुलाई 2026 मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल, जानिए किन 4 राशियों को सेहत पर देना होगा विशेष ध्यानगाज़ा में नई रक्षात्मक दीवारें खड़ी कर रहा इज़राइल, विस्थापित परिवारों की बढ़ी मुसीबतेंसिंह राशि में सूर्य और केतु का दुर्लभ महासंयोग, जानिए किन 6 राशियों की चमकेगी किस्मत और किन्हें रहना होगा सावधानमानसून में गमलों को सड़ने से बचाने के घरेलू उपाय और पौधों की देखभाल के आसान तरीकेचीन के आर्टिफिशियल सन प्रोजेक्ट का जिक्र कर अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल30 जुलाई 2026 को मूलांक 9 के जातकों को मंगल से मिलेगी नई ऊर्जा, जिम्मेदारियों को पूरा कर हासिल करेंगे बढ़तगंडीपेट झील किनारे छिपा वो महल, जहां बाढ़ के बाद निज़ाम ने बनाया था अपना गर्मियों का ठिकानारेलवे स्टेशन स्थित जोधपुर प्रधान डाकघर में शुरू हुआ स्व-सेवा कियोस्क, बिना कतार खुद बुक कर सकेंगे स्पीड पोस्ट
सिंह राशि में सूर्य और केतु का दुर्लभ महासंयोग, जानिए किन 6 राशियों की चमकेगी किस्मत और किन्हें रहना होगा सावधानराशिफल
30 जुल॰ 2026, 1:37 pm (2 घंटे पहले)· 1

सिंह राशि में सूर्य और केतु का दुर्लभ महासंयोग, जानिए किन 6 राशियों की चमकेगी किस्मत और किन्हें रहना होगा सावधान

17 अगस्त को सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करने जा रहे हैं, जहां पहले से ही मायावी ग्रह केतु मौजूद हैं। सूर्य और केतु की इस युति से ग्रहण योग बनेगा, जिसका सकारात्मक और नकारात्मक असर विभिन्न राशियों पर देखने को मिलेगा।

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का गोचर और उनकी युति मानव जीवन के साथ-साथ सभी 12 राशियों पर व्यापक प्रभाव डालती है। इसी कड़ी में 17 अगस्त को ग्रहों के राजा सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करने जा रहे हैं। सिंह राशि में सूर्य का यह प्रवेश अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वहां पहले से ही छाया ग्रह केतु विराजमान हैं। जब एक ही राशि में सूर्य और केतु का मिलन होता है, तो सूर्य-केतु की युति बनती है। ज्योतिषीय गणनाओं में इस स्थिति को ग्रहण योग का नाम दिया जाता है। चूंकि सिंह राशि स्वयं सूर्य देव की स्वामित्व वाली राशि है, इसलिए वहां सूर्य का आना बल प्रदान करता है, परंतु केतु की उपस्थिति के कारण जातकों को कई तरह की चुनौतियों और अनूठे अवसरों का सामना एक साथ करना पड़ेगा।

सूर्य और केतु का ज्योतिषीय स्वरूप एवं युति का प्रभाव

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सूर्य और केतु दो बिल्कुल विपरीत स्वभाव वाले ग्रह माने जाते हैं। सूर्य देव को आत्मा, आत्मविश्वास, पिता, उच्च पद, नेतृत्व क्षमता और सरकारी क्षेत्र से मिलने वाले लाभ का कारक माना गया है। दूसरी ओर केतु एक मायावी और छाया ग्रह है, जो अलगाव, वैराग्य, आध्यात्मिकता, शोध और मोक्ष का प्रतिनिधित्व करता है। जब ये दो प्रभावशाली शक्तियां सिंह राशि में एक साथ आती हैं, तो जातक के मन और मस्तिष्क पर इसका गहरा असर पड़ता है। इस युति के प्रभाव से व्यक्ति के आत्मविश्वास में अचानक बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। कभी व्यक्ति अत्यधिक आत्मविश्वासी महसूस करता है तो कभी अचानक उसमें झिझक या संकोच की भावना उत्पन्न हो जाती है।

ये भी पढ़ें

युति के दौरान उत्पन्न होने वाले मुख्य लक्षण और परिस्थितियां

सूर्य और केतु का यह महासंयोग व्यक्ति की सोच और जीवनशैली में भी बदलाव लाता है। इस अवधि में जातकों का झुकाव भौतिक मोह-माया से हटकर आध्यात्मिकता और सादगी की ओर बढ़ता है। लोग साधारण जीवन जीना पसंद करने लगते हैं और आडंबरों से दूरी बना लेते हैं। इसके अलावा, केतु के प्रभाव से व्यक्ति की रचनात्मकता और सोचने की क्षमता बहुत तीव्र हो जाती है। हालांकि, निर्णय लेने के मामले में यह युति भ्रम की स्थिति पैदा करती है, जिससे व्यक्ति समय पर सही फैसले लेने में कठिनाई महसूस करता है। पारिवारिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो सूर्य पिता का प्रतीक हैं, जिसके कारण इस दौरान पिता के साथ विचारों का मतभेद या संबंधों में तनाव आ सकता है। वहीं दूसरी ओर, सरकारी क्षेत्र से जुड़े कार्यों या सरकारी लाभ प्राप्त करने के मामले में यह युति अनुकूल परिणाम भी प्रदान करती है।

इन 6 राशियों पर सूर्य-केतु युति का सकारात्मक असर

सिंह राशि में बन रहा यह ग्रहण योग भले ही चुनौतियां लेकर आए, लेकिन 6 विशेष राशियों के लिए यह गोचर तरक्की और लाभ के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा।

मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य और केतु का यह संयोग पराक्रम और साहस में वृद्धि करेगा। इस अवधि में आपको अचानक धन लाभ होने के मजबूत योग बन रहे हैं। इसके साथ ही पिता या पैतृक संपत्ति के माध्यम से भी आपको बड़ा लाभ मिल सकता है।

मिथुन राशि: मिथुन राशि वाले जातकों को इस दौरान किस्मत का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। आपके करियर में सफलता के नए मार्ग खुलेंगे और कार्यक्षेत्र में उन्नति मिलेगी। यदि आप सरकारी योजना या सरकारी नौकरी से जुड़े प्रयास कर रहे हैं, तो उसमें भी सफलता मिलने की संभावना है।

सिंह राशि: चूंकि यह युति सिंह राशि में ही बन रही है, इसलिए इस राशि के जातकों को यात्राओं पर जाने का अवसर मिलेगा। इस दौरान आपकी मुलाकात किसी विशेष व्यक्ति से हो सकती है जो भविष्य में मददगार साबित होगा। वित्तीय स्थिति और नौकरी को लेकर आपके जीवन में कोई बड़ा तनाव नहीं रहेगा और परिस्थितियां नियंत्रण में रहेंगी।

तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए यह समय व्यक्तिगत जीवन और आर्थिक मामलों दोनों के लिए उत्तम फलदायी रहेगा। आपका व्यापार नई ऊंचाइयों को छुएगा। व्यावसायिक गतिविधियों के सिलसिले में आपको देश से बाहर या विदेश यात्रा पर जाने का अवसर भी मिल सकता है।

वृश्चिक और धनु राशि: वृश्चिक और धनु राशि के जातकों के लिए नौकरी और धन की स्थिति काफी मजबूत रहने वाली है। इस अवधि में आप मानसिक रूप से शांत और सकारात्मक महसूस करेंगे। भाग्य का निरंतर साथ मिलने से आपके अटके हुए कार्य भी गति पकड़ेंगे।

सवाल-जवाब

सूर्य का सिंह राशि में गोचर किस तारीख को हो रहा है?
सूर्य देव 17 अगस्त को अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे, जहां वे पहले से स्थित केतु के साथ युति बनाएंगे।
सूर्य और केतु की युति से कौन सा योग बनता है और इसका क्या अर्थ है?
इस युति से ग्रहण योग का निर्माण होता है, जिससे आत्मविश्वास में उतार-चढ़ाव, आध्यात्मिक झुकाव और निर्णयों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
सूर्य और केतु की युति के दौरान किन बातों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है?
इस अवधि में व्यक्ति की रचनात्मकता में वृद्धि होती है, सादगी पसंद आती है तथा सरकारी क्षेत्र में लाभ और आध्यात्मिक उन्नति के अवसर मिलते हैं।
सूर्य-केतु की युति से किन राशियों को विशेष लाभ प्राप्त होने की संभावना है?
मेष, मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक और धनु राशि के जातकों को करियर, धन, यात्रा और भाग्य का विशेष सहयोग मिलने के संकेत हैं।
केतु और सूर्य की युति का पारिवारिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
ज्योतिष के अनुसार सूर्य पिता के कारक हैं, इसलिए इस युति के दौरान पिता के साथ विचारों में मतभेद या संबंधों में उतार-चढ़ाव की संभावना बन सकती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR