असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने तीन दिवसीय ऊपरी असम दौरे की शुरुआत में कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया। जोरहाट और शिवसागर जिलों में फैली इन विकास परियोजनाओं की कुल लागत 122.20 करोड़ रुपये है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना, प्रशासनिक कामकाज को अधिक सुगम बनाना और यातायात की समस्याओं का स्थायी समाधान करना है।
जोरहाट में नए एकीकृत प्रशासनिक केंद्र का उद्घाटन
इस विकास अभियान के तहत जोरहाट के सिन्नामारा में नवनिर्मित एकीकृत जिला आयुक्त कार्यालय का उद्घाटन किया गया, जो इस दौरे के मुख्य आकर्षणों में से एक है। इस भव्य प्रशासनिक परिसर को तैयार करने में 49.22 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। विभिन्न सरकारी सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस परिसर में कई महत्वपूर्ण विभाग एक साथ काम करेंगे। इस नए कार्यालय परिसर में जिला उपायुक्त, उप-रजिस्ट्रार, ट्रेजरी (कोषागार), खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और चुनाव विभागों के कार्यालयों को स्थानांतरित किया जाएगा।
प्रशासनिक बैठकों और सार्वजनिक कार्यक्रमों को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए इस इमारत में आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इसमें 150 सीटों की क्षमता वाला एक बड़ा ऑडिटोरियम, 60 सीटों वाला एक कॉन्फ्रेंस हॉल और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) के लिए विशेष सुविधाएं शामिल हैं। पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए परिसर में 50 किलोवाट (KW) क्षमता के सोलर पावर सेटअप के लिए जगह आवंटित की गई है। इसके अलावा, यहां वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए 25 चार पहिया वाहनों और 150 दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।
सिन्नामारा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से मिलेगी मुक्ति
यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सिन्नामारा में एक नए रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण किया गया है। जोरहाट-मरियानी-मोकोकचुंग मार्ग पर बने इस ओवरब्रिज के निर्माण में लगभग 65 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस ओवरब्रिज की कुल लंबाई 545 मीटर है और इसके किनारे पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ भी बनाया गया है।
लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ओवरब्रिज के शुरू होने से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। सिन्नामारा रेलवे क्रॉसिंग लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ा ट्रैफिक जाम प्वाइंट बना हुआ था, जहां अक्सर घंटों गाड़ियां फंसी रहती थीं। सरमा ने आगे स्पष्ट किया कि यह परियोजना असम सरकार के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य भर में रेलवे क्रॉसिंग के कारण लगने वाले जाम को पूरी तरह समाप्त किया जाना है, ताकि लोगों को बिना किसी रुकावट के सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।
शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा और भविष्य की नई योजनाएं
इस विकास योजना में क्षेत्र के शैक्षणिक परिदृश्य को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जोरहाट में लुईतपोरिया मिसिंग हायर सेकेंडरी स्कूल के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने शिवसागर में शिवसागर यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल का भी डिजिटल उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं के बारे में बात करते हुए सरमा ने कहा कि ये चारों नई सुविधाएं जोरहाट और शिवसागर में सार्वजनिक ढांचे तथा शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूती प्रदान करेंगी।
भविष्य के विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने जोरहाट में अन्य महत्वपूर्ण नागरिक परियोजनाओं की भी घोषणा की। जोरहाट के विधायक हितेन गोस्वामी के एक प्रस्ताव पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भोगदोई नदी के किनारों को एक आधुनिक रिवरफ्रंट पार्क के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इसके अतिरिक्त, सरमा ने जोरहाट में बन रहे एक नए अत्याधुनिक ऑडिटोरियम की प्रगति की भी जानकारी दी और उम्मीद जताई कि यह काम आने वाले दो से तीन महीनों के भीतर पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।


















