पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रामदेवरा में आस्था का एक भव्य नजारा देखने को मिल रहा है, जहां 642वें अंतरप्रांतीय भादवा मेले का आधिकारिक शुभारंभ हो गया है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया, जो कि लोक देवता बाबा रामदेवजी की पावन अवतरण तिथि है, के विशेष अवसर पर इस मेले की शुरुआत हुई। अलसुबह आयोजित की गई मंगला आरती और बाबा की समाधि पर स्वर्ण मुकुट की प्रतिष्ठापना के साथ ही पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंज उठा। इस वार्षिक उत्सव में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है।
मेले के उद्घाटन के पावन अवसर पर जैसलमेर की जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यषार्थ शेखर सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बाबा रामदेव की समाधि पर विशेष पूजा-अर्चन की। इन अधिकारियों ने विधि-विधान से समाधि का अभिषेक किया और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।
देश के कोने-कोने से पहुंच रहे लाखों श्रद्धालु
यह प्रसिद्ध मेला 13 सितंबर से शुरू होकर 26 सितंबर तक संचालित होगा, जिसमें हिस्सा लेने के लिए देश के कोने-कोने से भक्त आ रहे हैं। इस धार्मिक समागम में न केवल राजस्थान, बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों से भी लाखों श्रद्धालु मन्नतें मांगने और दर्शन करने रामदेवरा पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं द्वारा बाबा की समाधि को पंचामृत से स्नान कराने के बाद विशेष श्रृंगार किया गया और पूरी श्रद्धा के साथ मखमली चादरें अर्पित की गईं।
चौबीस घंटे खुले रहेंगे कपाट और पुजारियों की विशेष तैनाती
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए और उन्हें बिना किसी बाधा के दर्शन कराने के लिए मंदिर समिति ने इस बार विशेष इंतजाम किए हैं। मेले के दौरान मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रखने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 150 पुजारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो तीन अलग-अलग शिफ्टों में लगातार काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि मेले के शुरुआती चरण में ही अब तक 30 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और पुलिस बल की तैनाती
लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मंदिर कमेटी ने सुरक्षा का एक मजबूत चक्रव्यूह तैयार किया है। पूरे मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर पर नजर रखने के लिए कुल 620 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 220 कैमरे मंदिर कमेटी द्वारा और 400 कैमरे जैसलमेर जिला प्रशासन द्वारा स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला स्थल पर 1800 पुलिसकर्मियों और 350 होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है जो सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।


















