ग्रहों की चाल और नक्षत्रों का परिवर्तन हर व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। सितंबर का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान सुख, समृद्धि, वैभव और सौंदर्य के कारक ग्रह शुक्र अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करने जा रहे हैं। जब भी शुक्र अपनी स्वराशि में विराजमान होते हैं, तो वे कई शुभ योगों की रचना करते हैं। इस बार सितंबर में शुक्र का यह गोचर दो अत्यंत शक्तिशाली राजयोगों का निर्माण करने जा रहा है, जिनमें मालव्य राजयोग और लक्ष्मी नारायण योग शामिल हैं। इसके साथ ही 2 सितंबर को बुध ग्रह भी अपनी राशि में प्रवेश करेंगे और वहीं वक्री चाल शुरू करेंगे। इसके बाद 3 अक्टूबर को शुक्र भी वक्री हो जाएंगे। इन महत्वपूर्ण ग्रहों के बदलाव से कई राशियों के भाग्य के द्वार खुलने वाले हैं।
मालव्य राजयोग और लक्ष्मी नारायण योग की रचना
वैदिक ज्योतिष में मालव्य राजयोग को पंच महापुरुष राजयोगों में से एक माना गया है। यह राजयोग तब निर्मित होता है जब शुक्र अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करते हैं। 2 सितंबर को शुक्र का तुला राशि में गोचर होते ही मालव्य राजयोग प्रभावी हो जाएगा। यह योग व्यक्ति के जीवन में व्यापारिक सफलता, धन की प्राप्ति, नौकरी में तरक्की और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाता है। जिन अविवाहित जातकों के विवाह में बाधाएं आ रही थीं, उनके लिए इस योग के प्रभाव से विवाह के बेहद मजबूत योग बनते हैं।
वहीं दूसरी ओर, सितंबर के महीने में ही बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग का भी निर्माण होने जा रहा है। ज्योतिषशास्त्र में जब बुध और शुक्र एक ही भाव या राशि में एक साथ विराजमान होते हैं, तो लक्ष्मी नारायण योग बनता है। हालांकि इस योग का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए एक मुख्य शर्त यह है कि दोनों ग्रहों में से कोई भी ग्रह अस्त नहीं होना चाहिए। यदि दोनों ग्रह उदय स्थिति में रहते हैं, तो यह योग व्यक्ति को अचानक धन लाभ कराता है और उसकी बौद्धिक क्षमता तथा प्रतिभा में गजब का निखार लाता है।
मेष राशि पर गोचर का सकारात्मक असर
मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन दोनों में ही बेहतरीन परिणाम लेकर आएगा। यदि आप व्यापार में हैं, तो बिजनेस पार्टनर के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे और साझेदारी के कार्यों से भारी वित्तीय लाभ प्राप्त होगा। प्रेम संबंधों और दांपत्य जीवन में नई ताजगी का संचार होगा, जिससे आप अपने साथी के साथ यादगार और गुणवत्तापूर्ण समय बिता सकेंगे।
यद्यपि मेष राशि के जातकों पर वर्तमान में साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद शुक्र का यह गोचर राहत की सांस लेकर आएगा। मालव्य राजयोग के सकारात्मक प्रभाव से साढ़ेसाती के प्रतिकूल असर में कमी आएगी और आपको विभिन्न स्रोतों से धन लाभ के नए अवसर प्राप्त होंगे।
तुला राशि में स्वराशि के स्वामी शुक्र का प्रभाव
तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर सबसे अधिक फलदायी साबित होने वाला है, क्योंकि शुक्र इसी राशि के स्वामी ग्रह हैं। अपनी ही राशि में शुक्र का आगमन होने से तुला राशि के लोगों के आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिलेगी। जो लोग नौकरीपेशा हैं और कार्यस्थल पर पिछले कुछ समय से समस्याओं का सामना कर रहे थे, उनकी परेशानियां अब समाप्त होने लगेंगी।
इस गोचर के दौरान तुला राशि के लोगों की आय में तेजी से बढ़ोतरी होगी। धन कमाने के नए रास्ते खुलेंगे और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी ज्यादा मजबूत हो जाएगी। बिजनेस और पेशेवर क्षेत्र में आपके द्वारा उठाए गए कदम आपको सफलता की ओर ले जाएंगे।
मकर राशि के जातकों को करियर और जीवन में लाभ
मकर राशि के लोगों के लिए शुक्र का गोचर करियर और कार्यक्षेत्र में नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा। ऑफिस में आपके काम की सराहना होगी और पदोन्नति के योग बनेंगे। आय के नए-नए साधन विकसित होंगे, जो आपकी वित्तीय स्थिति को काफी हद तक मजबूत करेंगे। जो लोग विवाह के योग्य हैं, उनके रिश्ते पक्के होने की पूरी संभावना बन रही है।
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी यह समय मकर राशि वालों के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। शुक्र के प्रभाव से आपको सभी प्रकार के भौतिक सुख-सुविधाएं और भोग-विलास के साधन प्राप्त होंगे। इसके अलावा, आपको बुध और शुक्र की युति से बनने वाले लक्ष्मी नारायण राजयोग का भी पूरा लाभ मिलेगा, जिससे आपकी परिस्थितियां पहले से काफी बेहतर हो जाएंगी।



















