देश में बैटरी चालित दोपहिया वाहनों की मासिक रफ्तार पर अगस्त 2026 के दौरान अचानक ब्रेक लगता दिखा। पूर्ववर्ती महीने के मुकाबले समूचे सेक्टर के कुल आंकड़ों में 10.35 प्रतिशत का संकुचन देखा गया है। सांख्यिकी के लिहाज से देखें तो जुलाई 2026 में खरीदारों ने कुल 2,04,362 गाड़ियां खरीदी थीं, जबकि अगस्त महीने का यह कुल योग फिसलकर 1,83,204 इकाई दर्ज हुआ। इस प्रकार सीधे तौर पर 21,158 वाहनों का मासिक घाटा सामने आया है। इस व्यापक मंदी के दौर में भी स्थापित ऑटोमोबाइल घरानों ने अपने स्थान की रक्षा की।
मासिक संकुचन के पीछे के प्रमुख कारण
इस मंदी का फैलाव केवल कुछ कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बड़े मैन्युफैक्चरर्स से लेकर उभरते स्टार्टअप्स तक सभी ने वॉल्यूम में गिरावट दर्ज की। उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले त्योहारी उत्सवों से ठीक पहले संभावित ग्राहकों ने नई खरीद के फैसले कुछ समय के लिए टाल दिए। इसके अतिरिक्त डीलरशिप स्तर पर पुराने स्टॉक के समुचित प्रबंधन और नई इन्वेंट्री को नियंत्रित करने की कोशिशों ने भी इस मासिक कमी को गहरा किया।
शीर्ष दो पायदानों पर टीवीएस और बजाज का दबदबा
बाजार की अग्रणी स्थिति पर टीवीएस मोटर कंपनी काबिज रही, जिसके खाते में 48,938 वाहनों की डिलीवरी दर्ज हुई। हालांकि जुलाई के 55,499 यूनिट्स के आंकड़े से तुलना करें तो इसमें 11.82 प्रतिशत यानी 6,561 यूनिट की सीधी कमी दर्ज की गई। जुलाई महीने में 27.16 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला यह ब्रांड अपने आईक्यूब मॉडल की बदौलत पहले नंबर की कुर्सी बरकरार रखने में सफल रहा।
दूसरे स्थान पर बजाज ऑटो ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसकी कुल डिलीवरी 41,114 वाहनों की रही। जुलाई में चेतक मॉडल की बदौलत कंपनी ने 45,613 स्कूटर्स बेचे थे, जिसके सापेक्ष अगस्त में 9.86 प्रतिशत यानी 4,499 यूनिट्स की कमी दर्ज हुई। जुलाई के 22.32 प्रतिशत बाजार हिस्से के दम पर कंपनी अपनी नई श्रेणियों और व्यापक सर्विस केंद्रों के सहारे दूसरे स्थान पर मजबूत बनी रही।
एथर एनर्जी, हीरो विडा और ओला इलेक्ट्रिक का रिपोर्ट कार्ड
तीसरे पायदान पर रहने वाली एथर एनर्जी ने 28,757 दोपहिया बेचे। जुलाई में कंपनी ने 30,357 यूनिट्स का आंकड़ा छुआ था, जिससे इस बार 5.27 प्रतिशत यानी 1,600 यूनिट का नुकसान हुआ। जुलाई में 14.85 प्रतिशत बाजार शेयर रखने वाली एथर ने अपने 450 सीरीज और रिज़्टा की नियमित मांग के कारण बाकी प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले काफी कम गिरावट झेली।
चौथे स्थान पर रही हीरो विडा के लिए यह महीना काफी कठिन रहा, जहां बिक्री 17.00 प्रतिशत यानी 3,893 यूनिट गिरकर 19,007 यूनिट पर आ गई, जबकि जुलाई में यह 22,900 यूनिट थी। जुलाई में कंपनी का हिस्सा 11.21 प्रतिशत रहा था। पांचवें स्थान पर मौजूद ओला इलेक्ट्रिक ने 13,852 गाड़ियां बेचीं, जो जुलाई की 14,106 यूनिट्स के मुकाबले केवल 1.80 प्रतिशत यानी 254 यूनिट कम रहीं। शीर्ष पांच में ओला का ग्राफ सबसे स्थिर रहा, जिसने जुलाई में 6.90 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की थी।
अन्य कंपनियों और छोटे निर्माताओं का हाल
छठे स्थान पर मौजूद ग्रीव्स एम्पीयर 14.93 प्रतिशत गिरकर 8,613 यूनिट पर आ गई। सातवें नंबर पर रिवर ने 13.65 प्रतिशत के नुकसान के साथ 5,141 यूनिट्स बेचीं, जबकि आठवें स्थान पर बीगॉस ने 12.20 प्रतिशत की कमी के साथ 4,845 स्कूटर्स दिए। इनके अलावा बाकी सभी छोटे उत्पादकों की कुल बिक्री 9.47 प्रतिशत लुढ़क कर 12,937 यूनिट्स तक सीमित रह गई।



















