राजस्थान के अलवर जिले में नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक सरगर्मी हिंसक टकराव में बदल गई। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलाका गांव में एक नवनिर्वाचित निर्दलीय पार्षद द्वारा भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने के फैसले पर दो पक्षों के बीच भारी विवाद खड़ा हो गया। यह मतभेद इतना गहराया कि समर्थकों के साथ लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से जमकर मारपीट की गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
बीजेपी का बोर्ड बनाने के समर्थन पर भड़का विवाद
घटनाक्रम के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, वार्ड 40 से निर्दलीय उम्मीदवार अनीता ने चुनाव में जीत हासिल की थी। नगर निगम में बोर्ड गठन की प्रक्रिया के दौरान अनीता ने बीजेपी को अपना समर्थन देने का फैसला किया। गांव के कुछ लोग इस सियासी कदम से बेहद खफा थे। आरोप है कि पार्षद के समर्थकों द्वारा बीजेपी के पक्ष में खड़े होने की बात से नाराज होकर उसी गांव के अब्दुल रज्जाक और उसके परिवार के लोगों ने खुला विरोध शुरू कर दिया।
लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से जानलेवा हमला
विरोध देखते ही देखते खूनी झड़प में बदल गया। आरोप के मुताबिक, हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से पार्षद के समर्थकों को निशाना बनाया। इस अचानक हुए हमले में बेलाका गांव के निवासी अब्बास और याकूब लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के दौरान अब्बास के सिर में गहरी चोटें आईं, जबकि याकूब के शरीर पर डंडों और सरियों के वार से गंभीर घाव हो गए।
घायलों को अलवर के सामान्य चिकित्सालय में कराया गया भर्ती
घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए अलवर के सामान्य चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में दोनों घायलों का उपचार चल रहा है और उनकी हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है, हालांकि मामले में पुलिस प्रशासन की आगामी कानूनी कार्रवाई और औपचारिक बयानों का विवरण आना अभी बाकी है।





















