बिहार में नई बाइक-स्कूटर खरीदना अब पहले से महंगा, कैबिनेट ने बढ़ाया रोड टैक्सऑटो
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बिहार में नई बाइक-स्कूटर खरीदना अब पहले से महंगा, कैबिनेट ने बढ़ाया रोड टैक्स

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट बैठक में मोटर वाहन टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है, जिससे बिहार में नई बाइक, स्कूटर और ऑटो-ई-रिक्शा खरीदना अब पहले से महंगा हो जाएगा।

पटना में बिहार सरकार ने नई बाइक, स्कूटर और ऑटो खरीदने वालों के लिए मोटर वाहन टैक्स बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। नई व्यवस्था लागू होते ही दोपहिया और तिपहिया दोनों तरह के वाहन खरीदना पहले से महंगा हो जाएगा, क्योंकि इसका सीधा असर वाहन की ऑन-रोड कीमत पर पड़ेगा।

दोपहिया वाहनों पर एक प्रतिशत ज्यादा टैक्स

कैबिनेट के फैसले के मुताबिक अब नई बाइक और स्कूटर खरीदने पर पहले की तुलना में 1 प्रतिशत ज्यादा मोटर वाहन टैक्स चुकाना होगा। अब तक रोड टैक्स 8 से 12 प्रतिशत के बीच वसूला जाता था, इसमें अब 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। सुनने में यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन महंगी बाइकों के मामले में इसका असर 1,000 रुपये या उससे भी ज्यादा तक पहुंच सकता है। यानी जितनी महंगी बाइक, उतना ज्यादा टैक्स का बोझ। इसका पूरा असर वाहन की अंतिम ऑन-रोड कीमत में जुड़कर दिखेगा, जिससे खरीदार को शोरूम से गाड़ी निकालते वक्त पहले से ज्यादा रकम चुकानी होगी।

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ऑटो और ई-रिक्शा पर एकमुश्त 1,000 रुपये अतिरिक्त

सिर्फ बाइक-स्कूटर ही नहीं, कैबिनेट ने तिपहिया वाहनों पर भी टैक्स बढ़ाने का फैसला किया है। अब नया ऑटो या ई-रिक्शा खरीदने पर ग्राहकों को पहले से तय टैक्स के ऊपर एकमुश्त 1,000 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। यह रकम मौजूदा टैक्स ढांचे से अलग और उसके ऊपर जुड़कर वसूली जाएगी। जाहिर है कि इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजी-रोटी के लिए ऑटो या ई-रिक्शा जैसे व्यावसायिक वाहन खरीदते हैं, क्योंकि उनकी शुरुआती लागत पहले से बढ़ जाएगी। सरकार ने यह भी साफ किया है कि नई टैक्स व्यवस्था वाहन की खरीद और रजिस्ट्रेशन के समय ही लागू होगी, यानी यह बोझ केवल नए वाहन खरीदने वालों पर ही पड़ेगा, पुराने वाहन मालिकों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

बेस्टसेलिंग बाइकों की ऑन-रोड कीमत पर असर

बिहार में सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइकों की कीमतों पर भी इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा। हालांकि बढ़ोतरी बहुत बड़ी नहीं है, फिर भी हर नई बाइक की ऑन-रोड कीमत पहले से कुछ ज्यादा हो जाएगी। ध्यान रहे कि वास्तविक ऑन-रोड कीमत सिर्फ टैक्स से तय नहीं होती, बल्कि यह शहर, संबंधित आरटीओ, बीमा प्रीमियम, डीलर के शुल्क और कंपनी की उस वक्त की एक्स-शोरूम कीमत के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। यानी पटना में किसी बाइक की ऑन-रोड कीमत, किसी दूसरे जिले में उसी बाइक की कीमत से अलग हो सकती है, भले ही नया टैक्स नियम पूरे राज्य में एक जैसा ही क्यों न हो।

सरकार ने बताई टैक्स बढ़ाने की वजह

सरकार का कहना है कि बिहार मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 में लंबे समय से कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ था। बदलती आर्थिक परिस्थितियों और मौजूदा जरूरतों को देखते हुए अब इस टैक्स ढांचे को अपडेट करने का फैसला लिया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस बढ़ोतरी से राज्य का राजस्व बढ़ेगा और इससे मिलने वाली अतिरिक्त रकम का इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकेगा। ऐसे में अगर आप आने वाले दिनों में बिहार में नई बाइक, स्कूटर या ऑटो खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो नई टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद आपको पहले की तुलना में कुछ ज्यादा रकम चुकानी पड़ सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि गाड़ी खरीदने से पहले डीलर से नई ऑन-रोड कीमत की पूरी जानकारी जरूर ले लें, ताकि बजट बनाते वक्त कोई परेशानी न हो।

सवाल-जवाब

बिहार में नई बाइक पर कितना टैक्स बढ़ा है?
पहले रोड टैक्स 8 से 12 प्रतिशत के बीच था, अब इसमें 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है।
नए ऑटो या ई-रिक्शा पर कितना अतिरिक्त टैक्स लगेगा?
नया ऑटो या ई-रिक्शा खरीदने पर पहले से तय टैक्स के अलावा एकमुश्त 1,000 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
यह टैक्स बढ़ोतरी किसने मंजूर की?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
क्या पुराने वाहन मालिकों को भी यह नया टैक्स देना होगा?
नहीं, नई व्यवस्था वाहन की खरीद और रजिस्ट्रेशन के समय ही लागू होगी, यानी सिर्फ नए वाहन खरीदने वालों को ही भुगतान करना होगा।
महंगी बाइकों पर इस बढ़ोतरी का कितना असर पड़ सकता है?
महंगी बाइकों के मामले में यह बढ़ोतरी 1,000 रुपये या उससे भी ज्यादा तक पहुंच सकती है।
सरकार ने टैक्स बढ़ाने का फैसला क्यों लिया?
बिहार मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 में लंबे समय बाद संशोधन करते हुए बदलती आर्थिक परिस्थितियों के मुताबिक टैक्स ढांचे को अपडेट किया गया है, ताकि राज्य का राजस्व बढ़े।
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