हनुमान अंश रिव्यू (2026): आडंबर से दूर सच्ची भक्ति और आत्मिक शांति का खूबसूरत अनुभवराजशाही के इतिहास में बड़ा फैसला, अब बेटियां भी संभाल सकेंगी लिकटेंस्टीन की गद्दीपाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के हिंदू सहिष्णुता वाले दावे पर जावेद अख्तर का पलटवार, 10 प्रतिशत वाले तंज से साधा निशानाबापू कॉलोनी में शराब कारोबारी रिंकू सिंह हाड़ा पर जानलेवा हमला, कोटा में बेसुध छोड़कर भागे आधा दर्जन हमलावरआधुनिक दुनिया से दूर घने जंगलों में छिपे 196 अलग-थलग समुदाय, पैरों के निशान तक मिटाने को क्यों मजबूर हैंहिंद महासागर में सुरक्षा का प्रहरी बना मॉरीशस, भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी के दौरे से घबराया चीनसेउटा सीमा पर भारी पुलिस घेराबंदी, मोरक्को और स्पेन के सुरक्षा बलों ने 100 से अधिक प्रवासियों की घुसपैठ की कोशिश को किया नाकामबंटवारा 1947 रिव्यू (2026): सनी देओल और शबाना आजमी के अभिनय से सजी राजकुमार संतोषी की भावुक कर देने वाली फिल्मगॉल टेस्ट के पहले दिन 77 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल की फिटनेस पर बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने दी राहत भरी खबरगांधी जयंती पर शुरू होगा 2027 का वनडे वर्ल्ड कप, 21 नवंबर को खिताबी जंग के साथ बदला दिखेगा फॉर्मेट
दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर बड़ा फैसला, 30 लाख तक की ईवी कारों पर रोड टैक्स माफ, पेट्रोल दोपहिया की रजिस्ट्री पर लगेगी रोकऑटो
1 जुल॰ 2026, 10:24 pm (45 दिन पहले)· 2

दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर बड़ा फैसला, 30 लाख तक की ईवी कारों पर रोड टैक्स माफ, पेट्रोल दोपहिया की रजिस्ट्री पर लगेगी रोक

दिल्ली सरकार ने दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 को अधिसूचित कर दिया है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू है। इसमें सस्ती ईवी कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में पूरी छूट, चरणबद्ध तरीके से सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण और सब्सिडी का प्रावधान है।

राजधानी की हवा साफ करने और सड़कों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के मकसद से दिल्ली सरकार ने बुधवार को दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 को औपचारिक रूप से अधिसूचित कर दिया। यह नीति इलेक्ट्रिक गाड़ियों को स्वच्छ हवा और एक मजबूत सहयोग व्यवस्था से जोड़ती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली दिल्ली कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी थी, और यह योजना 31 मार्च 2030 तक चलेगी।

दिल्ली कैबिनेट ने सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इस ईवी नीति को हरी झंडी दी। इसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास भेजा गया। अधिसूचना के मुताबिक, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और उसके तहत बने नियमों में मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2026 को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी रूप में अधिसूचित करते हैं।

ये भी पढ़ें

रोड टैक्स में राहत और चरणबद्ध रजिस्ट्रेशन

नई नीति के तहत 30 लाख रुपये या उससे कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को पूरी छूट मिलेगी। राजधानी में इन गाड़ियों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क, दोनों माफ रहेंगे। इसके साथ ही नीति में पेट्रोल और सीएनजी वाहनों पर आगे चलकर पाबंदियां भी तय की गई हैं। एक बड़ा बदलाव यह है कि 1 जनवरी 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का ही पंजीकरण होगा।

दोपहिया वाहनों के नियम भी चरणों में बदलेंगे। नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का पंजीकरण धीरे-धीरे घटाया जाएगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को ही रजिस्टर किया जाएगा। मकसद साफ है, रोजमर्रा के सफर को पेट्रोल और सीएनजी से हटाकर बिजली की ओर ले जाना।

सब्सिडी, पात्रता और भुगतान का समय

नीति में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए तीन साल का सब्सिडी शेड्यूल तय किया गया है। खरीदारों को पहले साल 30,000 रुपये मिलेंगे। दूसरे साल यह मदद घटकर 20,000 रुपये रह जाएगी, और तीसरे साल यह 10,000 रुपये तक सीमित हो जाएगी।

सब्सिडी का भुगतान प्रोत्साहन के लिए आवेदन करने के 60 दिनों के भीतर करना होगा। यह छूट 2.25 लाख रुपये तक की कीमत वाले दोपहिया वाहनों पर लागू होगी। दिल्ली में इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया ऑटो और चार पहिया माल वाहनों पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह रकम दिल्ली के पात्र निवासियों को सीधे लाभ हस्तांतरण (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए पहुंचाई जाएगी।

सीधा लाभ हस्तांतरण न सिर्फ व्यक्तिगत खरीदारों बल्कि एकल स्वामित्व वाली फर्मों को भी मिल सकता है। एजेंसियां और कंपनियां भी मदद पा सकती हैं, बशर्ते वे दिल्ली की निवासी हों। परिवहन विभाग के तहत बनी एक मॉडल अप्रूवल कमेटी पात्र ईवी मॉडलों की सूची तैयार करेगी। यही समिति तय करेगी कि किन वाहन श्रेणियों को प्रोत्साहन का दावा करने का हक होगा।

चार्जिंग नेटवर्क, बैटरी स्वैपिंग और सिंगल विंडो मंजूरी

नीति में सार्वजनिक चार्जिंग ढांचे को बड़े पैमाने पर खड़ा करने की योजना है। राज्य सरकार चार साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। पूरी राजधानी में 30,000 से ज्यादा ईवी चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे। नीति चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग तक आसान पहुंच को भी बढ़ावा देती है।

तेजी से मंजूरी के लिए नीति में सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम रखा गया है। इसका मकसद चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग परियोजनाओं को रफ्तार देना है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और हाउसिंग सोसाइटियों को चार्जर लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों से देरी घटेगी और मोहल्ला स्तर पर पहुंच बेहतर होगी।

बैटरी रीसाइक्लिंग के नियम और पर्यावरण की निगरानी

बैटरी रीसाइक्लिंग और पर्यावरण से जुड़ी जिम्मेदारियां इस नीति का अहम हिस्सा हैं। पर्यावरण विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि निर्माता और दूसरी संस्थाएं बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगरानी का जोर नियमों के पालन पर रहेगा। नीति इलेक्ट्रिक गाड़ियों को जिम्मेदार बैटरी प्रबंधन से जोड़ती है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के जरिए बैटरी संग्रह केंद्र बनाएगी। यह सुरक्षित तरीके से बैटरी को संभालने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी करेगी। इन कदमों में इस्तेमाल हो चुकी बैटरियों का संग्रह, भंडारण, ढुलाई और हस्तांतरण शामिल है। मुख्यमंत्री ने जोड़ा कि बैटरियां अधिकृत रीसाइक्लर्स के पास ही जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस नीति का लक्ष्य साफ हवा और बेहतर परिवहन व्यवस्था है। नीति में चार साल के भीतर हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहनों को भी लाने का प्रावधान है। गुप्ता ने एक बयान में कहा, वित्तीय प्रोत्साहन, मजबूत चार्जिंग नेटवर्क, संस्थागत निगरानी, डिजिटल पारदर्शिता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के सहारे यह नीति दिल्ली को देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का अग्रणी मॉडल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रदूषण घटाने, स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और नागरिकों को ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था देने का रास्ता भी खोलेगी।

इस नीति के अधिसूचित होने के साथ सरकार ने साफ तारीखें और फायदे तय कर दिए हैं। इसमें पात्र इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स राहत है और पेट्रोल विकल्पों पर चरणबद्ध पाबंदियां हैं। नीति में सब्सिडी की समयसीमा, चार्जिंग विस्तार की योजना और बैटरी रीसाइक्लिंग के कदम भी शामिल हैं। यह 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी।

सवाल-जवाब

दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 कब से लागू हुई है?
यह नीति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है और 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी।
किन इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स माफ होगा?
30 लाख रुपये या उससे कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क दोनों पूरी तरह माफ रहेंगे।
इलेक्ट्रिक दोपहिया पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
पहले साल 30,000 रुपये, दूसरे साल 20,000 रुपये और तीसरे साल 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। यह 2.25 लाख रुपये तक की कीमत वाले वाहनों पर लागू है।
पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया पर कब रोक लगेगी?
नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया का पंजीकरण धीरे-धीरे घटाया जाएगा और 1 अप्रैल 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया ही रजिस्टर होंगे।
इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा को लेकर क्या बदलाव है?
1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा का ही पंजीकरण किया जाएगा।
सरकार चार्जिंग ढांचे पर कितना खर्च करेगी?
राज्य सरकार चार साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी और राजधानी में 30,000 से ज्यादा ईवी चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे।
सब्सिडी का भुगतान कब तक होगा?
प्रोत्साहन के लिए आवेदन करने के 60 दिनों के भीतर सब्सिडी का भुगतान करना होगा, जो सीधे लाभ हस्तांतरण के जरिए दिया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR