भारतीय लग्जरी वाहन बाजार में कदम रखने वाले ग्राहकों को जल्द ही अपनी पसंदीदा प्रीमियम गाड़ियों के लिए अधिक रकम चुकानी होगी। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया अपने पूरे पोर्टफोलियो में मूल्य वृद्धि की योजना बना रहा है, जिसके दायरे में मुख्य बीएमडब्ल्यू ब्रांड के साथ-साथ उसकी सहायक ब्रिटिश प्रीमियम शाखा मिनी की गाड़ियां भी शामिल होंगी। मौजूदा कैलेंडर वर्ष 2026 में यह चौथा मौका होगा जब कंपनी अपनी कीमतों में इजाफा करने जा रही है। लगातार बढ़ते उत्पादन खर्च और मुद्रा विनिमय दरों में अस्थिरता के कारण ऑटोमोबाइल विनिर्माता के मुनाफे के अंतर यानी मार्जिन पर सीधा असर पड़ रहा है।
साल 2026 में चौथी बार बढ़ेंगी कीमतें
कंपनी के शीर्ष नेतृत्व ने इस आगामी संशोधन के पीछे के वित्तीय कारणों को साझा किया है। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और CEO हरदीप सिंह बरार ने हालिया फ्लैगशिप वाहनों के अनावरण अवसर पर पुष्टि की कि इस साल पहले ही तीन अलग-अलग चरणों में कीमतों में संशोधन किया जा चुका है। इन पिछले तीन बदलावों के परिणामस्वरूप कंपनी के वाहनों की कीमतों में कुल मिलाकर 4 से 5 प्रतिशत तक की सामूहिक वृद्धि दर्ज की गई थी। अब विनिर्माता चौथे दौर की मूल्य वृद्धि लागू करने की अंतिम रूपरेखा तैयार कर रहा है, जिसके अगले महीने के आसपास अमल में आने की संभावना व्यक्त की गई है, हालांकि अभी तक किसी निश्चित दिन की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
मुद्रा अवमूल्यन और कमोडिटी लागत का दोहरा झटका
वाहन निर्माता कंपनी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की ऊंची लागत और घरेलू मुद्रा की कमजोरी का भारी दबाव बना हुआ है। हरदीप सिंह बरार के अनुसार, पिछले साल जनवरी से अब तक विदेशी मुद्रा विनिमय यानी फॉरेक्स दर में लगभग 18 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई है। विदेशी पुर्जों और कलपुर्जों के आयात पर निर्भरता के चलते इस मुद्रा अवमूल्यन ने कंपनी की वित्तीय लागतों को काफी बढ़ा दिया है। शीर्ष प्रबंधन ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि जब तक इनपुट लागत और विदेशी मुद्रा की स्थिति में सुधार नहीं आता, तब तक मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए इस तरह के सुधारात्मक मूल्य कदम उठाने की बाध्यता बनी रहेगी।
नई 7 सीरीज और आई7 का भारत में सफर
मूल्य वृद्धि के इस माहौल के बीच जर्मन ऑटोमोबाइल दिग्गज ने भारतीय बाजार में अपने प्रमुख लग्जरी सेडान पोर्टफोलियो को मजबूती दी है। कंपनी ने अपनी इंटरनल कंबशन इंजन वाली नई 7 सीरीज और पूर्णतया इलेक्ट्रिक समकक्ष आई7 को पेश किया है। ये दोनों प्रीमियम सेडान भारत में सीकेडी यानी पूरी तरह से खुले हुए पुर्जों के रूप में आयात की जा रही हैं और इनका संयोजन स्थानीय स्तर पर भारतीय संयंत्र में ही किया जाएगा। इन लक्जरी वाहनों के लिए आधिकारिक बुकिंग खिड़की खोली जा चुकी है, जबकि ग्राहकों को गाड़ियों की वास्तविक आपूर्ति अक्टूबर 2026 से आरंभ किए जाने का कार्यक्रम तय है। त्योहारी मांग से ठीक पहले इन शीर्ष मॉडलों का आगमन बाजार में विशेष महत्व रखता है।
मिनी कूपर और पूरे पोर्टफोलियो पर व्यापक असर
आगामी वित्तीय संशोधन का प्रभाव केवल बड़े वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बीएमडब्ल्यू की सहायक इकाई मिनी के उत्पादों पर भी समान रूप से पड़ेगा। लोकप्रिय मिनी कूपर सहित ब्रांड के अन्य सभी मॉडलों की दरों में संशोधन तय माना जा रहा है। कुल मिलाकर, तीन बार में 5 प्रतिशत तक के पिछले संचयी इजाफे के बाद यह चौथी बढ़ोतरी लग्जरी कार ग्राहकों के बजट को और अधिक बढ़ा देगी। उद्योग जगत में बने इन व्यापक इनपुट दबावों के चलते प्रीमियम श्रेणी में सक्रिय अन्य ऑटोमोबाइल ब्रांड भी आने वाले समय में इसी दिशा में कदम उठा सकते हैं।
















