भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में पर्यावरण अनुकूल वाहनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। इस मजबूत मांग का लाभ उठाने के लिए टीवीएस मोटर कंपनी अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर विनिर्माण ढांचे का तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी के शीर्ष प्रबंधन के अनुसार, मार्च 2027 के अंत तक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 80,000 यूनिट प्रति माह करने की योजना पर काम चल रहा है।
मौजूदा क्षमता में बड़ा विस्तार करने की तैयारी
कंपनी इस समय हर महीने लगभग 60,000 से 65,000 यूनिट्स तैयार करने की परिचालन क्षमता पर काम कर रही है। टीवीएस मोटर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के. एन. राधाकृष्णन ने निवेशकों से बातचीत में स्पष्ट किया कि वे अपनी असेंबली लाइनों को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा,
"हम अपनी क्षमता भी बढ़ा रहे हैं। अभी हम लगभग 60,000-65,000 यूनिट्स की क्षमता पर काम कर रहे हैं।"राधाकृष्णन ने आगे बताया कि कंपनी ने इसे बढ़ाकर करीब 80,000 यूनिट्स मासिक करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है।
स्कूटर बाजार में पांचवां हिस्सा इलेक्ट्रिक मॉडल्स का
घरेलू टू-व्हीलर उद्योग के भीतर बैटरी चालित वाहनों की स्वीकार्यता अभूतपूर्व गति से बढ़ी है। कुल दोपहिया बाजार में इस समय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की हिस्सेदारी करीब 11 से 12 प्रतिशत दर्ज की जा रही है। अगर केवल स्कूटर श्रेणी की बात करें, तो वहां इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ 20 प्रतिशत के स्तर को पार कर चुकी है। इस निरंतर बढ़ते सेगमेंट में टीवीएस मोटर फिलहाल बिक्री के मामले में शीर्ष पायदान पर बनी हुई है।
बजाज ऑटो और एथर एनर्जी भी बढ़ा रहे विनिर्माण दायरा
बाजार में बढ़त बनाए रखने की होड़ सिर्फ एक विनिर्माता तक सीमित नहीं है। टीवीएस की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कंपनी बजाज ऑटो भी चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर की निर्माण क्षमता को 80,000 यूनिट तक ले जाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इसी तरह एथर एनर्जी अपनी मौजूदा क्षमता को बढ़ाकर 41,000 यूनिट्स से अधिक कर रही है, साथ ही एक पूरी तरह नई विनिर्माण इकाई की स्थापना में भी जुटी है।
बिक्री में जोरदार उछाल, पोर्टफोलियो में दो मुख्य मॉडल
टीवीएस मोटर इस समय अपने ग्राहकों के लिए दो इलेक्ट्रिक मॉडल्स पेश करती है, जिनके नाम आईक्यूब (iQube) और ऑर्बिटर (Orbiter) हैं। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री दोगुने से भी अधिक होकर 1,86,186 यूनिट तक पहुंच गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा महज 80,009 यूनिट था। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के संचयी आंकड़ों पर नजर डालें तो टीवीएस ने कुल 3,05,972 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे, जबकि प्रतिस्पर्धी बजाज के चेतक स्कूटर की कुल 2,54,882 यूनिट्स बिकीं।
भविष्य की मांग को लेकर सकारात्मक संकेत
चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में करीब 75 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है। इस निरंतर वृद्धि को देखते हुए के. एन. राधाकृष्णन ने उम्मीद जताई कि इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत मांग आगे भी जारी रहेगी और यह पूरा सेगमेंट आने वाली तिमाहियों में उल्लेखनीय बढ़त हासिल करता रहेगा।


















