पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मेघालय सरकार ने अपनी नई वाहन नीति पर मुहर लगा दी है। राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी, 2026 को अपनी हरी झंडी दे दी। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों से हटकर पर्यावरण-नुकसानरहित विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत राज्य में ई-वाहन खरीदने वाले हर ग्राहक को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ प्रदान किया जाएगा।
पॉसी के तहत मिलेंगे कई बड़े वित्तीय लाभ
मंत्रालय के फैसलों की जानकारी साझा करते हुए राज्य के वरिष्ठ मंत्री मार्कस मराक ने बताया कि नई व्यवस्था के अंतर्गत इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद पर 25,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके साथ ही इन वाहनों के पंजीकरण पर लगने वाले शुल्क को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। सरकार का यह कदम शहर की हवा को साफ रखने और शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने में मदद करेगा। मंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि यह विशेष वित्तीय सहायता और छूट केवल चौपहिया वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर खरीदने वाले उपभोक्ताओं को भी इसका पूरा लाभ मिलेगा।
वर्तमान में कितनी है ई-वाहन की संख्या
अधिकारियों के अनुसार, पूर्वोत्तर के इस पहाड़ी राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन धीरे-धीरे बढ़ रहा है। मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो मेघालय की सड़कों पर पहले से ही 5,000 से अधिक इलेक्ट्रिक गाड़ियां दौड़ रही हैं। सरकार का मानना है कि इस नई नीति के लागू होने के बाद इस संख्या में और भी तेजी से इजाफा होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर चार्जिंग और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
पावर सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए अन्य फैसले
ईवी नीति के अलावा, मंत्रिमंडल ने राज्य के विद्युत क्षेत्र को वित्तीय और तकनीकी रूप से अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। इसमें बिजली उत्पादन से जुड़े कार्यों में तकनीकी मार्गदर्शन के लिए एक मुख्य तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति का निर्णय शामिल है। इसके अतिरिक्त, एक प्रमुख पारेषण लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के एवज में मुआवजे के तौर पर 22.37 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे बिजली आपूर्ति नेटवर्क को सुचारू बनाया जा सके.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी लागू है ईवी प्रोत्साहन नीति
देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो दिल्ली में भी 1 जुलाई से नई ईवी पॉलिसी प्रभावी हो चुकी है। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर पर लगाम कसने के मकसद से यह कदम उठाया गया है, जिसके तहत धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की संख्या को कम करके उनकी जगह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है। दिल्ली में सरकार द्वारा ई-वाहन खरीदारों को 1 लाख रुपये तक की भारी-भरकम सब्सिडी दी जा रही है।
दिल्ली में विभिन्न वाहनों पर मिलने वाली रियायतें
दिल्ली की इस नीति के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर 30,000 रुपये तक, थ्री-व्हीलर के मामले में 50,000 रुपये तक और इलेक्ट्रिक ट्रक की खरीद पर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, दिल्ली प्रशासन द्वारा 30 लाख रुपये तक मूल्य की इलेक्ट्रिक गाड़ियों के पंजीकरण और रोड टैक्स पर भी 100 प्रतिशत की पूर्ण छूट प्रदान की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग बैटरी चालित वाहनों का रुख करें।



















