बिहार में मॉनसून दस्तक दे चुका है, फिर भी लोगों को चिपचिपी उमस से छुटकारा नहीं मिल रहा. इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी रविवार को राज्य के 20 जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की मानें तो इन जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश हो सकती है. साथ ही करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को लेकर भी मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है.
किन 20 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक आज राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे. जिन 20 जिलों को येलो अलर्ट की सूची में रखा गया है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, पटना, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, गया, नालंदा, बेगूसराय, शेखपुरा और लखीसराय के नाम शामिल हैं. इसके उलट, राज्य के उत्तर-पूर्वी और पूर्वी हिस्से वाले जिलों के लिए फिलहाल किसी तरह की चेतावनी नहीं दी गई है. बाकी बचे 18 जिलों में आज मौसम सामान्य बने रहने का अनुमान जताया गया है.
वैज्ञानिकों के मुताबिक आने वाले 48 घंटों में राज्य के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा हो सकता है. हालांकि राहत की खबर यह है कि 5 जुलाई के बाद पूरे बिहार में मॉनसून के पूरी तरह सक्रिय होने की प्रबल संभावना जताई गई है. इसके बाद राज्यभर में झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है.
राजधानी पटना का हाल
राजधानी पटना में अगले चार दिनों तक आसमान बादलों से घिरा रहेगा. इस दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में कभी तेज हवाओं के साथ बारिश तो कभी गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. पटना में आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के दायरे में बने रहने का अनुमान है.
शनिवार को कहां रहा सबसे ज्यादा तापमान
फिलहाल बिहार में अधिकतम पारा 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे ही बना हुआ है, लेकिन हवा में भारी नमी की वजह से उमस लोगों को परेशान कर रही है. शनिवार को भभुआ राज्य का सबसे तपता इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इसके अलावा मोतिहारी, पटना, औरंगाबाद, बक्सर और गया में भी पारा 38 डिग्री सेल्सियस के करीब रिकॉर्ड किया गया.
मौसम विभाग की अपील, ये सावधानियां जरूर बरतें
आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से कुछ जरूरी सावधानियां बरतने को कहा है.
- खराब मौसम में या आसमान में बिजली कड़कते वक्त खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास जाने से बचें.
- अगर खेत में काम करते वक्त अचानक मौसम बिगड़ जाए, तो फौरन किसी पक्के और सुरक्षित मकान में शरण लें.
- वज्रपात के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से परहेज करें.
अन्नदाताओं के लिए क्या सलाह दी गई
पिछले दिनों हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बन गई है. मौसम विभाग ने किसानों से कहा है कि वे इस नमी का फायदा उठाकर धान की अगात यानी जल्दी पकने वाली किस्मों की बुआई शुरू कर दें. इसके लिए 10 से 15 जुलाई के बीच का समय सबसे उपयुक्त बताया गया है. बीजों से फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए बुआई से पहले बीजों को फफूंदनाशी दवा से उपचारित करने की सलाह दी गई है. साथ ही जिन किसानों के यहां धान की नर्सरी 10 से 15 दिन पुरानी हो चुकी है, उन्हें समय रहते निराई-गुड़ाई कर खरपतवार पर काबू पाने को कहा गया है. जिन किसानों के पास सिंचाई की अच्छी सुविधा मौजूद है, वे मध्यम अवधि वाली धान की किस्मों की रोपाई का काम भी अभी से शुरू कर सकते हैं.













