बिहार के भोजपुर जिले स्थित आरा समाहरणालय परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सामान्य प्रशाखा कार्यालय के समीप अचानक एक खतरनाक और विषैला कोबरा सांप निकल आया। जिस समय यह घटना घटी, उस दौरान कार्यालय के दर्जनों कर्मचारी और वरिष्ठ अधिकारी रोजाना की तरह फाइलों से जुड़े शासकीय कार्यों में पूरी तरह व्यस्त थे। अचानक सामने मौजूद कोबरा पर नजर पड़ते ही वहां हड़कंप मच गया और कर्मचारी अपनी जान बचाने की नीयत से तुरंत वहां से बाहर की ओर भागने लगे।
समाहरणालय परिसर में दहशत और अनहोनी का डर
विषैला सांप देखने के बाद दफ्तर परिसर में काम कर रहे लोगों के बीच भारी डर फैल गया। कर्मचारियों को यह आशंका सता रही थी कि अगर कोबरा किसी बंद कमरे, पुरानी फाइलों या कमरों में रखे सामान के बीच छिप गया, तो उसे तलाशना और पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में किसी भी कर्मचारी या आगंतुक के साथ कोई बड़ी अनहोनी घटना घटने का जोखिम बना हुआ था। इस वजह से कार्यालय के भीतर कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया और लोग दूर से ही सांप की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।
स्नेक सेवर मोहज्ज्ब खान का त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन
परिस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासनिक अमले ने तत्काल स्नेक सेवर मोहज्ज्ब खान को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मोहज्ज्ब खान बिना किसी देरी के समाहरणालय परिसर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सांप के अत्यधिक जहरीला होने के कारण रेस्क्यू के दौरान अतिरिक्त सतर्कता और सावधानी बरती गई। मोहज्ज्ब खान ने अपनी सूझबूझ और काफी मशक्कत के बाद आखिरकार कोबरा को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया।
सांप पकड़े जाने के बाद राहत की सांस और व्यवस्था पर उठे सवाल
कोबरा के सफलतापूर्वक रेस्क्यू होने के तुरंत बाद समाहरणालय परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की गहरी सांस ली। कुछ समय पहले तक जहां पूरे परिसर में भगदड़ और चीख-पुकार का वातावरण बना हुआ था, वहां सांप के पकड़े जाने के बाद धीरे-धीरे स्थिति पूरी तरह सामान्य हो सकी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने बारिश के मौसम में सरकारी दफ्तरों और उनके आसपास झाड़ियों के फैलाव के बीच जहरीले सांपों के प्रवेश की समस्या पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।























