मेक्सिको के केंद्रीय बैंक, जिसे 'बैंक ऑफ मेक्सिको' या 'बैंक्सिको' के नाम से जाना जाता है, ने 2026 की दूसरी तिमाही के लिए अपनी त्रैमासिक आर्थिक रिपोर्ट जारी कर दी है। इस नवीनतम रिपोर्ट में केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2026 के लिए देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के अनुमान में बढ़ोतरी की है, लेकिन इसके साथ ही 3.0% के मुख्य मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल करने की समयसीमा को आगे खिसका दिया है। नए आंकड़ों के अनुसार, बैंक्सिको ने वर्ष 2026 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को 1.1% से बढ़ाकर 1.5% कर दिया है। हालांकि, बैंक ने माना है कि देश में बढ़ती महंगाई पर काबू पाने में उम्मीद से अधिक समय लगेगा, जिसके कारण 3% मुद्रास्फीति लक्ष्य पर पहुंचने की समयसीमा को 2027 की दूसरी तिमाही से बढ़ाकर 2027 की अंतिम तिमाही कर दिया गया है। यह संशोधन ऐसे समय में आया है जब देश की आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती देखी जा रही है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
जीडीपी वृद्धि अनुमान में संशोधन और आर्थिक सुस्ती की चुनौतियां
वर्ष 2026 के लिए मेक्सिको के आर्थिक विकास अनुमान को 1.1% से बढ़ाकर 1.5% करने का मुख्य कारण दूसरी तिमाही के दौरान उम्मीद से बेहतर आर्थिक गतिविधियां रहना है। लेकिन इस अल्पकालिक बढ़त के बावजूद, केंद्रीय बैंक ने लंबी अवधि के लिए अपने दृष्टिकोण में सतर्कता बरती है। बैंक्सिको ने वर्ष 2027 के लिए जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 2.1% से घटाकर 2.0% कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि मेक्सिको की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था फिलहाल सुस्ती के दौर से गुजर रही है और विकास दर के सामने नीचे जाने के जोखिम अधिक बने हुए हैं।
आर्थिक अनिश्चितता का एक बड़ा कारण 'संयुक्त राज्य अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते' (यूएसएमसीए) की आगामी वार्षिक समीक्षा प्रक्रिया है। इस व्यापार समझौते की समीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कारोबारी माहौल प्रभावित हो रहा है और नए निवेश में हिचकिचाहट देखी जा रही है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाएं भी मेक्सिको के आर्थिक विकास पर दबाव बना रही हैं।
मुद्रास्फीति का दायरा और मुख्य महंगाई दर में उछाल
दूसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में कुछ सुधार के बावजूद, महंगाई दर को नियंत्रित करना बैंक्सिको के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में औसत वार्षिक हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.5% रहेगी, जो पिछले अनुमान के बिल्कुल बराबर है। हालांकि, कोर मुद्रास्फीति (जिसमें खाद्य और ऊर्जा जैसी उतार-चढ़ाव वाली वस्तुओं को शामिल नहीं किया जाता) का अनुमान वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के लिए 3.4% से बढ़ाकर 3.5% कर दिया गया है। वहीं वर्ष 2027 की चौथी तिमाही तक हेडलाइन और कोर मुद्रास्फीति दोनों के 3.0% के औसत स्तर पर आ जाने का अनुमान जताया गया है।
बैंक्सिको ने आगाह किया है कि मुद्रास्फीति के ऊपर जाने का जोखिम अभी भी काफी अधिक बना हुआ है। केंद्रीय बैंक ने कई ऐसे कारकों की पहचान की है जो महंगाई को नीचे आने से रोक सकते हैं। इनमें लगातार बनी रहने वाली कोर मुद्रास्फीति, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में व्यवधान, भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभाव, कंपनियों की परिचालन लागत में वृद्धि और मेक्सिको की मुद्रा पेसो (MXN) के मूल्य में संभावित गिरावट शामिल हैं। इन जोखिमों के कारण ही बैंक को अपने 3% मुद्रास्फीति लक्ष्य की प्राप्ति को 2027 की चौथी तिमाही तक टालना पड़ा है।
बैंक ऑफ मेक्सिको की कार्यप्रणाली और ब्याज दर नीतियां
मेक्सिको के केंद्रीय बैंक के रूप में, बैंक्सिको की प्राथमिक जिम्मेदारी देश की मुद्रा की क्रय शक्ति को बनाए रखना और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करना है। बैंक का मुख्य लक्ष्य हेडलाइन मुद्रास्फीति को 3.0% के स्तर पर या उसके आसपास बनाए रखना है, जिसके लिए 2.0% से 4.0% के बीच का सहिष्णुता बैंड (टोलरेंस बैंड) निर्धारित किया गया है। अपने इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए बैंक्सिको का सबसे मुख्य हथियार अल्पकालिक ब्याज दरें तय करना है।
जब भी देश में महंगाई दर तय लक्ष्य से ऊपर जाने लगती है, तब बैंक्सिको ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है। ब्याज दरें बढ़ने से आम नागरिकों और व्यवसायों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है, जिससे अर्थव्यवस्था में मांग घटती है और महंगाई पर अंकुश लगता है। उच्च ब्याज दरें आमतौर पर मेक्सिको की मुद्रा पेसो को मजबूती देती हैं क्योंकि इससे निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलता है और विदेशी पूंजी का आगमन होता है। इसके विपरीत, ब्याज दरों में कटौती से पेसो कमजोर होता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) और बैंक्सिको की ब्याज दरों के बीच का अंतर मेक्सिको में विदेशी निवेश और विनिमय दर को प्रभावित करने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण कारक है।
फेडरल रिजर्व के साथ बैठक चक्र और रणनीतिक कदम
बैंक्सिको की मौद्रिक नीति समिति वर्ष में आठ बार बैठक करती है। मेक्सिको की अर्थव्यवस्था अमेरिकी अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ी हुई है, इसलिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों का बैंक्सिको की नीतियों पर सीधा असर पड़ता है। इसी कारण से बैंक्सिको की मौद्रिक नीति बैठक आमतौर पर फेडरल रिजर्व की ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के ठीक एक सप्ताह बाद आयोजित की जाती है। इससे मेक्सिको के केंद्रीय बैंक को अमेरिकी नीतियों के प्रभाव का आकलन करने और उसके अनुसार अपनी ब्याज दरों को समायोजित करने का समय मिल जाता है।
ऐतिहासिक रूप से, बैंक्सिको ने आवश्यकता पड़ने पर अमेरिकी फेड से पहले भी कदम उठाए हैं। उदाहरण के लिए, कोविड-19 महामारी के बाद जब वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी थी, तब बैंक्सिको ने फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने से पहले ही मेक्सिको में ब्याज दरों में बढ़ोतरी शुरू कर दी थी। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि मेक्सिकन पेसो में बड़ी गिरावट को रोका जा सके और देश से पूंजी के बाहर जाने (कैपिटल आउटफ्लो) के खतरे को टाला जा सके।
वैश्विक वित्तीय बाजारों की स्थिति: मुद्राएं और सोना दबाव में
बैंक्सिको की रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है। विदेशी मुद्रा बाजार में, ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) मंगलवार की तेजी को गंवाते हुए बुधवार को फिर से गिरकर 1.3600 के स्तर से नीचे आ गया। अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती और नवीनतम अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के कारण पाउंड पर दबाव देखा गया।
इसी प्रकार, यूरो (EUR/USD) में भी बिकवाली का दबाव देखा गया और एशियाई बाजारों के खुलने से पहले यह 1.1600 के मध्य स्तर के करीब पहुंच गया। मजबूत अमेरिकी डॉलर, भू-राजनीतिक तनाव और गुरुवार को जारी होने वाले यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) की बैठक के ब्योरे से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद बुधवार को सोना $4,600 प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण स्तर के पास कारोबार करता दिखा, जबकि हाल ही में यह $4,700 के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया था। अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हुए सुधार के कारण सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है।
कॉर्पोरेट कमाई और केंद्रीय बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के संकेत
वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजर इस सप्ताह दो बड़ी घटनाओं पर भी टिकी हुई हैं। इनमें सबसे प्रमुख दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी एनवीडिया के त्रैमासिक परिणाम हैं, जो बुधवार शाम अमेरिकी बाजार बंद होने के बाद जारी किए जाएंगे। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया का राजस्व $92 बिलियन से अधिक रह सकता है और प्रति शेयर आय (EPS) $2.09 रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा, केंद्रीय बैंकिंग की दुनिया में सभी की नजरें जैक्सन होल इकोनॉमिक सिम्पोजियम पर हैं। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश शुक्रवार को इस सम्मेलन में अपना पहला संबोधन देने जा रहे हैं। वित्तीय बाजार के प्रतिभागी इस भाषण से भविष्य की ब्याज दर नीति, मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण और वैश्विक आर्थिक जोखिमों से निपटने की रणनीति के बारे में महत्वपूर्ण संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।


















