बिहार के सुपौल जिले से एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है, जहां झूलन पर्व के पावन अवसर पर मंदिर परिसर के समीप भजन कर रहे लोगों को एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने बुरी तरह कुचल दिया। पिपरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंगलवार देर शाम घटित इस भीषण हादसे में 3 श्रद्धालुओं की घटनास्थल पर ही जान चली गई, जबकि 3 अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इस आकस्मिक घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा।
झूलन पर्व के दौरान मंदिर के पास पसरा मातम
मिली जानकारी के मुताबिक पिपरा थाना क्षेत्र में स्थित कटैया गोठ चौक पर बने बजरंगबली मंदिर परिसर में झूलन उत्सव का आयोजन चल रहा था। इस धार्मिक कार्यक्रम में गांव के तमाम लोग एकत्रित होकर भक्ति भाव से भजन-कीर्तन में लीन थे। इसी दौरान पिपरा की दिशा से आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर भीड़ में जा घुसी। वाहन की गति इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई श्रद्धालु इसकी सीधी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में अफ़रा-तफ़री का माहौल बन गया।
हादसे में 3 लोगों की मौत और 3 लोग गंभीर रूप से घायल
इस सड़क हादसे में कटैया पंचायत के वार्ड संख्या 15 निवासी 45 वर्षीय सुरेंद्र यादव, वार्ड संख्या 12 के निवासी 65 वर्षीय तिलाई उर्फ तिलो दास और 50 वर्षीय राजू दास की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दुर्घटना में तीन अन्य ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी पहचान भुवनेश्वरी यादव, रामचंद्र यादव और कृष्ण मोहन साह के रूप में की गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए सदर अस्पताल सुपौल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है।
भागने के प्रयास में गैरेज से टकराई दुर्घटनाग्रस्त कार
हादसे को अंजाम देने के बाद कार चालक ने गाड़ी रोकने के बजाए रफ्तार बढ़ा दी और मौके से फरार होने की कोशिश की। हालांकि थोड़ी ही दूरी पर जाकर अनियंत्रित वाहन सड़क किनारे स्थित एक गैरेज में जा घुसा। संयोग से उस समय गैरेज के अंदर संचालक या कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
एनएच-327ई पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन और सड़क जाम
जैसे ही तीन ग्रामीणों की मौत की सूचना आसपास के इलाकों में फैली, लोगों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर सुपौल-पिपरा मुख्य मार्ग के साथ-साथ एनएच-327ई को पूरी तरह से बाधित कर दिया। सड़क जाम होने की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया। प्रदर्शनकारी प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तुरंत सहायता राशि देने और लापरवाह चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा और जांच शुरू
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पिपरा थाने की पुलिस बल के अलावा सदर इंस्पेक्टर संजय यादव, सदर एसडीएम मनोहर कुमार साहू तथा साइबर डीएसपी सौरभ गुप्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों ने उग्र ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया और उचित न्याय का आश्वासन दिया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल मौके पर कैंप कर रहा है। फिलहाल पुलिस कार के पंजीकरण नंबर के आधार पर उसके मालिक और दुर्घटना के वक्त गाड़ी चला रहे चालक की पहचान करने में जुटी हुई है। इस घटना ने एनएच-327ई पर वाहनों की तेज रफ्तार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



















