बिहार में अगर आप गाड़ी लेकर राज्य के हाईवे पर निकलते हैं, तो अब जेब थोड़ी ढीली करनी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार, 1 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे बड़ा फैसला यही रहा कि अब बिहार के स्टेट हाईवे पर भी नेशनल हाईवे की तरह टोल टैक्स वसूला जाएगा। यानी कार, जीप और टेंपो से लेकर बस और ट्रक तक, हर तरह के वाहन चालकों को अब इन सड़कों पर सफर करने के लिए टोल चुकाना होगा।
किस वाहन से कितना टोल वसूला जाएगा
कैबिनेट ने वाहनों की श्रेणी के हिसाब से टोल की दरें भी तय कर दी हैं।
- हल्के मोटर वाहनों यानी कार, जीप जैसी गाड़ियों के लिए 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है।
- ट्रक जैसे भारी वाहनों को 6.65 रुपये प्रति किलोमीटर चुकाने होंगे।
- इससे भी बड़ी क्षमता वाले वाहनों के लिए यह दर 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर रखी गई है।
डिजिटल भुगतान पर जोर, हर साल होगी समीक्षा
सरकार चाहती है कि टोल वसूली का पूरा सिस्टम आधुनिक और पारदर्शी हो, इसलिए फास्टैग और बाकी मंजूरी प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक तरीकों से डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा शुल्क की हर साल समीक्षा करने का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर टोल की दरों में फेरबदल किया जा सके।
बिना फास्टैग और ओवरलोड वाहनों पर ज्यादा बोझ
नई व्यवस्था में उन वाहनों के लिए सख्ती रखी गई है जिनके पास फास्टैग नहीं है, ऐसे वाहनों से सामान्य दर से ज्यादा टोल वसूला जाएगा। इसी तरह तय सीमा से ज्यादा माल लादकर चलने वाले ओवरलोडेड वाहनों पर भी अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगेगा। हालांकि स्थानीय और रोजाना आने जाने वाले यात्रियों को राहत भी दी गई है, तय की गई श्रेणियों के मुताबिक उन्हें छूट, रियायती पास और मल्टीपल ट्रिप की सुविधा मिलेगी।
नई दरें कब से लागू होंगी
फिलहाल यह साफ नहीं है कि नई टोल दरें किस तारीख से लागू होंगी। सड़कों पर चलने वाले वाहनों के भार से जुड़ी रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
कैबिनेट में और क्या क्या फैसले हुए
टोल टैक्स के अलावा बुधवार की बैठक में कई और अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।
- पटना नगर निगम अब 200 करोड़ रुपये तक का निगम बॉन्ड जारी कर सकेगा।
- गन्ना यंत्रिकरण योजना और बीज विकास योजना को भी मंजूरी दे दी गई है।
- बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 की अवधि आगे बढ़ा दी गई है, और जब तक नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति लागू नहीं होती, तब तक पुरानी पॉलिसी ही चलती रहेगी।
- गयाजी जिले के डोभी में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत डोभी मोड़ से चंदाग्रम होते हुए वभनदेव जंगल के पास पक्की सड़क तक फोरलेन बनाने के लिए जमीन हस्तांतरण को हरी झंडी मिल गई है।
- पूर्णिया, राजगीर, मधेपुरा, मधुबनी और शेखपुरा में पांच नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जमीन का रास्ता साफ हो गया है, राज्य सरकार केंद्र को यह जमीन 30 साल के लिए लीज पर देगी।
- 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के आधार पर अगले 4 सालों में पंचायतों को केंद्र सरकार से 51 हजार 923 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, जिसे तीन स्तर की पंचायती राज संस्थाओं के बीच बांटा जाएगा।
- बिहार में पत्थर के भूखंडों की बंदोबस्ती अब ई नीलामी के जरिए होगी, और इसका अधिकार समाहर्ता को दे दिया गया है।
- बक्सर सेंट्रल जेल की जमीन पर बने वामन मंदिर को अब जेल परिसर से अलग किया जाएगा।
- बिहार सरकार अपने खर्च पर राज्य के 1100 श्रद्धालुओं को गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की यात्रा कराएगी, इसके लिए कैबिनेट ने ढाई करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। कला एवं संस्कृति विभाग ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर 20 जुलाई 2026 को दो दिन की यह यात्रा कराने का फैसला लिया है।
- पटना जू में 23 नए पद बनाने को मंजूरी मिली है, इनमें एक नियमित और 22 संविदा आधारित पद शामिल हैं, वहीं पहले बनाए गए 29 पदों को वापस करने का भी फैसला हुआ है।
- बिहार के 31 बस स्टैंड को पीपीपी मोड पर विकसित करने की सैद्धांतिक मंजूरी भी कैबिनेट ने दे दी है, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के तहत आने वाले इन बस अड्डों को अब आधुनिक सुविधाओं के साथ बनाया जाएगा।













