बिहार के पटना अंतर्गत दीदारगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 की रात हथियारबंद अज्ञात अपराधियों ने एक युवक पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर उसकी जान ले ली। यह सनसनीखेज वारदात गुलमहियाबाग इलाके में घटित हुई, जहां गंभीर रूप से जख्मी होने के बाद युवक ने दम तोड़ दिया। मृतक की शिनाख्त सुकुलपुर निवासी गुलशन कुमार के तौर पर हुई है, जिनके पिता का नाम अनिल सिंह है। गोलीबारी की इस घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और परिजनों ने लहूलुहान हालत में गुलशन को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा हो गया।
घटनास्थल पर तनाव और सुरक्षा से जुड़े सवाल
शुक्रवार की देर रात हुई इस हिंसक घटना की सूचना फैलते ही आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। हमलावरों ने किस वजह से युवक को निशाना बनाया और इस गोलीबारी के पीछे कौन लोग शामिल थे, इस बारे में अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस प्रशासन के सामने हमलावरों की पहचान उजागर करने और हत्या की वास्तविक वजह तलाशने की कड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय स्तर पर गुलशन कुमार कच्ची दरगाह बिदुपुर सिक्स लेन मार्ग पर बाइक राइडिंग के लिए जाने जाते थे। इसके अलावा वह बाइक स्टंट और राइडिंग से जुड़े वीडियो के जरिए भी इलाके में काफी चर्चित थे। हालांकि, इस हत्याकांड का संबंध उनकी बाइक राइडिंग से है या किसी अन्य रंजिश से, यह फिलहाल साफ नहीं हो सका है और पुलिस हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर आगजनी और प्रदर्शन
युवक की मौत से आक्रोशित परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने कानून व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया। गुस्साए लोगों ने मृतक का शव नेशनल हाईवे पटना के दीदारगंज NH30 स्थित शुकुलपुर इलाके में सड़क के बीचों-बीच रखकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की और जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई किलोमीटर तक लगे इस भारी जाम के कारण आम राहगीरों, एंबुलेंस और लंबी दूरी के वाहन चालकों को घंटों तक भारी परेशानी से जूझना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग थी कि इस नृशंस वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को अविलंब चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि त्वरित गिरफ्तारी के बिना उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद खुला राजमार्ग
राजमार्ग जाम होने और उग्र प्रदर्शन की खबर मिलते ही फतुहा के एसडीपीओ अवधेश कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने उत्तेजित परिजनों और स्थानीय लोगों से सीधी बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि मामले की गहन तफ्तीश की जा रही है और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस ठोस भरोसे के बाद परिजनों ने अपना आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके उपरांत पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया और सड़क पर जल रहे टायरों को हटवाकर NH-30 पर वाहनों की आवाजाही को दोबारा सामान्य कराया।
जांच में जुटी पुलिस और परिजनों की गुहार
राजधानी के दीदारगंज इलाके में सरेआम हुई इस हत्या और उसके बाद उपजे जनाक्रोश ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारियों की टीम सभी संभावित बिंदुओं पर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हत्या के पीछे का मुख्य कारण क्या था और इसमें किन अपराधियों का हाथ है। पीड़ित परिवार अब केवल इस बात की प्रतीक्षा कर रहा है कि पुलिस जल्द से जल्द हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजे ताकि मृतक को उचित न्याय मिल सके।



















