धार्मिक अनुष्ठानों और उपवास के मौकों पर लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर में कमजोरी और सुस्ती आना आम बात है। ऐसी स्थिति में खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है ताकि शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो। फलाहारी सामग्री और सूखे मेवों के मेल से तैयार किए गए चूरमा लड्डू उपवास के लिए एक गुणकारी और स्वादिष्ट मिष्ठान्न साबित होते हैं। यह व्यंजन प्रोटीन, जरूरी वसा और प्राकृतिक मिठास से भरपूर होता है, जिससे पेट काफी देर तक भरा महसूस होता है और दिनभर ऊर्जा का स्तर बना रहता है। घर पर उपलब्ध बुनियादी सामग्रियों की मदद से इसे बेहद सरलता से तैयार किया जा सकता है।
आवश्यक सामग्री और सही अनुपात
इस फलाहारी व्यंजन को तैयार करने के लिए एक कप सिंघाड़े का आटा अथवा राजगिरा का आटा लिया जाता है। इसके अलावा काजू, बादाम, पिस्ता, मखाना, खजूर, किशमिश, चिरौंजी, देसी घी और सुगंध के लिए इलायची पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है।
मेवे तैयार करने और आटा भूनने का तरीका
लड्डू बनाने की शुरुआत मेवों को तैयार करने से होती है। काजू, बादाम, पिस्ता और मखाने को धीमी आंच पर हल्का सूखा भून लिया जाता है। जब ये सामग्री ठंडी हो जाए, तो इन्हें दरदरा कूट या पीस लिया जाता है। इन्हें बिल्कुल महीन पाउडर बनाने से बचना चाहिए, ताकि लड्डू खाते समय मेवों का कुरकुरापन महसूस हो सके। इसके बाद खजूर को पीसकर उसका चिकना पेस्ट तैयार कर लिया जाता है।
अगले चरण में एक भारी तले की कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में घी गर्म किया जाता है। फिर इसमें सिंघाड़े या राजगिरा के आटे को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक सेका जाता है जब तक कि उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और भीनी सुगंध न आने लगे। आटा अच्छी तरह भुन जाने पर आंच बंद कर दी जाती है और उसे हल्का ठंडा होने दिया जाता है।
मिश्रण तैयार करना और लड्डू बांधना
भुने हुए आटे में दरदरे पिसे सूखे मेवे, तैयार खजूर का पेस्ट, किशमिश, चिरौंजी और कुटी हुई इलायची का पाउडर डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाया जाता है। यदि मिश्रण सूखा या बिखरा हुआ लगे, तो इसमें आवश्यकतानुसार थोड़ा और पिघला हुआ घी मिलाया जा सकता है ताकि बाइंडिंग सही हो सके। जब मिश्रण हल्का गुनगुना हो, तभी हथेलियों की मदद से गोल आकार के लड्डू बना लिए जाते हैं। इन लड्डुओं को 15 से 20 मिनट तक खुला रखकर पूरी तरह ठंडा और सेट होने दिया जाता है।
पोषण से जुड़े लाभ और भंडारण की अवधि
इन लड्डुओं में मिले बादाम, काजू और पिस्ता शरीर को स्वस्थ वसा और प्रोटीन प्रदान करते हैं। खजूर से प्राकृतिक मिठास मिलने के साथ तुरंत शक्ति मिलती है, जबकि मखाना और सिंघाड़े का आटा व्रत के अनुकूल सुपाच्य पोषण उपलब्ध कराते हैं। तैयार लड्डुओं को किसी वायुरोधी डिब्बे में भरकर 8 से 10 दिनों तक आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता है। सुबह या शाम के समय एक या दो लड्डू खाने से भूख नियंत्रित रहती है और शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है।



















