अहमदाबाद शहर में नौ दिवसीय नवरात्र पर्व के भव्य आयोजनों को सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए कानून व्यवस्था तंत्र ने व्यापक तैयारी की है। 11 से 19 अक्टूबर के बीच मनाए जाने वाले इस लोक उत्सव के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से 14,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और होमगार्ड जवानों की तैनाती का खाका तैयार किया गया है। जमीन पर निगरानी रखने के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी प्रणालियों, जिनमें 4,000 सीसीटीवी नेटवर्क और AI आधारित उपकरण शामिल हैं, का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के अनुसार, महानगर में लगभग 84 कमर्शियल गरबा आयोजनों को मंजूरी देने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि विभिन्न मोहल्लों और कॉलोनियों में करीब 1,300 नुक्कड़ गरबा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
महानगर में हाईटेक निगरानी तंत्र और नियंत्रण कक्ष
पार्टी प्लॉट, व्यावसायिक परिसरों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए सुरक्षा तंत्र को डिजिटल निगरानी से लैस किया गया है। शहर में स्थापित लगभग 4,000 कैमरों को सीधे केंद्रीय सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष से जोड़ा गया है, जिससे हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे सीधी नजर रखी जा सकेगी। इसके अलावा आयोजकों से भी अपने परिसरों में पर्याप्त कैमरे लगाने को कहा गया है। इन व्यवस्थाओं में ऐसे AI युक्त कैमरे शामिल किए गए हैं जो आयोजन स्थल के भीतर मौजूद लोगों की संख्या की रियल-टाइम गणना करने में सक्षम हैं, ताकि अत्यधिक भीड़ की स्थिति से निपटा जा सके।
महिला सुरक्षा के लिए विशेष दस्तों की तैनाती
उत्सव स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए कड़े प्रबंध किए गए हैं। पुलिस सब-इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और सेक्टर स्तर के लगभग 500 वरिष्ठ अधिकारी जमीन पर तैनात पूरे बल की कमान संभालेंगे। विशेष तौर पर गठित 'SHE टीम' के करीब 300 अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी मैदान में सक्रिय रहेंगे। इस दस्ते के सदस्य आयोजन परिसरों में दोहरे प्रारूप में काम करेंगे, जिसमें कुछ सदस्य पारंपरिक परिधानों में गरबा खेलने वाले लोगों के बीच मौजूद रहेंगे, जबकि कुछ सदस्य वर्दी में तैनात रहकर त्वरित सहायता और सुरक्षा उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
साइबर सुरक्षा, नशा रोकथाम और ट्रैफिक व्यवस्था
ऑनलाइन मंचों पर महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए साइबर क्राइम शाखा की एक विशेष टीम और 'साइबर रक्षक' नाम का दस्ता लगातार इंटरनेट की निगरानी करेगा। यह दस्ता सोशल मीडिया पर ऐसी किसी भी गतिविधि की पहचान करेगा जहां गरबा स्थलों पर ली गई तस्वीरों या वीडियो का गलत उपयोग किया जा रहा हो या उन्हें आपत्तिजनक रूप में साझा किया जा रहा हो।
आयोजन स्थलों पर अवैध नशीले पदार्थों और शराब के इस्तेमाल को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत निम्नलिखित कड़े कदम तय किए गए हैं
- संवेदनशील स्थानों और चौराहों पर विशेष चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों की तुरंत धरपकड़ की जा सके।
- विशेष अभियान समूह (SOG) की टीमें एंटी-नारकोटिक्स किट, ड्रग डिटेक्शन किट और ब्रेथ एनालाइजर का उपयोग करके संदिग्ध व्यक्तियों की जांच करेंगी।
- आयोजन स्थलों के आसपास नशाखोरी अथवा उपद्रव करने वालों के खिलाफ मौके पर ही कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नागरिकों और उत्सव में भाग लेने वाले लोगों से प्रशासन ने अपील की है कि वे वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही खड़ा करें और सड़कों पर सुचारू आवागमन बनाए रखने के लिए यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें।


















