बिहार के रोहतास जिले की एक स्थानीय अदालत ने वैवाहिक रिश्ते को तार-तार कर देने वाले एक हत्याकांड में कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने पति की जान लेने की दोषी पाई गई पत्नी पूनम कुमारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीवन लाल की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद यह अहम फैसला गुरुवार को सुनाया। अदालत ने दोषी महिला पर उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 15 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। दूसरी तरफ, इसी मामले में सह-अभियुक्त बनाए गए कथित प्रेमी कमलेश कुमार को अदालत ने पर्याप्त कानूनी सबूत न मिलने की वजह से दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया। इस न्यायिक निर्णय के सामने आने के बाद मृतक अमन कुमार के परिजनों ने फैसले पर गहरा संतोष जाहिर किया है।
साजिश के तहत पहले नशीली गोलियां दीं, फिर दबा दिया गला
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए विवरण के अनुसार यह सनसनीखेज वारदात 13 अक्टूबर 2022 को घटी थी। रोहतास जिले के चेनारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नरैना गांव में अमन कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के तुरंत बाद मृतक के पिता मुरली मनोहर सिंह, जो नरैना गांव के ही निवासी हैं, उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए चेनारी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
दर्ज कराई गई शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया गया था कि अमन कुमार की पत्नी पूनम कुमारी ने अपने कथित प्रेमी कमलेश कुमार की मिलीभगत से इस जघन्य हत्याकांड की साजिश रची थी। घटना वाली रात पूनम ने एक सुनियोजित चाल के तहत पहले अपने पति को धोखे से नींद की दवा खिला दी ताकि वह पूरी तरह बेसुध हो जाए। जब दवा के असर से अमन कुमार अचेत हो गया, तब उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर तफ्तीश आगे बढ़ाई और जुटाए गए साक्ष्यों के सहारे आरोपियों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
न्यायालय में नौ गवाहों के बयानों से साबित हुआ जुर्म
इस पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया और अदालत की कार्यवाही की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक विद्यासागर राय ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन ने अपने पक्ष को मजबूती से साबित करने के लिए कुल नौ गवाहों की गवाही अदालत में कराई। गवाहों के बयानों और पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए तमाम दस्तावेजी व परिस्थितिजन्य सबूतों का अदालत ने बारीकी से परीक्षण किया।
लंबी कानूनी बहस और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत इस नतीजे पर पहुंची कि पूनम कुमारी के खिलाफ पति की हत्या का अपराध पूरी तरह साबित होता है। न्यायाधीश ने पूनम कुमारी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया।
सबूतों की कमी के चलते कमलेश कुमार को मिली राहत
मामले में कमलेश कुमार के खिलाफ भी हत्या की इस साजिश में सक्रिय रूप से शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया था। हालांकि मुकदमे के दौरान न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष कमलेश के खिलाफ सीधे या पुख्ता कानूनी साक्ष्य पेश करने में सफल नहीं रहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि संदेह के आधार पर किसी को सजा नहीं दी जा सकती और पर्याप्त सबूतों के अभाव का लाभ देते हुए कमलेश कुमार को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया गया।
चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद पीड़ित परिवार को मिला सुकून
लगभग चार साल पुराने इस दर्दनाक हत्याकांड में अदालत का फैसला आते ही पीड़ित परिवार ने राहत महसूस की। मृतक अमन कुमार के पिता और अन्य पारिवारिक सदस्यों ने अदालत के इस कड़े कदम को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। परिजनों का कहना था कि यद्यपि वे अपने बेटे को वापस नहीं पा सकते, लेकिन कानून द्वारा दोषी पत्नी को सलाखों के पीछे भेजे जाने से उनके लंबे संघर्ष को न्याय मिला है।





















