बिहार के गया जी हवाई अड्डे पर शुक्रवार को सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए एक विशेष वार्षिक बम थ्रेट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मकसद किसी आपात स्थिति, जैसे कि हवाई अड्डे परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या बम मिलने अथवा फोन पर धमकी भरी फर्जी सूचना प्राप्त होने पर सुरक्षा तंत्र की त्वरित प्रतिक्रिया और सक्रियता की जांच करना था। अभ्यास के दौरान विभिन्न सुरक्षा दस्तों ने सुनियोजित तरीके से मोर्चा संभालते हुए पूरे परिसर को सुरक्षित करने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की परख
इस वृहद अभ्यास का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि यदि कभी टर्मिनल या आसपास के क्षेत्र में विस्फोटक मिलने की अफवाह फैलाई जाए अथवा वास्तविक खतरा पैदा हो, तो एजेंसियां कितनी फुर्ती से हरकत में आती हैं। यात्रियों की जानमाल की हिफाजत और विमानपत्तन के पूरे स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया गया। इस दौरान संदेश प्रसारण से लेकर राहत एवं बचाव के हर चरण का बारीकी से परीक्षण किया गया ताकि किसी भी संकट के समय कोई चूक न रहे।
कई सुरक्षा एजेंसियों और एयरलाइंस की संयुक्त सहभागिता
इस सुरक्षा अभ्यास में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS), राज्य पुलिस की बम निरोधक एवं डॉग स्क्वॉड (BDDS) टीम और अग्निशमन विभाग के अधिकारी तथा जवान पूरी मुस्तैदी के साथ शामिल हुए। इसके साथ ही हवाई अड्डे के विभिन्न प्रशासनिक प्रभागों के अलावा इंडिगो और एयर इंडिया जैसी प्रमुख एयरलाइंस के प्रतिनिधियों ने भी इस अभ्यास में हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों ने मिलकर यह परखा कि किसी आपात कॉल के आते ही किस तरह विभिन्न इकाइयों के बीच सूचनाएं साझा की जाती हैं और आपसी समन्वय को किस प्रकार मजबूत रखा जा सकता है।
वीआईपी मूवमेंट और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा पर जोर
गया जी हवाई अड्डे पर इस पूरे अभ्यास का आयोजन सुरक्षा विभाग और प्रचालन विभाग की ओर से संयुक्त रूप से किया गया। यह पूरी कवायद विमानपत्तन निदेशक अवधेश कुमार के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में संपन्न कराई गई। गया हवाई अड्डे से नियमित घरेलू उड़ानों के साथ साथ कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का आवागमन भी होता है, जिसमें बड़ी संख्या में वीआईपी (VIP) यात्री सफर करते हैं। संवेदनशील उड़ानों और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लगातार आवागमन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा चक्र को पूरी तरह अभेद्य बनाए रखने के उद्देश्य से यह व्यापक अभ्यास संपन्न हुआ।





















