हाजीपुर डबल मर्डर में दो और गिरफ्तार, 10 जुलाई को ही तय हो गई थी जितेंद्र कुमार की हत्या की साजिशबिहार
2 घंटे पहले· 2

हाजीपुर डबल मर्डर में दो और गिरफ्तार, 10 जुलाई को ही तय हो गई थी जितेंद्र कुमार की हत्या की साजिश

बिहार के हाजीपुर में आर्मी जवान जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुनारी राय की हत्या की साजिश 10 जुलाई को ही रची गई थी। पुलिस ने साजिश में शामिल पप्पू कुमार और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है, जिसने हत्यारे को पटना के हॉस्टल में छिपाया था।

बिहार के हाजीपुर में आर्मी जवान और उनके पिता की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह हत्या अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी। पुलिस ने इस साजिश में शामिल पप्पू कुमार और एक नाबालिग युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

12 जुलाई को क्या हुआ था

12 जुलाई की सुबह हाजीपुर में आर्मी जवान जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुनारी राय को रास्ते को लेकर हुए विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को पाटीदार जगदीश राय ने अपने परिवार के लोगों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। बाप-बेटे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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जगदीश राय का एनकाउंटर और गिरफ्तारी

हत्या के अगले दिन यानी 13 जुलाई को पुलिस ने मुख्य आरोपी जगदीश राय का एनकाउंटर किया और उसे दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान जगदीश राय ने पुलिस की गाड़ी में तैनात एक जवान का हथियार छीन लिया और पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसके दोनों पैरों में गोली मार दी, जिसके बाद उसे काबू में लेकर गिरफ्तार किया गया। जगदीश राय फिलहाल अस्पताल में इलाज करा रहा है।

साजिश की परतें कैसे खुलीं

पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि यह जमीन का विवाद काफी पुराना था, लेकिन जितेंद्र कुमार और मुनारी राय की हत्या की योजना अचानक नहीं बनी थी। पुलिस के मुताबिक 10 जुलाई को ही हत्या की साजिश रच ली गई थी और आरोपी सिर्फ सही मौके का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही जितेंद्र कुमार अपने घर लौटे और रास्ते को लेकर विवाद हुआ, जगदीश राय ने बाप-बेटे दोनों को गोली मारकर हत्या कर दी। इससे साफ है कि हत्यारे इस मौके की ताक में पहले से बैठे थे।

पप्पू कुमार की भूमिका आई सामने

गिरफ्तार पप्पू कुमार को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सामने भी पेश किया। वह पटना जिले का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, वह हत्या की योजना बनाने और साजिश रचने में शुरू से शामिल था। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे जगदीश राय और उसके साथियों को सुरक्षित जगह पर छिपाकर रखने की जिम्मेदारी भी पप्पू कुमार ने ही निभाई।

नाबालिग ने हॉस्टल में दी पनाह

इस मामले में गिरफ्तार नाबालिग युवक को पुलिस ने मीडिया के सामने नहीं लाया और सीधे न्यायालय में पेश कर दिया। पुलिस जांच में पता चला कि नाबालिग के पिता सत्येंद्र राय और हत्यारा जगदीश राय काफी पुराने दोस्त थे। दोनों मिलकर गांजा तस्करी का धंधा चलाते थे और इसी मामले में पहले जेल भी जा चुके थे। नाबालिग युवक भी इस पूरी साजिश में शामिल पाया गया। 12 जुलाई को वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद पप्पू कुमार जगदीश राय और उसके साथी को हाजीपुर से सीधे पटना ले गया। वहां से दोनों को पटना के एक बॉयज हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां वह नाबालिग रह रहा था। यानी हत्या के तुरंत बाद हत्यारे को छिपाने का पूरा इंतजाम पहले से तय था।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

हाजीपुर पुलिस टीम इस मामले की जांच लगातार आगे बढ़ा रही है। साजिशकर्ता पप्पू कुमार और नाबालिग युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। वहीं मुख्य आरोपी जगदीश राय पहले ही एनकाउंटर में गिरफ्तार किया जा चुका है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

सवाल-जवाब

हाजीपुर में आर्मी जवान और उनके पिता की हत्या कब हुई थी?
12 जुलाई की सुबह जितेंद्र कुमार और उनके पिता मुनारी राय की रास्ते के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हत्यारे जगदीश राय को कब गिरफ्तार किया गया?
13 जुलाई को पुलिस ने एनकाउंटर कर जगदीश राय के दोनों पैरों में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया।
हत्या की साजिश कब रची गई थी?
पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश 10 जुलाई को ही रच ली गई थी, यानी वारदात से दो दिन पहले।
पप्पू कुमार की इस मामले में क्या भूमिका थी?
पप्पू कुमार हत्या की योजना बनाने में शुरू से शामिल था और वारदात के बाद उसी ने हत्यारे जगदीश राय को छिपाने की जिम्मेदारी निभाई।
नाबालिग युवक ने हत्यारे की मदद कैसे की?
नाबालिग के पिता सत्येंद्र राय और जगदीश राय पुराने दोस्त थे, और हत्या के बाद जगदीश राय को पटना के जिस बॉयज हॉस्टल में छिपाया गया, वहां यही नाबालिग रहता था।
जगदीश राय अभी कहां है?
गिरफ्तारी के दौरान गोली लगने के बाद जगदीश राय का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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