भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल से एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना की खबर आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर बालू से भरा एक बेकाबू ट्रक सड़क किनारे बने कच्चे घर पर जा पलटा, जिससे मलबे में दबकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। हादसे में परिवार के सात से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कैसे हुआ हादसा
भवानीपुर थाना क्षेत्र में सुबह करीब सात बजे यह हादसा हुआ। खगड़िया की तरफ से आ रहा दस पहियों वाला बालू लदा ट्रक अचानक नियंत्रण खोकर सड़क किनारे नारायणपुर गांव में भिखारी मलिक के घर पर पलट गया। घटना के वक्त परिवार के ज्यादातर सदस्य घर के भीतर ही मौजूद थे, इसलिए मलबे और बालू के नीचे कई लोग दब गए। घर काफी कमजोर और कच्चा था, इसलिए ट्रक की टक्कर लगते ही पूरी छत और दीवारें भरभरा कर गिर पड़ीं।
दो बच्चों समेत तीन की मौत
मलबे में दबने से छह साल के अंकुश राज और नौ साल की राधा कुमारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से जख्मी इंदु देवी, उम्र 40 साल, को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणपुर ले जाया गया, फिर हालत बिगड़ने पर बेहतर इलाज के लिए जेएलएनएमसीएच, मायागंज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
सात से ज्यादा लोग घायल
हादसे में परिवार के कई और सदस्य भी घायल हुए हैं, जिनमें नीरज कुमार, उम्र 22 साल, गुड्डू मलिक, उम्र 28 साल, कारे मलिक, उम्र 14 साल, ममता कुमारी, उम्र 17 साल, सपना कुमारी, उम्र 12 साल, मौसम कुमारी, उम्र 20 साल, और सिर्फ सात महीने का प्रीतम कुमार शामिल हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और परिवार के बाकी सदस्य पूरी रात उनकी देखभाल में जुटे रहे।
गुस्साए ग्रामीणों ने जाम किया एनएच-31
हादसे की खबर फैलते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मलबा हटाने में जुट गए। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए नारायणपुर बस स्टैंड के पास एनएच-31 को जाम कर दिया। सूचना मिलते ही भवानीपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर यातायात सामान्य कराया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ट्रक चालक के भी वाहन में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन ने दी आर्थिक मदद, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
नवगछिया अनुमंडल प्रशासन ने तीनों मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। वहीं स्थानीय ग्रामीण अजय रविदास ने बताया कि मृतक परिवार बेहद गरीब था और फूस-तिरपाल के सहारे राजमार्ग किनारे गुजर-बसर कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मलिक समाज को जो जमीन दी है, वह रहने लायक ही नहीं है क्योंकि वहां सड़क, बिजली और पानी की निकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। उनका यह भी कहना था कि पसराहा से नवगछिया के बीच एनएच-31 पर लगातार हादसे होते रहते हैं और हर महीने कई लोगों की जान चली जाती है, फिर भी हालात सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।













