स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंजाब को दहलाने की एक खतरनाक कोशिश को राज्य पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया है। अमृतसर की एक पुलिस चौकी को निशाना बनाकर 15 अगस्त के दिन बड़ा धमाका करने की योजना बनाई गई थी। पुलिस की सतर्कता और खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए व्यापक अभियान के दौरान विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इसके साथ ही संभावित हमले को टालते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।
स्वतंत्रता दिवस पर अमृतसर में कड़ी चौकसी
15 अगस्त के मद्देनजर अमृतसर शहर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बेहद सख्त रखी गई थी। शहर की ओर जाने वाले प्रमुख राजमार्गों के अलावा अंदरूनी रास्तों पर भी विशेष नाकेबंदी की गई थी। पंजाब पुलिस की विशेष टीमें दिन-रात वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थीं। इसी नियमित जांच अभियान के दौरान पुलिस बल को क्षेत्र में कुछ संदिग्ध गतिविधियों की भनक लगी। इसके तुरंत बाद पूरे इलाके को घेरकर एक गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिससे आतंकी मंसूबों पर पानी फिर गया।
आईईडी और धमाके का सामान बरामद
सघन तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से एक शक्तिशाली आईईडी बरामद हुआ। इस विस्फोटक के साथ इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, बैटरी, टाइमर और एक लोहे का बॉक्स भी जब्त किया गया। विस्फोटक मिलते ही इलाके में सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया और पूरे स्थान को सील कर दिया गया। इसके तुरंत बाद बम डिस्पोजल स्क्वॉड को बुलाया गया। विशेषज्ञों की टीम ने सभी जरूरी सुरक्षा सावधानियों का पालन करते हुए आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली।
पाकिस्तानी नेटवर्क की तलाश और सीसीटीवी पड़ताल
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बरामद आईईडी को तैयार करने के लिए आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। जांच अधिकारियों के अनुसार यह विस्फोटक सामग्री सीमा पार यानी पाकिस्तान से भेजी गई थी। पुलिस अब इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि यह विस्फोटक भारत में किस नेटवर्क के जरिए दाखिल हुआ और इसे अमृतसर तक पहुंचाने में किन स्थानीय मददगारों की भूमिका थी। मामले में संबंधित पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाया जा सके।
आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई
पंजाब में शांति, सुरक्षा और आम नागरिकों की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने अपना रुख सख्त कर लिया है। राज्य से आतंकी नेटवर्क का पूरी तरह खात्मा करने और संगठित आपराधिक गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए यह विशेष छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





















